45 सौ की जांच अब 15 सौ रुपए में, रिपोर्ट भी मिलेगी एक घंटे में

-शुरू हुई ट्रू-नाट मशीन से कोरोना की जांच, चार सैंपल की रिपोर्ट निगेटिव
-जितनी जल्द मिलेगी रिपोर्ट, उतनी जल्द ब्रेक होगी कोरोना की चेन
-मेडिकल कॉलेज की लैब को भी एक माह पूरा, 25 सौ सैंपल की हुई जांच

खंडवा.
कोरोना संक्रमण की जांच रिपोर्ट अब एक घंटे में मिल जाएगी। 4500 रुपए में होने वाली जांच भी एक तिहाई खर्च 1500 रुपए में हो पाएगी। जिला अस्पताल को मिली कोरोना जांच की ट्रू नाट मशीन शुरू होने से एक घंटे में कोरोना की जांच होने से इस बीमारी के संक्रमण को भी फैलने से रोका जा सकेगा। बुधवार से जिला अस्पताल में भी कोरोना की जांच शुरू कर दी गई है। पहले दिन ट्रू नाट मशीन से चार सैंपल की की जांच की गई, जो नेगिटिव रही। वहीं, मेडिकल कॉलेज लैब में लगी आरटीपीसीआर मशीन को भी बुधवार एक माह पूरा हो गया है।
अब तक मेडिकल कॉलेज की वायरोलॉजी लैब में हो रही कोरोना टेस्ट जांच के लिए जहां 4500 रुपए का खर्च शासन को आ रहा था। वहीं, जांच रिपोर्ट के लिए भी 12 घंटे इंतजार करना पड़ रहा था। समय और खर्च बचाने के लिए राज्य शासन द्वारा जिला अस्पताल को ट्रूनाट मशीन दी गई है। एडवांस टैक्नालॉजी की इस ट्रू नाट मशीन से होने वाली जांच में एक घंटे में दो सैंपल की रिपोर्ट आ जाएगी। बुधवार को ट्रामा सेंटर में बनाई गई लैब में ट्रू नाट मशीन को शुरू किया गया। यहां चार सैंपल लेकर जांच किए गए, जिसमें करीब तीन घंटे का समय लगा। चारों सैंपल की रिपोर्ट भी निगेटिव आई। गुरुवार से ट्रू नाट मशीन पर सैंपल जांच की संख्या बढ़ाई जाएगी। पहले कुछ दिन तक आठ घंटे में रोजाना 16 सैंपल जांच किए जाएंगे।
आरटीपीसीआर और ट्रू नाट में अंतर
मेडिकल कॉलेज वायरोलॉजी लैब में लगी आरटी पीसीआर मशीन और जिला अस्पताल में लगी ट्रू नाट मशीन में तकनीकी अंतर है। जिला महामारी अधिकारी डॉ. योगेश शर्मा ने बताया कि आरटी पीसीआर मशीन वीटीएम (वायरस ट्रांसपोर्ट मिडियम) पर कार्य करती है। इसमें जांच किया गया सैंपल का वायरस जिंदा रहता है और दोबारा जांच के लिए भेजा जा सकता है। वहीं, ट्रू नाट मशीन वीएलएम (वायरस लाइसेट मिडियम) पर काम करती है। इसमें लगाया गया सैंपल डेड (मृत) हो जाता है। दोबारा जांच के लिए सैंपल भी फिर से लेना पड़ता है। दोनों मशीन में बायो सेफ्टी केबिनेट लगाया जाता है। हालांकि बुधवार को ट्रू नाट मशीन से हुई जांच बिना बायो सेफ्टी केबिनेट के की गई। इसमें सीधे वीएलएम किट पर सैंपल लेकर जांच पर लगाया गया। इस पर आई पॉजिटिव रिपोर्ट भी इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च द्वारा मान्य है।
वायरोलॉजी लैब में औसतन 85 सैंपल रोज जांचें
मेडिकल कॉलेज की वायरोलॉजी लैब को आरंभ हुए एक माह पूरा हो गया है। एक माह में वायरोलॉजी लैब में औसतन 85 सैंपल की जांच रोज हुई है। आरटी पीसीआर मशीन मिलने के बाद 23 मई को पहली बार स्वास्थ्य विभाग द्वारा 13 सैंपल जांच के लिए दिए गए थे। जिसके बाद धीरे-धीरे कर सैंपल की संख्या बढ़ती गई। अब तक वायरोलॉजी लैब में 2551 सैंपल जांच के लिए भेजे गए है। जिसमें से 2520 की जांच की गई, 31 निरस्त किए गए। इसमें 53 सैंपल की रिपोर्ट पॉजिटिव और 2467 की रिपोर्ट निगेटिव आई है। लैब प्रभारी डॉ. रंगारी ने बताया कि लैब में प्रतिदिन 150 से 200 सैंपल की जांच की जा रही है। इसमें खंडवा और बुरहानपुर के सैंपल शामिल है। लैब तीन शिफ्ट में 24 घंटे कार्य कर रही है और 12 घंटे में रिपोर्ट दी जा रही है।

मनीष अरोड़ा Bureau Incharge
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