80 प्रतिशत हुई थी नुकसानी, एक चौथाई किसानों को ही मिल पाया फसल बीमा

-1.20 लाख बीमीत किसान थे खरीफ 2019 में, 31 हजार को मिला लाभ
-जिनका नाम आया बीमा सूची में, उनके भी खातों में भी नहीं आई राशि
-किसी गांव में दो अंकों में, किसी गांव में तीन अंकों में आई बीमा राशि
-फसल बीमा को लेकर जिलेभर के किसानों में रोष, करेंगे आंदोलन

खंडवा.
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना खरीफ 2019 के बीमीत किसानों में से एक चौथाई को भी योजना का लाभ नहीं मिल पाया है। कृषि कल्याण विभाग के अनुसार 2019 खरीफ में 1.20 लाख किसानों ने फसल बीमा कराया था। जिसमें से सिर्फ 31437 किसानों को ही बीमा का लाभ मिला है। मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने शुक्रवार को एक क्लिक पर किसानों के खातों में बीमा राशि ट्रांसफर की, लेकिन खंडवा में अधिकतर किसानों के खातों तक राशि ही नहीं पहुंच पाई है। सहकारी बैंकों में तो किसानों की सूची भी उपलब्ध नहीं है।
जिले में 31437 किसानों के खातों में शुक्रवार को 31 करोड़ रुपए की राशि जमा होने का दावा कृषि कल्याण विभाग द्वारा किया जा रहा है। खालवा की जिला सहकारी बैंक में किसी भी किसान की सूची तक ही नहीं उपलब्ध है। सहकारी बैंक खालवा में किसानों की सूची नहीं आई है। किस किसान के खाते में कितना रुपए आया इसकी भी जानकारी नहीं है। शाखा प्रबंधक का कहना है कि कार्रवाई जारी है, शनिवार तक सूची आ जाएगी। ऐसे ही हाल छैगांवमाखन सहकारी समिति के भी है। यहां भी प्रबंधक को ये जानकारी नहीं है कि कितने किसानों को बीमा का लाभ मिला है। ऐसी ही स्थिति कई गांवों में सहकारी समितियों में दर्ज किसानों के खातों की है, जिसमें एक रुपए भी राशि नहीं आ पाई है।
चार रुपए में तो जहर की पुडिय़ा भी नहीं आती
खालवा तहसील के रोशनी राजस्व क्षेत्र के ग्राम पाडल्या में किसान जगदीश गौड को वर्ष 2019 खरीफ फसल का सिर्फ 4 रुपए बीमा मिला है। किसान जगदीश ने बताया कि 60 हजार रुपए तो उसे सोयाबीन फसल की लागत लगी थी। 13 सौ रुपए बीमा की राशि काटी गई थी। अब चार रुपए बीमा दे रहे है, चार रुपए में तो जहर की पुडिय़ा भी नहीं आती। ऐसे ही ग्राम सिर्रा के किसान पन्नालाल पटेल को भी सिर्फ 3 रुपए बीमा मिला है। पन्नालाल पटेल की भी समझ में नहीं आ रहा कि वे इस राशि का क्या करें।
हरसूद में सिर्फ एक आरआइ सर्कल में मानी नुकसानी
हरसूद तहसील के आरआइ सर्कल छापाकुंड में ही बीमा कंपनी ने नुकसानी मानी है। हरसूद तहसील में 100 से ज्यादा गांव आते हैं। खरीफ 2019 में यहां लगभग 70 प्रतिशत फसल खराब हुई थी, लेकिन बीमा सिर्फ छापाकुंड आरआइ सर्कल के गांवों के 231 किसानों को ही मिला है। यहां भी बीमा राशि में किसी को दो अंकों में, किसी को तीन अंकों में तो किसी को चार अंकों में राशि मिली है। जिले में सबसे ज्यादा मुआवजा खंडवा तहसील में 20.33 करोड़ रुपए मिले है। सबसे कम हरसूद तहसील में सिर्फ 17.69 लाख रुपए मिले है।

फसल बीमा के नाम पर ठगा रहे हर साल
फसल बीमा को लेकर हर साल किसानों के साथ ये ही होता आया है। पूरी प्रीमियम काट ली जाती है और जब नुकसान होता है तो ऊंट के मुंह में जीरा समान बीमा राशि दे देते है। अब किसान ये सब नहीं सहेगा। २३ सितंबर को मुख्यमंत्री के दौरे पर उनसे इस मामले में चर्चा की जाएगी।
सुभाष पटेल, जिला समन्वयक भाकिसं

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मनीष अरोड़ा Bureau Incharge
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