गेज परिवर्तनः पहले चरण का कार्य 90 फीसदी पूरा, दूसरे चरण में आकोट से अमलाखुर्द के बीच होगा शुरू

खंडवा-अकोला के बीच गेज परिवर्तन कार्य के चलते अकोला यार्ड किया तैयार, नई लूप लाइन बिछाई

खंडवा. लॉकडाउन अनलॉक होते ही साउथ सेंट्रल रेलवे के नांदेड मंडल ने गेज परिवर्तन कार्य की रफ्तार बढ़ा दी है। गेज परिवर्तन के तहत अकोला से आकोट के बीच चल रहे 43 किमी रेलवे ट्रैक का कार्य 90 फीसदी पूरा हो चुका है। इस समय ट्रैक पर गिट्टी का कार्य चल रहा है। इसके अलावा अकोला रेलवे स्टेशन पर गेज परिवर्तन के चलते यार्ड को संशोधित किया गया है। इस दौरान स्टेशन पर एक नई लूप लाइन बिछाई गई है। इस प्रकार अब तीन लाइनें हो चुकी हैं। इसमें एक मुख्य लाइन और दो लूप लाइन रहेंगी। ताकि खंडवा की ओर से अकोला पहुंचने वाली गाडिय़ों को आसानी से स्टेशन पर लिया जा सके। लूप लाइन बिछाने का कार्य रेलवे ने 28 जून को पूरा कर लिया है। इसके बाद अब दूसरे चरण का कार्य शुरू होने की सुगबुगाहट बढ़ गई है। दूसरे चरण में रेलवे आकोट से अमलाखुर्द के बीच 77 किमी रेलवे ट्रैक का निर्माण शुरू करेगा। इसके लिए अर्थवर्क का कार्य पूरा हो चुका है। निर्माण की गति को देखे तो वर्ष 2022 तक खंडवा रेल मार्ग से अकोला से जुड़ जाएगा।
तीन चरणों में खंडवा तक होगा गेज परिवर्तन
साउथ सेंट्रल रेलवे के नांदेड मंडल के अधिकारियों के अनुसार मंडल द्वारा अकोला से खंडवा के बीच तीन चरणों में गेज परिवर्तन का कार्य किया जाएगा। इसके तहत अकोला-आकोट के बीच ट्रैक का कार्य लगभग पूरा हो चुका है। जल्द ही आकोट से अमलाखुर्द के बीच पटरियां बिछाने का कार्य शुरू किया जाएगा। इसके लिए ट्रैक पर गिट्टी, स्लीपर सहित अन्य जरूरी सामग्री जुटा ली गई है। साथ ही ट्रैक पर आने वाली पुल, पुलियाओं का निर्माण कार्य शुरू किया गया है। दक्षिण मध्य रेलवे महाप्रबंधक गजानन माल्या ने बताया अकोला स्टेशन यार्ड के संशोधन होने से गेज परिवर्तन कार्य के सुचारू क्रियांवयन का रास्ता साफ हुआ है। अब गेज परिवर्तन कार्य में गति लाई जाएगी। इससे मप्र के साथ ही मराठवाड़ा क्षेत्र में रेल संपर्क बढ़ाने में मदद मिलेगी।
11 वर्ष पहले मिली थी स्वीकृति
अकोला-खंडवा के बीच गेज परिवर्तन परियोजना को वर्ष 2008-09 में 174 किमी की दूरी के लिए 2067 करोड़ रुपए की स्वीकृत लागत के साथ मंजूरी मिली थी, लेकिन 11 वर्ष बीतने के बाद भी खंडवा से अकोला के बीच गेज परिवर्तन का कार्य पूरा नहीं हो सका है।

जितेंद्र तिवारी Reporting
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