खुशखबरीः सनावद तक रेलवे ट्रैक का निर्माण कार्य पूरा, मेमू ट्रेन शुरू होने की उम्मीद को लगे पंख

निमाडख़ेड़ी से सनावद के बीच ट्रैक का कार्य पूरा, ट्रेन दौड़ाने सीआरएस की अनुमति का इंतजार, दिसंबर के पहले सप्ताह में नवनिर्मित ट्रैक का निरीक्षण करने सीआरएस का दौरा है संभावित

खंडवा. खंडवा से सनावद के बीच चल रहे गेज परिवर्तन के चलते रेलवे ने निमाडख़ेड़ी से सनावद के बीच 11 किमी लंबे ट्रैक का निर्माण और विद्युतीकरण का कार्य पूरा कर लिया है। निर्माण पूरा होने के बाद अब सीआरएस के निरीक्षण का इंतजार है। रेल अधिकारियों की मानें तो दिसंबर के पहले सप्ताह में सीआरएस का दौर संभावित है। सीआरएस के निरीक्षण में सबकुछ सही रहा तो ट्रैक पर पावर इंजन की गाडिय़ों का परिचालन शुरू करने की अनुमति मिल सकती है। दरअसल, गेज परिवर्तन कार्य के चलते खंडवा से सनावद के बीच ब्राडगेज लाइन का कार्य चल रहा है। इसमें 45 किमी मथेला से निमाडख़ेड़ी तक रेलवे ने पहले ही काम पूरा कर लिया है। वहीं इस ट्रैक पर मालगाडिय़ों का परिचालन शुरू किया गया है। अब निमाडख़ेड़ी से सनावद तक 11 किमी का ट्रैक तैयार है। इस प्रकार रेलवे ने मीटरगेज लाइन बंद होने के तीन साल बाद मथेला से सनावद तक 56 किमी लंबा ट्रैक तैयार किया है। इससे सनावद से खंडवा होते हुए मेमू ट्रेनों का परिचालन शुरू होने की उम्मीद बढ़ गई है।
50 करोड़ की लागत से हुआ विद्युतीकरण
गेज परिवर्तन के दौरान ट्रैक पर विद्युतीकरण के लिए रेलवे ने 50 करोड़ का बजट स्वीकृत किया था। बजट मिलते ही कार्य में गति आई। निर्माण एजेंसी ने कार्य करते हुए मथेला से सनावद तक ट्रैक पर विद्युतीकरण का कार्य पूरा कर लिया है। इसके अलावा मथेला से निमाडख़ेड़ी के बीच का ट्रैक निर्माण एजेंसी ने रेलवे को सौंप दिया है। वहीं निमाडख़ेड़ी से सनावद के बीच सीआरएस दौरे के बाद करीब तीन माह तक रखरखाव कर निर्माण एजेंसी उक्त ट्रैक रेलवे को सौंपेगी।
मेमू ट्रेनें शुरू होने की बढ़ी उम्मीद
मथेला से निमाडख़ेड़ी, सनावद तक ब्राडगेज लाइन तैयार होने से यात्रियों की सुविधा के लिए यात्री ट्रेनों का परिचालन शुरू होने की उम्मीद बढ़ गई है। पावर इंजन चलाने की अनुमति मिलने के बाद इस ट्रैक पर रेलवे सनावद से व्हाया खंडवा होते हुए भोपाल, उज्जैन, भुसावल तक मेमू ट्रेनों का परिचालन कर सकता है। सामाजिक संस्थाएं भी ट्रेनें शुरू करने की मांग उठा रही है। वहीं ट्रेनों को शुरू कराने के लिए जनप्रतिनिधियों को सक्रियता से मुद्दा उठाना होगा। उल्लेखनीय है कि जनवरी 2017 में खंडवा से मीटरगेज रेलवे ट्रैक पर ट्रेन का संचालन बंद कर दिया गया था। 31 दिसंबर 17 को अकोला की ओर और एक जनवरी 18 को सनावद की ओर आखिरी ट्रेन चली थी।

जितेंद्र तिवारी Reporting
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