अश्लील तस्वीरें खींच ब्लैकमेल कर नाबालिग से किया था दुष्कर्म, दस साल की कैद

अश्लील तस्वीरें खींच ब्लैकमेल कर नाबालिग से किया था दुष्कर्म, दस साल की कैद

Jitendra Tiwari | Publish: Mar, 14 2018 09:30:25 AM (IST) Khandwa, Madhya Pradesh, India

थाना नर्मदानगर के एक साल पुराने प्रकरण में अदालत ने सुनाया फैसला, नाबालिग से जबरदस्ती दुष्कर्म कर घर में बंद कर भाग गया था आरोपित।

खंडवा. आपत्तिजनक तस्वीरें खींचकर भाई को दिखाने की धमकी देकर नाबालिग से दुष्कर्म करने वाले अपराधी को अदालत ने मंगलवार को दस साल के कारावास की सजा सुनाई है। प्रकरण की सुनवाई पंचम अपर सत्र न्यायाधीश दीपाली शर्मा की कोर्ट में हुई। शासन की ओर से मामले की पैरवी कर रहे डीपीओ राजेन्द्र सिंह भदौरिया ने बताया १७ फरवरी २०१७ को सुबह करीब ११.१५ बजे नर्मदानगर निवासी १५ वर्षीय नाबालिग सहेली के साथ प्रैक्टिकल बुक लेने के लिए गई थी। यहां रोहित उसे मिला तो वह दरवाजे पर खड़ी होकर बात करने लगी। तभी आरोपित चिमन पिता लेखराम (२८) निवासी सांई मंदिर के सामने नर्मदानगर वहां पहुंचा। उसने रोहित और नाबालिग को धक्का देकर घर के अंदर कर दिया और अंदर से दरवाजा बंद कर लिया। जहां आरोपित चिमन ने पीडि़ता और रोहित के कपड़े उतारकर आपत्तिजनक तस्वीरें खींची। तस्वीरें खींचने के बाद आरोपित नाबालिग को उक्त फोटो उसके भाई को भेजने की बात कहकर ब्लैकमेल करने लगा। साथ ही आरोपित ने रोहित को दूसरे कमरे में बंद कर दिया। इसी दौरान आरोपित चिमन ने नाबालिग के साथ जबरदस्ती दुष्कर्म किया और भाग गया। मामले में पीडि़ता ने घर पहुंचकर परिजन को आपबीती बताई। बेटी की कहानी सुन परिजन तुरंत पुलिस थाने पहुंचे और चिमन के खिलाफ दुष्कर्म का प्रकरण दर्ज कराया। इसी प्रकरण में मंगलवार को सुनवाई करते हुए न्यायालय ने आरोपित चिमन को दस वर्ष के कारावास और १६ हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है।

महिला को निर्वस्त्र कर पिटाई करने वाले दस आरोपितों को कैद
खंडवा. खालवा थाना क्षेत्र के ग्राम बखार में जादू-टोना की आशंका में महिला को डायन कहकर निर्वस्त्र कर पिटाई करने वाले चर्चित मामले में एक ही परिवार के दस सदस्यों को न्यायालय ने सजा सुनाई है। आरोपित में परिवार की युवतियां और महिलाएं भी शामिल है। प्रकरण की सुनवाई न्यायाधीश इंद्रासिंह की कोर्ट में हुई। मामले की पैरवी कर रहे उप संचालक अभियोजन एमएल सोलंकी ने बताया ६ नवंबर २०१५ की शाम करीब ४.३० बजे पीडि़ता पति के साथ खेत भूसा लेने जा रही थी। इसी दौरान ग्राम के रास्ते में आरोपितों ने एकमत होकर दंपति को रोक लिया। यहां उन्होंने जादू-टोना करने की आशंका में महिला को डायन कहते हुए मारपीट शुरू कर दी। पति बचाने पहुंचा तो उससे भी मारपीट की। विवाद के दौरान आरोपितों ने पीडि़ता को निर्वस्त्र कर दिया। मारपीट में पीडि़ता और उसका गंभीर घायल हुए थे। सूचना पर खालवा पुलिस ने पीडि़ता की शिकायत पर आरोपितों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया था। इसी प्रकरण में मंगलवार को सुनवाई करते हुए न्यायालय ने एक ही परिवार के दस सदस्यों को पांच-पांच साल के कारावास और पांच-पांच हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है।

 


इन आरोपितों को हुई सजा
प्रकरण में आरोपित राधा पिता मेहताब (२१), विद्याभारती पिता रामकरण (२१), राखी पति बद्रीप्रसाद (४२), सुखमणी पति विनोद (४०), राधा पति जगदीश (३९), अनीता पति लखन (३७), जगदीश पिता बद्रीप्रसाद (४०), रामकरण पिता दशरथ (५२), जगन्नाथ पिता बद्री (५४), अनुसूईया पति श्यामलाल (३०) सभी निवासी ग्राम बखार को न्यायालय ने पांच साल के कारावास की सजा सुनाई है।

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