कोविड आइसीयू में 12 वेंटिलेटर पर 3 एनेस्थिसिया डॉक्टर, वो भी रोस्टर ड्यूटी पर

-10 नए वेंटिलेटर लगाने की तैयारी, प्रोटोकॉल के अनुसार हर 4 बेड पर एक टीम जरूरी
-एनेस्थिसिया विभाग की एचओडी को कोविड से हटाकर जिला अस्पताल भेज चुके
-न वैकेंसी पर आ रहे डॉक्टर, न आउट सोर्स से हो रही जरूरत पूरी

खंडवा.
कोरोना संक्रमण के इलाज के लिए कोविड अस्पताल में संसाधन तो सरकार द्वारा उपलब्ध कराए जा रहे हैं, लेकिन डॉक्टर्स की कमी को दूर नहीं कर पा रहे है। जिला अस्पताल के कोविड केयर अस्पताल के आइसीयू में 10 और सारी वार्ड में 2 वेंटिलेटर लगा दिए गए है, लेकिन इन्हें ऑपरेट करने के लिए सिर्फ तीन एनेस्थिसिया डॉक्टर्स ही उपलब्ध है। ये तीनों डॉक्टर भी रोस्टर अनुसार ड्यूटी कर रहे है। कोविड ड्यूटी के बाद सात दिन का क्वॉरेंटीन भी नियमानुसार जरूरी है।
कोरोना संक्रमण के रोजाना 8 से 10 मरीज रोज सामने आ रहे है। कोरोना संक्रमण के शिकार बिना लक्षमण वाले मरीजों को ट्रिपल सी, हलके लक्षण वाले मरीजों को डीसीएचसी और बुजुर्ग व गंभीर मरीजों को कोविड अस्पताल के डीसीएच आइसीयू में रखा जा रहा है। आइसीयू में भर्ती मरीजों में अधिकतर को सांस लेने की समस्या के चलते ऑक्सीजन लगाई जा रही है। ज्यादा गंभीर होने पर मरीज को वेंटिलेटर पर रखा जाता है। पहले आइसीयू में वेंटिलेटर की कमी थी, जिसे पूरा कर दिया गया है। अब यहां वेंटिलेटर ऑपरेट करने के लिए एनेस्थिसिया डॉक्टर की कमी है।
डीसीएच आइसीयू मेडिकल कॉलेज के तीन सीनियर रेसिडेंसी एनेस्थेटिक डॉ. दीपक मुजाल्दा, डॉ. श्वेता, डॉ. प्रेम पटेल की ड्यूटी लगाई गई है। कोविड आइसीयू में तीन एनेस्थिसिया तीन शिफ्ट में कार्य कर रहे हैं। जबकि प्रोटोकॉल के अनुसार हर 4 वेंटिलेटर पर एक एनेस्थिसिया, एक एमडी मेडिसिन, एक चेस्ट फिजिशियन और एक एमबीबीएस डॉक्टर होना जरूरी है। प्रोटोकॉल के अनुसार तो कोविड में शुरू से डॉक्टर की कमी रही हैं, लेकिन दो माह से ज्यादा मरीज सामने आने से परेशानी भी बढ़ रही है। डीसीएच में गंभीर मरीजों की संख्या बढऩे पर कभी भी स्थिति यहां गंभीर हो सकती है। वर्तमान में कोविड अस्पताल के सारी वार्ड में तीन, ट्रिपल सी में 34, डीसीएचसी में 25 और डीसीएच आइसीयू में 6 मरीज भर्ती है।
आउटसोर्स से भी नहीं हो रही पूर्ति
पूर्व में डीसीएच का इंचार्ज मेडिकल कॉलेज की एनेस्थिसिया विभागाध्यक्ष डॉ. सरीता गोहिया को बनाया गया था। जिला अस्पताल में एनेस्थिसिया की कमी के चलते ऑपरेशन बंद होने से उन्हें वहां से हटाकर जिला अस्पताल ओटी में भेज दिया गया। इसके बाद आउट सोर्स से कोविड और नान कोविड के लिए मेडिकल कॉलेज द्वारा एनेस्थिसिया सहित अन्य पदों की पूर्ति करने की कोशिश की गई। अब तक एनेस्थिसिया विभाग सहित अन्य विभागों में पीजी डॉक्टर्स की कमी को पूरा नहीं किया जा सका है।
ऑन काल ड्यूटी लगा रखी है
कोविड प्रोटोकॉल और गाइड लाइन में सरकार ने कई बदलाव किए हैं, लेकिन डॉक्टर्स की कमी तो बनी हुई है। कोविड आइसीयू में बड़ी मुश्किल से ड्यूटी करा रहे है। गंभीर स्थिति के लिए एनेस्थिसिया डॉक्टर्स को ऑन काल भी बुला रहे है। हमारे पास वैकेंसी तो हैं, लेकिन डॉक्टर्स नहीं आ रहे है। हाल ही में कोविड और नान कोविड के लिए भी डॉक्टर्स की विज्ञप्ति जारी की है।
डॉ. अनंत पंवार, डीन जीएमसी खंडवा

मनीष अरोड़ा Bureau Incharge
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