देश की दूसरी और मप्र की सबसे बड़ी जनजाति की जानकारी अब एक क्लिक पर

भील समाज की विश्व की पहली वेबसाइट होगी...भील समाज के युवाओं ने डोमेन कराया दर्ज, इस महीने में वेबसाइट होगी तैयार।

By: अमित जायसवाल

Published: 22 May 2018, 12:05 PM IST

अमित जायसवाल,
खंडवा. देश की दूसरी और मध्यप्रदेश की सबसे बड़ी जनजाति भील समुदाय की जानकारी अब एक क्लिक पर सामने होगी। समाज को एक मंच पर लाकर एकजुट करने और आगे ले जाने की पहल खंडवा से हुई है।

पंजीकृत संस्था भील सेवा समिति मप्र के तत्वावधान में इस वेबसाइट का डोमेन रजिस्टर्ड करा लिया गया है और इसे तैयार करने पर काम भी शुरू कर दिया है। संभवत: इस महीने में ही वेबसाइट तैयार हो जाएगी। भील समाज युवा मोर्चा के जिलाध्यक्ष आईटी इंजीनियर राम दांगोरे के अनुसार, देश में वर्तमान में भीली भाषियों की संख्या करीब तीन करोड़ है, जबकि अकेले मप्र में ये आंकड़ा एक से डेढ़ करोड़ के बीच है। भारत की जनजातियों में गोंड के बाद भील जनजाति को दूसरी सबसे बड़ी जनजाति का दर्जा प्राप्त है। अब तक आदिवासी भील समाज से तो वेबसाइट सहित सोशल मीडिया पर पेज व ग्रुप है लेकिन www.Bhilsamajsevasamiti.in के नाम से भील समाज की विश्व की पहली वेबसाइट होने का दावा भी किया जा रहा है।

वेबसाइट में होगा ये सबकुछ
परिणय सूत्र, ब्लड डोनेशन, जिला वार सक्रिय कार्यकर्ता, दानदाता, अन्य देशों में निवासरत समाजजन, समाज की प्रतिभा व गौरव, भील जनजाति का इतिहास, हेल्पलाइन, शिक्षा, नियोजन (रोजगार), व्यवसाय सहित अन्य जानकारियां होंगी। इस वेबसाइट के माध्यम से समाजजन एक-दूसरे से आसानी से जुड़ सकेंगे।

बड़ोदा अहीर में करेंगे लॉन्च
भील समाज सेवा समिति मप्र के प्रवक्ता गुलाबसिंह वास्कले ने बताया कि प्रदेशाध्यक्ष गुलाबसिंह वास्कले व सचिव संतोष दांगोरे की सहमति से समाजजन के सहयोग से वेबसाइट तैयार हो रही है। संभवत: इसी महीने टंट्या मामा की प्रतिमा के समक्ष बड़ोदा अहीर में लॉन्च करेंगे।

सोशल मीडिया व सदस्यता अभियान का सहारा
भील समाज युवा मोर्चा द्वारा 20 हजार युवाओं को जोडऩे के लिए जिले में सदस्यता अभियान चलाया जा रहा है। जबकि देश-विदेश में जुड़े समाजजन की जानकारी को वेबसाइट पर लाने के लिए सोशल मीडिया का सहारा लिया जा रहा है। अमरीका, ऑस्ट्रेलिया, रूस सहित अन्य देशों के समाजजन की जानकारी भी इस वेबसाइट पर होगी। समाज की इस वेबसाइट को लेकर समाजजन उत्साहित हैं और उनका कहना है कि इसके माध्यम से पूरे समाज को एक जाजम पर लाने में बड़ी सहायता मिलेगी।

अमित जायसवाल Reporting
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