खेतों में राखड़ पहुंचने से 50 किसानों की जमीन बंजर

सिंगाजी ताप परियोजना के राखड़ बांध से सीपेज का मामला
किसान कर रहे जमीन का अधिग्रहण करने की मांग

By: tarunendra chauhan

Published: 07 Sep 2020, 12:55 PM IST

खंडवा. सिंगाजी ताप परियोजना में बिजली उत्पादन के बाद पाइपों के द्वारा गीली और सूखी राखड़ को परियोजना के बाहर राखड़ बांध बनाकर एकत्रित किया जाता है। परियोजना में फेस वन और फेस टू के लिए चार राखड़ बांध बनाए गए हैं, जिसके आसपास भगवानपुरा जलकुवा बोरखेड़ा भूरलाय के 50 से ज्यादा किसानों की 100 एकड़ से ज्यादा जमीन लगी हुई है, लेकिन फेस वन के राखड़ बांध में हुए गुणवत्ताहीन कार्य की वजह से विगत 6 सालों से यह किसान पूरी तरह परेशान हैं ।

फेज वन के राखड़ बांध में सीपेज होने के कारण इन किसानों की जमीन निकलने वाले राखड़ के पानी से पूरी तरह दलदल और बंजर में तब्दील होने की कगार पर पहुंच चुकी है। इसके कारण जमीन की फसल उत्पादन क्षमता कमजोर होती जा रही है। इससे हो रहे नुकसान के लिए किसान 2016 से लड़ाई लड़ रहे हैं और अपनी मांगों को अतिरिक्त मुख्य अभियंता, कलेक्टर खंडवा, अनुविभागीय अधिकारी पुनासा और उच्च न्यायालय में भी मांगों को उठा चुके हैं। इसके बाद 2 साल तक किसानों को 2000 लेकर 2500 तक राहत राशि दी गई, लेकिन 3 वर्षों से किसानों को ना तो राहत राशि मिली ना ही उनके जमीनों का अधिग्रहण किया गया जिसके कारण किसान अपने आप में ठगा महसूस कर रहे हैं। बोरलाय भगवानपूरा के किसान विक्रम सिंह, भारत, कैलाश, सुरेश, रमेश और शिवनारायण ने बताया कि जमीन पूरी तरह से दलदल में तब्दील हो गई है और पानी इतना निकल रहा है कि खेत में जाने की इच्छा नहीं होती है कई किसानों ने तो जमीनों पर अनाज उगाना बंद कर दिया है और कइयों की तो लागत तक नहीं निकल पा रही है । हमारी यही मांग है कि सरकार हमारी जमीनों का अधिग्रहण करे, ताकि हम दूसरी जगह जमीन लेकर हमारे परिवार का पेट पाल सकें।

अनुविभागीय अधिकारी के बताए अनुसार राहत राशि को जुलाई माह में ही तहसील कार्यालय में पावर जनरेटिंग कंपनी के द्वारा जमा करा दिया गया है।
राकेश मल्होत्रा, पीआरओ, सिंगाजी ताप परियोजना

tarunendra chauhan Desk
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