हो जाइए सावधान...विदेश से आया कोरोना संक्रमण अब देसी बनकर इस तरह फैल रहा, बढ़ गया है खतरा

पॉजिटिव मरीज मिलने के मामले में प्रदेश के टॉप-5 जिलों में स्थान बनाने वाले बुरहानपुर ने जहां 150 के आंकड़ें को छू लिया है, तो वहीं, खंडवा और खरगोन भी शतक के करीब हैं। बड़वानी जरूरत इस मामले में अब तक ठीक स्थिति में है।

अमित जायसवाल, खंडवा.
निमाड़, कोरोना का नया हॉटस्पॉट बनकर उभरा है। पॉजिटिव मरीज मिलने के मामले में प्रदेश के टॉप-5 जिलों में स्थान बनाने वाले बुरहानपुर ने जहां 150 के आंकड़ें को छू लिया है, तो वहीं, खंडवा और खरगोन भी शतक के करीब हैं। बड़वानी जरूरत इस मामले में अब तक ठीक स्थिति में है। चारों जिलों के अब तक के कोरोना रिकॉर्ड को स्कैन करने पर ये सामने आता है कि विदेश से आया संक्रमण अब देसी बनकर फैल रहा है, क्योंकि विदेशी संक्रमण की चेन को तोडऩे में कमोबेश पूरा निमाड़ सफल रहा, लेकिन इसके बाद स्थानीय स्तर पर ये एक-दूसरे से फैलने लगा तो अब इससे बचना बड़ी चुनौती बन गया है।

खंडवा : विदेश व जमातियों के कनेक्शन को अपना बना लिया, बड़वानी से ही सीख लेते तो कम होती खतरे की आशंका, लॉकडाउन व क्वारेंटाइन के नियमों को तोड़ा, लक्षण होने पर संक्रमण छिपाया, समय पर उपचार कराने नहीं पहुंचे, अब बड़ी संख्या में संक्रमित आ रहे सामने।
बुरहानपुर : सैंपल लेने में न करते कोताही, इलाज कराने आते आगे तो निमाड़ और प्रदेश में न बनते बड़ा हॉटस्पॉट, निमाड़ में कोरोना संक्रमित मिलने वाले जिलों में सबसे पीछे था बुरहानपुर, अब सबको पछाड़ दिया, यहां सामुदायिक संक्रमण की बढ़ी आशंका।
खरगोन : मौत की रफ्तार को थाम ठीक होने वालों ने दिया हौसला, अब हर दिन मिल रहे तीन मरीजों ने बढ़ाई चिंता, अप्रैल तक हर दिन संक्रमित मिलने वालों का औसत 2 था, हर 10 मरीज पर हो रही थी एक मौत, मई में संक्रमितों का औसत बढ़कर 3 हो गया है, मौत सिर्फ एक हुई।
बड़वानी : जागरुकता व रिकवरी रेट ने सबको चौकाया, अब लापरवाही बरती तो नए संक्रमित नहीं टूटने देंगे चेन, विदेश से आए वायरस से निपटने पहुंचा स्वास्थ्य अमला आ गया था जकड़ में, सही समय पर इलाज से हुए ठीक, जागरुकता दिखाकर माने कायदे तो नजर आ रहे फायदे।

निमाड़ में किस तरह फैला संक्रमण, यहां फैलने के क्या रहे कारण...
प्रशासन की ढील व आदेशों में संशोधनों से बढ़ी लापरवाही पड़ी भारी: खंडवा में विदेश व जमाती सबसे पहले संक्रमित मिले। पहले 32 मरीजों में इनके संपर्क में आने वाले ही अधिक थे। एक समय में 8 मरीज इनमें से स्वस्थ्य होकर घर गए, लेकिन फिर प्रशासन की ढील व आदेशों में लगातार संशोधनों के बीच लोगों ने कायदे तोड़े और फिर स्थानीय स्तर पर आंकड़ा बढऩे लगा।
शुरूआती सुस्ती का असर अब दिख रहा, रोज फूट रहा कोरोना बम: बुरहानपुर में वैसे तो 21 अप्रैल को निजी अस्पताल में उपचार करा रही मल्कापुर की महिला की रिपोर्ट पॉजिटिव आने से शुरूआत हुई थी, लेकिन 27 अप्रैल को दाउदपुरा के पूर्व पार्षद की रिपोर्ट के बाद से तेजी से मरीज बढ़े। शुरूआती सुस्ती भारी पड़ रही है। कम सैंपलिंग होने, मरीजों की पहचान नहीं होने से संक्रमण फैला।
मार्च से अब तक लगातार मिले पॉजिटिव, लापरवाही रही बड़ी वजह: खरगोन में 29 मार्च को संदिग्ध की मौत व 1 अप्रैल को उसकी पॉजिटिव रिपोर्ट के बाद से सिलसिला थमा नहीं है। अब हर दिन औसत 3 मरीज मिल रहे हैं, जबकि अप्रैल तक औसत 2 का था। विदेशी हिस्ट्री की चेन बहुत पहले टूट गई। अब स्थानीय स्तर पर एक-दूजे से संक्रमण होने के मामले बढ़े हैं।
संक्रमण के बहुत ज्यादा फैलने की आशंका के बीच जागरुकता का ब्रेक: बड़वानी जिले में सेंधवा से सबसे पहले आगाज हुआ। वहां इलाज करने गया स्वास्थ्य अमला चपेट में आया। सीएमएचओ भी संक्रमित हुई। समय पर मरीजों के सामने आने व उन्हें उचित उपचार मिलने से ब्रेक टूटी है, लेकिन लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है। सेंधवा में फिर 3 नए मरीज मिले हैं। सजग रहना जरूरी है।

लापरवाही व जागरुकता के ऐसे मामले, जिनसे सीख लेने की जरूरत
लापरवाही...
- इंदौर में संक्रमित के संपर्क में आए मजदूर का कसरावद में साले के यहां रूकना, बडग़ांव में नाई के संपर्क में आना और फिर वहां से फैलाव होने जैसी बड़ी लापरवाही।
- बुरहानपुर में संक्रमितों द्वारा समय पर उपचार नहीं कराने व फिर निजी अस्पतालों के चक्कर लगाने से अन्य लोगों में संक्रमण का फैलना।
- खंडवा में संक्रमितों के संपर्क में आने व सैंपल होने के बाद भी क्वारेंटाइन के नियमों का पालन नहीं करना व प्रशासनिक सुस्ती।
जागरुकता...
- खरगोन जिले के धरगांव व आसनगांव के संक्रमितों की सजगता के मामले भी हैं। इन्होंने क्वारेंटाइन के नियमों को माना तो उनसे न तो परिजन संक्रमित हुए और न कोई अन्य। संबंधितों की रिपोर्ट नेगेटिव आई।
- बड़वानी में भी पहले सभी 26 मरीजों के स्वस्थ होकर घर लौटने व उनके संपर्क में आने वालों की नेगेटिव रिपोर्ट आने के पीछे भी समय पर अस्पताल पहुंचने व क्वारेंटाइन नियमों का पालन होने को बताया गया है।

डॉक्टर्स के हवाले से जानिए...
- हाइरिस्क वालों के संपर्क में आने वाले ज्यादा पॉजिटिव
पॉजिटिव मरीजों की रिपोर्ट का विश्लेषण करने पर ये सामने आ रहा है कि जो लोग पहले पॉजिटिव मरीजों के अत्यंत नजदीक रहे हैं, यानि जो हाइरिस्क वालों के संपर्क में आए हैं, उनकी संख्या अधिक है। आने वाले समय के लिए सर्विलेंस इंडेक्स बनाया है। लक्षणविहीन मरीजों को नई पॉलिसी के तहत 10 दिन देखरेख में रखने के बाद डिस्चार्ज करेंगे। जिनकी मौत हुई है, उनमें से ज्यादातर पहले गंभीर बीमारी से ग्रसित रहे हैं।
डॉ. योगेश शर्मा, जिला महामारी अधिकारी, खंडवा

जानिए, क्या कहते हैं निमाड़ के जिलों के कलेक्टर...
- पहचान व उपचार की गुणवत्ता को बेहतर करेंगे
स्क्रीनिंग व सैंपलिंग पर फोकस करेंगे, सरकारी अस्पताल पर अन्य बीमारियों के इलाज का दबाव कम करने धीरे-धीरे निजी को शुरू कराएंगे। लैब पर फोकस कर रहे हैं। मेडिकल कॉलेज के बी ब्लॉक पर काम हो रहा है। प्राइवेट वार्ड की क्षमता को बढ़ा रहे हैं। पहचान व उपचार की गुणवत्ता को बेहतर करेंगे।
तन्वी सुन्द्रियाल, कलेक्टर, खंडवा

- सैंपलिंग बढ़ाई तो हुई पहचान
कोरोना पहले से ही बुरहानपुर की जड़ों में था। हमने सैंपलिंग बढ़ाई तो इसका नतीजा ये हुआ कि संक्रमितों की पहचान हुई और इसलिए पॉजिटिव मरीजों का आंकड़ा बढ़ा हुआ नजर आ रहा है। लोग क्वारेंटाइन के कायदों का पालन करें, इस पर ध्यान देंगे। कायदे तोडऩे वालों की सूचना देने के लिए हमने हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं।
प्रवीण सिंह, कलेक्टर, बुरहानपुर

- रिकवरी रेट रहा है बेहतर, रणनीति तैयार
हमारे यहां अन्य जिलों की तुलना में अब इक्का-दुक्का केस ही सामने आ रहे हैं। संक्रमण बाहरी लोगों के संपर्क में आने से ही बढ़ रहा है। अच्छी बात ये है कि रिकवरी रेट में सुधार हुआ है। शहरी क्षेत्रों में निजी अस्पताल के अलावा सभी सामुदायिक व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर फीवर क्लिनिक शुरू करने जा रहे हैं, ताकि प्रारंभिक लक्षणों में ही उपचार हो सके।
गोपालचंद्र डाड, कलेक्टर, खरगोन

- पड़ाव मात्र पार किया, सजगता रहेगी जारी
26 मरीजों का ठीक होना एक पड़ाव मात्र है। हमारी सैंपलिंग जारी है। इसका उद्देश्य यह है कोई लक्षणविहीन मरीज भी है तो वो निकलकर सामने आए। जिले के नागरिकों से अनुरोध है कि सावधानी बरतें। प्रोटोकॉल का पालन करना जरूरी है। मास्क, सेनेटाइजर का उपयोग करें।
अमित तोमर, कलेक्टर, बड़वानी

Corona virus
अमित जायसवाल Reporting
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