कोरोना संक्रमण के निजामुद्दीन मरकज से जुड़े तार, खंडवा के लोग गए थे दिल्ली, छिपाई थी हिस्ट्री

मूंदी में होने वाले इज्तिमा कार्यक्रम को निरस्त कराने गए थे मरकज, तीन दिन रुके, खंडवा लौटकर पहुंचे थे खड़कपुरा मस्जिद
कर्नाटका के बेलगाम के जमातियों की स्क्रीनिंग के दौरान दो आरोपी मिले थे मस्जिद में, संदेह पर पुलिस ने खंगाली मोबाइल लोकेशन

खंडवा. दिल्ली के निजामुद्दीन स्थित मरकज से लौटने के बाद ट्रेवल हिस्ट्री छिपाने और कोरोना संक्रमण की पुष्टि होने पर पुलिस ने चार जमातियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया है। जानकारी के अनुसार प्रत्येक वर्ष खंडवा होने वाला इज्तिमा इस साल मूंदी में 30 मार्च से 3 अप्रैल तक होने आयोजित किया जा रहा था। कार्यक्रम अप्रैल माह में होना था, लेकिन इसी बीच देश में कोरोना महामारी का प्रकोप शुरू हो गया। इसके चलते कार्यक्रम स्थगित करने का विचार बनाया। इसी को लेकर मुन्ना उर्फ शकील निवासी पंधाना रोड, मौलाना वसीम और रिहान दोनों निवासी खड़कपुरा और हातिम बावला निवासी दूध तलाई इज्मिता स्तगित कराने के लिए दिल्ली के निजामुद्दीन स्थित मरकज पहुंचे। यहां चारों जमाती तीन दिन तक रुके। इसके बाद खंडवा लौटे और ट्रेवल हिस्ट्री छिपाई। वहीं उक्त जमाती लगातार खड़कपुरा मस्जिद में आते-जाते रहे। इसी बीच 31 मार्च को पुलिस ने मस्जिद में ठहरे कर्नाटक बेलगाम के जमातियों की स्क्रीनिंग कराई गई। इस दौरान मौलाना वसीम और रिहान दोनों मस्जिद में ही मौजूद थे। पुलिस ने उनसे ट्रेवल हिस्ट्री को लेकर पूछताछ की, लेकिन उन्होंने कहीं भी जाने से इनकार कर दिया।
पॉजिटिव सामने आए तो खंगाली मोबाइल लोकेशन
कर्नाटक के चार जमातियों की कोरोना जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर पुलिस ने उनकी हिस्ट्री और संपर्क की पड़ताल शुरू की। तभी दिल्ली से लौटे जमाती मस्जिद के सीसीटीवी कैमरे में आते-जाते दिखे। उनकी जांच की तो कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई। उन्होंने अपनी टे्रवल हिस्ट्री नहीं बताई। इस पर पुलिस ने चारों जमातियों की मोबाइल लोकेशन खंगाली। साइबर सेल की जांच में उक्त लोगों की मोबाइल लोकेशन दिल्ली में मिली। इसी आधार पर पूछताछ की तो उन्होंने दिल्ली मरकज जाने की बात कबूली। इस पर पुलिस ने चारों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया।
6 को दिल्ली गए और 11 मार्च को लौटे थे खंडवा
6 मार्च को आरोपी मुन्ना उर्फ शकील, मौलाना वसीम, रिहान और हातिम बावला दिल्ली के निजामुद्दीन तबलीगी जमात मरकज के लिए खंडवा से रवाना हुए। 7 मार्च को मरकज पहुंचे। यहां 7 से 9 मार्च तक रूके और 10 मार्च को दिल्ली से खंडवा के लिए रवाना हुए। 11 को खंडवा पहुंचे, लेकिन किसी को भनक नहीं लगने दी। इसी के बाद खंडवा में पहला कोरोना वायरस से संक्रमित मरीज सामने आया था। ट्रेवल हिस्ट्री छिपाने पर कोतवाली पुलिस ने चारों जमातियों के खिलाफ धारा 269, 270, 271, 188, 34 भादवि और आपदा प्रबधंन अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज किया है।
दो जमाती दिल्ली में अभी भी फंसे
इधर, जानकारी के अनुसार दिल्ली मरकज में आयोजित धार्मिक कार्यक्रम में खंडवा से अधिकृत तौर पर दो जमाती शामिल होने पहुंचे थे। शासन से लिस्ट जारी होने पर पुलिस ने पड़ताल की तो दोनों जमाती दिल्ली में ही होने सामने आया था। इसमें खंडवा से शेख शहीद और हुजैफा सिद्दीकीनिजामुद्दीन मरकज गए थे। दोनों की कोरोना जांच दिल्ली में हुई। यह दोनों जमाती इस समय भी दिल्ली में ही फंसे हुए हैं।

एक कोरोना मरीज गया था भीलवाड़ा के जहाजपुर
शहर में मिले कोरोना संक्रमित मरीजों की ट्रेवल हिस्ट्री स्वास्थ्य विभाग सहित पुलिस खंगाल रही थी। ज्यादातर की हिस्ट्री व संपर्क मिल चुका है, लेकिन कुछ ने अभी भी जानकारी छिपा रखी है। सूत्रों की मानें तो हरिगंज क्षेत्र में मिले कोरोना पॉजिटिव मरीज की टे्रवल हिस्ट्री राजस्थान की निकल सामने आई है। उक्त मरीज होली त्योहार के बाद खंडवा से राजस्थान के भीलवाड़ा के पास स्थित जहाजपुर गया था। वहां से लौटने के बाद कोरोना संक्रमित पाया गया।
वर्जन...
दिल्ली के मरकज गए चार जमातियों ने ट्रेवल हिस्ट्री छिपाई थी। संक्रमण की पुष्टि होने पर जांच के आधार पर चारों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया गया। चारों आरोपियों को नोटिस दिए हैं। होम क्वॉरंटीन की अवधि समाप्त होने पर उनकी गिरफ्तारी की जाएगी।
ललित गठरे, सीएसपी

जितेंद्र तिवारी Reporting
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