वेक्सीनेशन में पंचायत विभाग रहा अव्वल राजस्व कर्मचारी साबित हुए फिसड्डी

केवल 83 फीसदी पुलिसकर्मियों ने लिया टीकाकरण में हिस्सा

खंडवा. दूसरे चरण में हुए फ्रंट लाइन वर्कर्स के टीकाकरण में राजस्व विभाग के अधिकारी, कर्मचारी टीका लगवाने में फिसड्डी रहे। कोरोना टीकाकरण का दूसरा चरण 8 फरवरी से आरंभ हुआ था, जिसमें राजस्व, नगरीय निकाय, पंचायत और पुलिस विभाग के अधिकारियों कर्मचारियों को टीका लगाया गया था।
इसमें सबसे ज्यादा टीकाकरण पंचायत विभाग और सबसे कम टीकाकरण राजस्व विभाग का हुआ। दूसरे चरण में कुल 76.76 प्रतिशत टीकाकरण हुआ था। दूसरे चरण में 8 फरवरी से 20 फरवरी तक टीकाकरण का कार्य चला। इसमें एक सप्ताह टीकाकरण के बाद तीन दिन मापअप राउंड में भी स्वास्थ्य विभाग द्वारा हितग्राहियों को टीकाकरण का मौका दिया गया, लेकिन फिर भी राजस्व विभाग का टीकाकरण 60 प्रतिशत से ज्यादा नहीं हो पाया। फिर भी शनिवार को अंतिम दिन तक राजस्व विभाग का टीकाकरण 60 प्रतिशत नहीं हो पाया। जबकि नगरीय निकाय, पंचायत और पुलिस विभाग के अधिकारी, कर्मचारियों का 80 प्रतिशत से ज्यादा टीकाकरण हुआ है।
पोर्टल से हितग्राही गायब, नहीं हो पाया टीकाकरण
पहले चरण में कोरोना का टीका लगवाने वाले स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को 28 दिन बाद बूस्टर डोज लगाने का कार्य सोमवार से आरंभ हुआ। शहर के जिला अस्पताल के बी-ब्लॉक स्थित चार केंद्रों और कई ब्लॉकों पर एक भी स्वास्थ्य कार्यकर्ता को टीके का दूसरा डोज नहीं लग पाया। यहां स्वास्थ्य विभाग के कोविन एप पोर्टल पर हितग्राहियों के नाम ही नहीं दिख रहे थे। जिसके कारण स्वास्थ्य विभाग को यहां टीकाकरण स्थगित करना पड़ा। वहीं, जिले के 6 टीकाकरण केंद्रों पर 57.11 प्रतिशत ही टीकाकरण हो पाया।
जिले में स्वास्थ्य विभाग द्वारा 16 जनवरी से पहले चरण में स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं का टीकाकरण किया गया था। पहले चरण में कोरोना का टीका लगवाने वाले हेल्थ वर्कर्स को सोमवार से दूसरा डोज लगाना आरंभ हुआ है। जिला अस्पताल के चार केंद्रों पर 400 हितग्राहियों को सोमवार टीके का दूसरा डोज लगाया जाना था। स्वास्थ्य विभाग के पोर्टल पर खंडवा के हितग्राहियों का नाम ही गायब हो गया। सुबह 9 बजे तक भी जब पोर्टल पर नाम सामने नहीं आए तो अधिकारियों ने प्रदेश स्तर पर चर्चा की।

अजय पालीवाल
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