300 पौधों से बंजर भूमि को कर दिया हराभरा, अब सालाना लाखों की कमाई

रोशनी मिशन चर्च की पहल: 10 साल पहले लगाए थे पौधे, चार वर्ष से डेढ़ लाख सालाना कमाई

By: tarunendra chauhan

Published: 16 Oct 2020, 07:39 PM IST

खंडवा. आदिवासी ब्लॉक खालवा के ग्राम रोशनी में खंडवा डायोसिस के मिशन चर्च के पास 3 एकड़ बंजर जमीन थी। इस पर अनाज वाली फसल लगाना मुश्किल था। ऐसे में तत्कालीन फादर ने उद्यानिकी विभाग से संपर्क कर इस पर पेड़- पौधे लगाने का फैसला किया और इस जमीन पर 300 आंवले के पौधों का रोपण कराया। पौधे जब पेड़ बने तो हरियाली से बंजर जमीन लहलहा उठी, वहीं छह वर्ष बाद पेड़ों में फल आने शुरू हो गए। अब संस्था को इन तीन सौ पेड़ों से करीब डेढ़ लाख रुपए की सालाना आय हो रही है। फसल बेचने भी नहीं जाना पड़ता। व्यापारी स्वयं ही सौदा कर खेत से फसल ले जाते हैं। संस्था गांव में पुष्पा हाइस्कूल का संचालन भी कर रही है।

संंस्था के फादर जॉनसन ने बताया 3 एकड़ जमीन लंबे समय से खाली पड़ी थी। इसका उपयोग नहीं हो पा रहा था। बंजर जमीन होने से सोयाबीन-गेहूं की पारंपरिक खेती नहीं कर सकते थे। इसलिए उद्यानिकी खेती का मन बनाया। उद्यानिकी विभाग से जानकारी लेकर पूरे खेत में आंवला के 300 पौधे लगाए। इस पर करीब डेढ़ लाख रुपए का खर्च आया था। इनकी देख-रेख व सिंचाई के लिए एक माली नियुक्त किया है। करीब 300 पौधे पांच-छह साल में पूर्ण विकसित पेड़ बन चुके हैं, जिससे लागत बहुत कम रह गई है। फसल आने से पहले हर साल करीब 50 हजार रुपए का खर्च आया। अब सिर्फ मालीका ही खर्च है और डेढ़ लाख रुपए की सालाना आय शुरू हो चुकी है। इससे संस्था की आर्थिक स्थिति और मजबूत हो रही है।

फसल बेचने की चिंता भी नहीं
फादर जॉनसन ने बताया कि जब पहली बार पेड़ों में आंवले लगे तो तुड़ाई कर मंडी ले जाना पड़ा था। इसके बाद व्यापारियों को जानकारी हो गई। अब हर साल वे स्वयं ही आकर सौदा करते हैं। जो सबसे ज्यादा दाम देता है उसे बेच देते हैं। करीब 150 क्विंटल आंवला निकलता है। भाव 10 से 15 रुपए प्रति किलो मिलता है।

Show More
tarunendra chauhan Desk
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned