आधे दिन का बंद भी पूरा नहीं करा पाए कांग्रेसी

महंगाई के विरोध में भी बंद कराने में कांग्रेस को छूटे पसीने
-बंद कराने पहुंचे कांग्रेसी, बनी विवाद की स्थिति
-नेताओं ने कहा इनको महंगाई से नहीं पड़ रहा कोई फर्क

खंडवा.
पेट्रोलियम पदार्थों के बढ़ते दाम और महंगाई के विरोध में पीसीसी के आह्वान पर शनिवार को प्रदेशभर में आधे दिन बाजार बंद की घोषणा कांग्रेस द्वारा की गई थी। महंगाई के विरोध में भी बाजार बंद कराने में कांग्रेसियों के पसीने छूट गए। शनिवार सुबह से प्रमुख बाजारों में खुली दुकानों को बंद कराने कांग्रेसी निकले, जिसमें कई जगह विवाद की स्थिति बनी। कई जगह तो दुकानदारों ने दुकान बंद करने से भी मना कर दिया। जिसके बाद कांग्रेसी खुली दुकान के सामने धरना देकर भी बैठे। बंद के बाद कांग्रेसियों ने राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन भी सौंपा।
कांग्रेस के आधे दिन बंद के आह्वान का शहर में कोई खास असर देखने को नहीं मिला। कांग्रेस का लक्ष्य भी शहर के प्रमुख बांबे बाजार, बुधवारा बाजार ही रहे। यहां सुबह से खुली दुकानों को बंद कराने कांग्रेसी इक_ा होकर निकले। कहीं पर हाथ जोड़कर, तो कहीं जोर जबरदस्ती से दुकानें बंद कराई गई। हालांकि शहर के अन्य हिस्सों में बंद को कोई असर नहीं रहा। बांबे बाजार और बुधवारा बाजार को छोड़ सभी दुकानें खुली हुई थी। दोपहर १२.३० बजे तक बंद कराने के बाद कांग्रेस नेताओं ने केवलराम चौराहा पर कुछ देर प्रदर्शन कर महंगाई के लिए केंद्र सरकार को कोसा। इसके बाद कांग्रेस कार्यकर्ता वाहनों से कलेक्टोरेट पहुंचे और महंगाई, पेट्रोलियम पदार्थों की मूल्य वृद्धि के साथ ही हाल ही में हुई बारिश से खराब फसलों का मुआवजा दिए जाने के लिए ज्ञापन सौंपा।
मोबाइल दुकान पर बनी विवाद की स्थिति
बीएसएनएल उपभोक्ता हर्ष केंद्र के पास स्थित एक मोबाइल दुकान पर विवाद की स्थिति भी बंद के दौरान बनी। ये दुकान सुबह से खुली हुई थी। जिसे कांग्रेसी बंद कराने पहुंचे। बहसबाजी के बाद दुकानदार ने शटर गिरा लिया। जिसके बाद कांगे्रसी यहां कुछ देर धरना देकर बैठे रहे। कांग्रेसियों के जाते ही दुकान फिर खुल गई। दोपहर में वापस गांधीभवन जाते समय दुकान खुली देख कांग्रेसियों ने दुकान के बाहर हंगामा किया। जिस पर दुकानदार ने विरोध जताया, लेकिन हंगामा बढ़ता देख दोबारा दुकान का शटर गिरा लिया।
बेतहाशा बढ़ रहे पेट्रोल, डीजल के दाम
कांग्रेस पदाधिकारियों ने बताया कि पेट्रोल, डीजल एवं गैस सिलेंडर की अनियंत्रित कीमतों से गरीब एवं मध्यमवर्गीय परिवार का घर चलाना मुश्किल हो गया है। पिछले 3 माह में रसोई गैस के दामों में 175 रुपए की बढ़ोतरी हुई है। 1 अक्टूबर २०२० को 600 रुपए में मिलने वाला सिलेंडर 775 रुपए का हो गया है। वहीं 1 जून 2020 को पेट्रोल 77.56 रुपए लीटर था, जो 19 फरवरी 2021 को 99.32 रुपए हो गया है। पिछले 8 माह में पेट्रोल में लगभग 21.76 रुपए की बढ़ोतरी हुई है। वहीं 1 जून 2020 को डीजल 68.27 रुपए था, जो 19 फरवरी 2021 को 89.90 रुपए प्रति लीटर हो चुका है। पिछले 8 माह में डीजल में लगभग 21.63 रुपए की बढ़ोतरी हुई है।

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मनीष अरोड़ा Bureau Incharge
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