कोरोना संक्रमित की पिटाई का मामला: मानव अधिकार आयोग ने जिला प्रशासन से तीन हफ्ते में मांगा जवाब

इस मामले में आयोग ने कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक तथा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी से तीन सप्ताह में प्रतिवेदन मांगा गया है।

By: harinath dwivedi

Published: 16 Apr 2021, 05:20 PM IST

खंडवा. जिले के छैगांवमाखन के सिरसौद बंजारी गांव में पिछले दिनों हुई कोरोना संक्रमित की पिटाई के मामले का मप्र मानव अधिकार आयोग ने संज्ञान लिया है। इस मामले में आयोग ने कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक तथा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी से तीन सप्ताह में प्रतिवेदन मांगा गया है। मिली जानकारी के अनुसार पिछले दिनों खंडवा जिले के छैगांवमाखन के सिरसौद बंजारी गांव में पुलिस ने एक कोरोना संक्रमित की और उसके परिजनों को लाठियों से बेरहमी से पीटा की थी जिसका वीडियो भी वायरल हो गया था जिसके बाद मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति नरेन्द्र कुमार जैन ने मानव अधिकार हनन के मामले का संज्ञान में लेते हुए प्रतिवेदन मांगा है। ज्ञात हो कि खंडवा के छैगांवमाखन के सिरसौद बंजारी गांव में पुलिस का बर्बर चेहरा सामने आया है। जिसमें पुलिस ने कोरोना मरीज़ और उसके परिजनों को लाठियों से बेरहमी से पीटा। घटना का वीडियो वायरल होने के बाद छैगांवमाखन थाने के टीआई गणपत कनेल व आरक्षक आकाश को लाइन अटैच किया गया है। बताया गया है कि सिरसौद बंजारी गांव के ललित पटेल की कोरोना रिपोर्ट 11 अप्रैल को पॉजि़टिव आई। बीते रविवार दोपहर डॉक्टर व आशा कार्यकर्ता और अन्य स्टॉफ के साथ मरीज को लेने घर पहुंचे। जिसमें मरीज की मां ने कहा हम घर में ही आइसोलेट कर लेगें। इस बात को लेकर स्वास्थ्य कर्मचारियों के बीच विवाद व मारपीट की स्थिति बन गई। सूचना पर गांव में पहुंची पुलिस ने मरीज को खींचकर बाहर निकाला और पीटना शुरू कर दिया। माता-पिता और बहन बचाने आये, तो उन्हें भी लाठियों से पीटा। इसके बाद पुलिस ने सभी के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया। इन्हें एक छात्रावास में आइसोलेट किया गया है। इधर, स्वास्थ्य विभाग की टीम का आरोप है कि ललित के परिजन ने हमें बंधक बनाकर मारपीट की।

harinath dwivedi Editorial Incharge
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