सराफा व्यापारी को गोली मार कर लूट करने वाले कुख्यात तीन लुटेरों को सात वर्ष की कैद

मांधाता थाना क्षेत्र के ओंकारेश्वर में सनावद के व्यापारी को गोली मारकर की थी लूट, छीपाबड़ व इंदौर से गिरफ्तार हुए थे आरोपी

खंडवा. ओंकारेश्वर में सराफा व्यापारी को गोली मारकर लूट की वारदात को अंजाम देने वाले तीन कुख्यात लुटेरों को अदालत ने सजा सुनाई है। मांधाता थाना के सनसनीखेज लूट के प्रकरण में मंगलवार को द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश तपेश कुमार दुबे की कोर्ट में सुनवाई हुई। न्यायालय ने प्रकरण में सुनवाई करते हुए हिस्ट्रीशीटर आरोपी विश्वास पिता दिलीप सोनी (35) निवासी पड़ावा, मनोज उर्फ मोनू पेंटर पिता बद्रीप्रसाद शर्मा (55) निवासी दुबे कालोनी और संजय पिता बाबूलाल विश्वकर्मा (48) निवासी भवानीनगर सांवेर रोड़ (इंदौर) को धारा 397 के तहत दोषी करार देते हुए सात-सात वर्ष के कारावास और 500-500 रुपए जुर्माने की सजा सुनाई। साथ ही आरोपी मनोज शर्मा को धारा 27 आयुध अधिनियम के तहत तीन वर्ष के सश्रम कारावास और एक हजार रुपए जुर्माने से दंडित किया है। शासन की ओर से प्रकरण में पैरवी डीपीओ चंद्रशेखर हुक्मलवार ने की। सजा के बाद आरोपियों को जेल भेज दिया गया।
कार के सामने पिकअप अड़ा मारी गोली और लूटा था
मीडिया सेल प्रभारी एडीपीओ मो. जाहिद खान ने बताया जनवरी 2019 को सराफा व्यापारी पारितोष पिता राजेन्द्र सोनी (25) निवासी सनावद रोजाना की तरह ओंकारेश्वर स्थित ज्वेलर्स दुकान खोलने कार से 100 ग्राम सोना और 150 ग्राम चांदी के आभूषण लेकर आ रहा था। तभी सुबह करीब 11 बजे नर्मदा रिसोर्ट वाले सुनसान रास्ते में आरोपियों ने व्यापारी की कार के सामने पिकअप वाहन अड़ा दिया। कार रूकते ही आरोपियों ने पारितोष पर दाहिने कंधे पर गोली दाग दी। वहीं कार में रखे जेवरात लेकर फरार हो गए। घटनाक्रम की खबर मिलते ही पुलिस ने तफ्तीश शुरू की। इसी बीच छीपाबड़ पुलिस ने चारुवा रोड़ कलारी के सामने तालाब से देशी पिस्टल, दो जिंदा कारतूस, तीन खाली खोके सहित अन्य सामग्री के साथ आरोपी विश्वास सोनी और मनोज शर्मा को गिरफ्तार किया था। वहीं मनोज विश्वकर्मा को मांधाता पुलिस ने इंदौर से गिरफ्तार किया था।
डॉक्टर्स को धमकाकर जीने का टैक्स मांगते थे आरोपी
लूट के आरोपी हिस्ट्रीशीटर हैं। इनके खिलाफ पूर्व से ही गंभीर मामलों में प्रकरण दर्ज है। जानकारी के अनुसार आरोपी मनोज उर्फ मीनू पेंटर व विश्वास सोनी के खिलाफ 11-11 मुकदमे दर्ज हैं। वर्ष 2004 में डॉक्टरों को पत्र लिखकर जीने का टैक्स मांगने और डॉ. दीपक गंधे को गोली मारने के बाद आरोपी मनोज शर्मा सुर्खियों में आया था। इसके बाद आरोपी ने लगातार लूट, हत्या, चोरी जैसे वारदातों को अंजाम दिया। आरोपी जेल में रहते हुए कोर्ट के लॉकअप से फरार भी हुआ था। वहीं गिरफ्तार होने के बाद जेल से बाहर आया तो विश्वासन के साथ मिलकर दोबारा वारादतों को अंजाम देना शुरू कर दिया था। आसपास के जिलों में भी आरोपियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज है।

जितेंद्र तिवारी Reporting
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