गलत रीडिंग से बिजली बिलों में दौड़े करंट से उपभोक्ताओं को लगा झटका

-किसी को कम रीडिंग पर दिया ज्यादा बिल, तो किसी की रीडिंग ही ज्यादा बताई
-बिजली बिलों को लेकर उपभोक्ताओं में आक्रोश, कार्यालय में लगी भीड़

खंडवा.
लॉक डाउन के बाद से बिजली उपभोक्ताओं को मिल रहे बिलों को लेकर लगातार शिकायतों का दौर जारी है। विद्युत वितरण कंपनी द्वारा जून माह की खपत के जुलाई में बांटे बिजली बिलों को लेकर कई उपभोक्ताओं में आक्रोश है। गलत मीटिर रीडिंग से बिजली बिलों ने उपभोक्ताओं को करंट का झटका दिया है। सोमवार को आनंद नगर स्थित बिजली कंपनी कार्यालय में आक्रोशित उपभोक्ताओं की भारी भीड़ लगी। इस दौरान उपभोक्ताओं और विविकं अधिकारियों के बीच जमकर बहस भी हुई। अधिकतर उपभोक्ताओं की शिकायत थी कि उन्हें कम रीडिंग पर अधिक बिल दिए गए हैं।
विद्युत कंपनी कार्यालय पहुंचे कावेरी विहार निवासी इंदरपाल सचदेव ने बताया कि उन्हें गलत रीडिंग का बिल दिया जा रहा है। 4 जुलाई को उनकी मीटर रीडिंग 2521 यूनिट बताई गइै है। जबकि वर्तमान में मीटर रीडिंग 2472 यूनिट है। 16 दिन में भी मीटर रीडिंग 2500 यूनिट नहीं हो पाई है। विद्युत कंपनी के मीटर वाचक व अधिकारी मनमाने तरीके से बिल दे रहे हैं। वहीं, रामनगर निवासी संजय रायकवार ने बताया कि लॉक डाउन में भी उन्होंने पूरा बिल भरा है। इसके बाद भी उनका बिल अधिक दिया गया है। जब बिल लेकर कार्यालय पहुंचे तो अधिकारियों का कहना है कि जितनी बिजली जलाई है, उतना ही बिल दिया गया है।
इसी तरह हातमपुरा निवासी अब्दुल सलीम को भी एवरेज बिल के नाम पर 3468 रुपए का बिल दिया गया है। अब्दुल सलीम ने बताया कि फरवरी में मीटर लगा था और पहली रीङ्क्षडग 39 यूनिट की थी। जिसका बिल मार्च में आया था। इसके बाद मई में बिना रीडिंग का बिल जून में दिया था, जिसमें 139 यूनिट बिजली खपत बताई थी और 100 यूनिट का बिल 4197 रुपए बताया गया था। इस बिल को भरने के बाद अब जून माह में 559 यूनिट की खपत बताते हुए 3468 रुपए का एवरेज बिल जुलाई में दे दिया गया है। जबकि इतनी खपत भी नहीं है। ऐसा ही हातमपुरा निवासी अब्दुल शकूर के साथ भी हुआ है। उनके मीटर की भी रीडिंग कम होने के बाद भी ज्यादा खपत का बिल दिया गया है।
किसी प्रकरण में हो गया होगा
कम रीडिंग होने के बाद ज्यादा रीडिंग बताने की गलती संभवत: मीटर वाचक से हो गई होगी। मीटर रीडिंग के अनुसार ही उपभोक्ताओं को बिजली बिल दिए जाते हैं। उपभोक्ताओं को शिकायत है तो कार्यालय में बिल संशोधित करा सकते है। हम दोबारा शिकायत निवारण शिविर भी लगाकर लोगों की समस्या का निराकरण करेंगे।
नितिन चौहान, एई, विविकं शहर संभाग

मनीष अरोड़ा Bureau Incharge
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