बांध की टरबाइन चलने से नर्मदा का बहाव था तेज, धार में आई नाव का बिगड़ा संतुलन, पुल के पिलर से टकराई और पलट गई

नर्मदा में पलटी नाव, नाव में सवार लोगों ने सुरक्षा के लिए नहीं पहनी थी लाइफ जैकेट

खंडवा. मोरटक्का स्थित नावघाट खेड़ी पर शुक्रवार दोपहर नर्मदा नदी में नाव पलट गई। नाव में सनावद के सोनकर परिवार के 11 लोग सवार थे। जिनमें से नौ लोगों को सुरक्षित बाहर निकल लिया गया। वहीं दो लोग पानी में बह गए। नर्मदा में इतनी बड़ी संख्या में बैठे लोगों के साथ नाव पलटने की यह पहली दुर्घटना है। नाव दुर्घटना के कारणों की पड़ताल की तो सामने आया कि शुक्रवार को ओंकारेश्वर बांध की आठ टरबाइन चालू की गई थी। टरबाइन चालू होने से नर्मदा में पानी छोड़ा जा रहा था। इस कारण नर्मदा का बहाव सामान्य दिनों की अपेक्षा तेज था। इसके अलावा नाव में सवार लोगों ने सुरक्षा के लिहाज से लाइफ जैकेट नहीं पहन रखी थी। इसी कारण जैसे ही नाव नर्मदा की तेज धार में आई तो संतुलन बिगड़ गया। नाव लहराई तो उसमें सवार लोगों ंमें हड़कंप मच गया। तभी नाव पुल के पिलर से टकराई और पलट गई। घटना के दौरान यदि नाव में सवार लोगों ने लाइफ जैकेट पहनी होती तो उन्हें सुरक्षित रहने के साथ आसानी से पानी से बाहर निकाला जा सकता था। इधर, नाव पलटने की घटना होते ही ओंकारेश्वर बांध से टरबाइन बंद कराई गई। तब जाकर नर्मदा का बहाव सामान्य हुआ और लोगों को रेस्क्यू कर बाहर निकाला गया।
क्षमता से अधिक लोग बैठाए, सुरक्षा इंतजाम नहीं किए
नर्मदा में संचालित हो रही बड़ी नावों में दस लोगों को बैठाने की अनुमति है। लेकिन नाव चालक क्षमता से अधिक सवारी बैठा रहे हैं। इसके अलावा नाव में सफर के दौरान लोगों की सुरक्षा के इंतजाम नहीं किए जा रहे हैं। नाव दुर्घटना के दौरान नाव चालक ने 11 लोग बैठा रखे थे। उन्हें लाइफ जैकेट भी नहीं पहनाई। वहीं नाव में एक तरफ ज्यादा लोग बैठाने से वजन का संतुलन ठीक नहीं था। दुर्घटना होने में यह भी एक कारण रहा है।
16 घाटों की सुरक्षा में सात होमगार्ड जवान तैनात
ओंकारेश्वर तीर्थस्थल होने के कारण रोजाना सैकड़ों लोग यहां पहुंचते हैं। नर्मदा में स्नान करते हैं। बावजूद इसके प्रशासन ने नर्मदा घाटों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं किए हैं। स्थिति यह है कि ओंकारेश्वर क्षेत्र में नर्मदा नदी पर 16 घाट बने हुए हैं। इन घाटों की सुरक्षा में सात होमगार्ड जवान तैनात किए गए हैं, जो नाकाफी हैं। इसके अलावा नाव चालकों पर सख्ती नहीं होने से मनमर्जी नियमों का उल्लंघन कर नावों का संचालन किया जा रहा है।
वर्जन...
बहाव तेज होने और संतुलन बिगडऩे से नाव पलटती है। लापरवाही करने वाले नाव चालकों पर अक्सर कार्रवाई की जाती है। समय-समय पर नियमों की जानकारी देते हैं। लोग नाव में सवार होने से पहले लाइफ जैकेट जरूर पहनें।
महेश हनोतिया, जिला कमांडेंट, होमगार्ड

जितेंद्र तिवारी Reporting
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