घायल दोस्त को जिंदा रेलवे ट्रैक पर फेंक हत्या करने वालों को उम्रकैद

दोस्त की हत्या कर शव ट्रैक पर फेंकने वाले तीन आरोपियों को उम्रकैद

जावर थाना क्षेत्र के ढाई साल पुराने मामले में आया फैसला, हाथ पर लिखे नाम से हुई थी मृतक की पहचान

खंडवा. जावर थाना क्षेत्र के हत्या प्रकरण में मंगलवार को अदालत ने फैसला सुनाया है। प्रकरण की सुनवाई विशेष न्यायाधीश अनुसूचित जाति एवं जनजाति सुरेन्द्र कुमार श्रीवास्तव की कोर्ट में हुई। न्यायालय ने मामले में सुनवाई करते हुए आरोपी आसिफ उर्फ सोनू पिता यूसुफ (23) निवासी मूंदी, जितेन्द्र पिता सीताराम (24) निवासी बल्लभनगर मूंदी और दिलीप पिता आनंदराम (25) निवासी बांगरदा को उम्रकैद के कारावास और 200-200 रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है। सजा के बाद आरोपियों को जेल भेज दिया गया। मामले में शासन की ओर से पैरवी उप संचालक अभियोजन एमएल सोलंकी ने की। मीडिया प्रभारी एडीपीओ मो. जाहिद खान ने बताया 9 दिसंबर 2017 को जावर थाना क्षेत्र के रेलवे ट्रैक पर युवक का नग्नावस्था में शव मिला था। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले में तफ्तीश शुरू की। इसी दौरान हाथ पर लिखे मुकेश व अंजू नाम से मृतक की पहचान मुकेश पिता तुमेरसिंग भिलाला (25) निवासी मूंदी के रूप में हुई। परिजन ने बयान में बताया 8 दिसंबर 2017 को मृतक मुकेश उसके दोस्त जितेन्द्र, दिलीप, आसिफ उर्फ सोनू और नीलेश के साथ रात में घर से गया था। संदेहियों के नाम सामने आने पर पुलिस ने तलाश शुरू की। आरोपी अपने घरों से फरार थे। संदेह पुख्ता होने पर पुलिस ने आरोपियों की धरपकड़ की। गिरफ्तारी होने पर पूछताछ में आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल लिया। इसी प्रकरण में न्यायालय ने सजा सुनाई।

पुलिस से बचने जिंदा ट्रैक पर फेंका था
गिरफ्तारी के दौरान आरोपियों ने बताया था कि मृतक के साथ वह तार चोरी करने के लिए गए थे। देवला से नहर के रास्ते डोंगरगांव पहुंचे। यहां बिजली पोल पर चढ़कर बिजली तार काट रहे थे। इसी दौरान मृतक मुकेश पोल से गिरकर घायल हो गया। उसे अस्पताल या घर ले जाने में पुलिस में पकड़े जाने का डर था। इसी कारण आरोपी बदहवास अवस्था में मुकेश को लाकर जिंदा रेलवे ट्रैक पर फेंक दिया। वहीं हाथ पर लिखे नाम से पहचान होने के संदेह में एक हाथ भी काटकर ले गए, लेकिन अंधेरे में दूसरा हाथ लेकर आरोपी फरार हुए थे।

चोरी के आरोपी को दो वर्ष की सजा

खंडवा. घर में घुसकर चोरी करने वाले आरोपी को न्यायालय ने सजा सुनाई है। मामला 1 सितंबर 2017 को ग्राम बखार का है। प्रकरण में पैरवी कर रहे एडीपीओ अनिल चौहान ने बताया फरियादी गजानंद पिता भाईराम निवासी बखार मुख्यमंत्री तीर्थदर्शन योजना के तहत पुरी की यात्रा पर गए थे। इसी दौरान सूने मकान का टीन उचकाकर घर में रखे नकद 6500 रुपए चोर लेकर फरार हो गए। फरियादी गजानंद 7 सितंबर को यात्रा से लौटकर घर पहुंचे तो वारदात सामने आई। खालवा थाने में शिकायत की। शिकायत पर जांच करते हुए पुलिस ने आरोपी सुनील पिता चैनसिंग कोरकू निवासी बखार को गिरफ्तार किया था। इसी प्रकरण में मंगलवार को न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी हरसूद की कोर्ट ने सुनवाई करते हुए आरोपी सुनील को दो वर्ष के कारावास और एक हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है।

जितेंद्र तिवारी Reporting
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