5 दिन से पुलिस थाने में बंद करके मार रही थी, हुई युवक की मौत

-थाने में बंद चोरी के आरोपी की मौत के बाद परिजन ने लगाया आरोप
-दिनभर मांधाता थाना और सिविल अस्पताल के बाहर चलता रहा हंगामा
-न्यायिक मजिस्ट्रेट की देखरेख में मेडिकल कॉलेज डॉक्टर्स की टीम ने किया पोस्टमार्टम
-थाना संभालते ही टीआइ पर दूसरी बार गिरी गाज, तीन अन्य भी निलंबित

By: मनीष अरोड़ा

Published: 14 Sep 2021, 11:27 PM IST

Barwani, Barwani, Madhya Pradesh, India

खंडवा.
मांधाता थाना पुलिस की अभिरक्षा में बाइक चोरी के आरोपी की संदिग्ध मौत के बाद मंगलवार दिनभर थाने और सिविल अस्पताल के सामने हंगामा चलता रहा। घटना सोमवार रात 2 बजे की है। यहां बाइक चोरी के आरोप में बेडिय़ांव थाना क्षेत्र के भोगांवा निपानी के दो सगे भाईयों को पुलिस ने गिरफ्तार किया था, जो थाना लाकअप में बंद थे। रात 2 बजे आरोपी किशन की तबियत बिगड़ी और अस्पताल ले जाते समय मौत हो गई। परिजन का आरोप है कि पुलिस 5 दिन पूर्व दोनों भाईयों को पकड़कर लाई थी और मारपीट कर रही थी। पुलिस की पिटाई से ही किशन की मौत हुई है।
पुलिस के अनुसार बाइक चोरी के मामले में मांधाता पुलिस ने सोमवार रात को भोगांवा निपानी से किशन जियालाल मानकर (23) और पवन जियालाल मानकर को गिरफ्तार किया था। रात को पवन ने पुलिस को आवाज दी कि उसके भाई को घबराहट हो रही है। तुरंत ही पुलिसकर्मी किशन को लेकर सिविल अस्पताल पहुंचे और डॉक्टर को दिखाया। यहां ड्यूटी डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। मंगलवार सुबह पुलिस ने इसकी सूचना उसके पिता और अन्य परिजनों को दी। जिसके बाद परिजन और बड़ी संख्या में क्षेत्र के ग्रामीण मांधाता सिविल अस्पताल पहुंचे। यहां दिनभर कार्रवाई की मांग को लेकर हंगामा चलता रहा।
कुर्सी से बांधकर पीटते रहे
बाइक चोरी के मामले में किशन के साथ हिरासत में लिए गए उसके बड़े भाई पवन ने पुलिस पर मारपीट का आरोप लगाया है। पवन मानकर ने बताया कि चार-पांच दिन पहले पुलिस ने दोनों को पकड$का था। छोटे भाई किशन को पुलिसकर्मी कमरे में बांधकर पीटते रहे। उसे कुर्सी से बांधा और पिटाई करने के साथ उसके उपर पानी भी डालते रहे।
बुधवार शाम को लाए थे पकड़कर
मृतक के पिता जियालाल मानकर ने आरोप लगाया कि उसके बेटे को पुलिस ने मार डाला। जियालाल ने बताया कि दोनों लड़कों को बुधवार शाम 4 बजे पुलिस उठाकर लाई थी। पुलिस ने बताया था कि दोनों ने बाइक चोरी की है। पुलिस ने दोनों से थाने के पीछे गड्ढे भी करवाए थे। मंगलवार को बताया कि किशन की तबियत खराब है, यहां आने पर पता चला कि उसकी मौत हो गई है।
छावनी में बदला ओंकारेश्वर
हिरासत में युवक की मौत के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया। सुबह एएसपी प्रकाश परिहार, एसडीओपी मूंदी राकेश कुमार पैंड्रो मांधाता थाने पहुंच गए। आरोपी किशन की मौत की सूचना मिलते ही आदिवासी संगठनों के साथ ही अन्य ग्रामीण दोपहिया, चार पहिया वाहनों से आना शुरू हो गए। सुबह 10 बजे एसपी विवेक सिंह भी मांधाता पहुंचे। यहां पुलिस के खिलाफ बनते माहौल को देखकर अस्पताल, थाने सहित बस स्टैंड प्रवेश मार्ग पर पुलिस का पहरा लगा दिया गया। दोपहर में आईजी इंदौर हरिनारायणचारी भी मौके पर पहुंच गए।
जेएमएफसी की निगरानी में हुआ पीएम
मामले की गंभीरता को देखते हुए गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने इसकी न्यायिक जांच के साथ ही मजिस्ट्रेट की निगरानी में पीएम कराने के निर्देश दिए थे। दिनभर चले हंगामे के बाद शाम 6.30 बजे न्यायिक मजिस्ट्रेट फस्र्ट क्लास न्यायाधीश जितेंद्र मेहर की निगरानी में तीन डॉक्टर्स के पैनल ने पोस्टमार्टम किया। जिसमें मेडिकल कॉलेज खंडवा के फारेंसिक विभाग एचओडी डॉ. सीमा सूते, विशेषज्ञ डॉ. अनिल मंगेश व एक अन्य डॉक्टर शामिल थे। पीएम की पूरी कार्रवाई की वीडियोग्राफी भी कराई गई।
जो भी दोषी होगा, बख्शा नहीं जाएगा
दोनों भाईयों को सोमवार को ही चोरी के केस में गिरफ्तार किया था, उनसे पांच बाइक भी बरामद की थी। हिरासत में युवक की मौत के मामले में न्यायिक जांच की जा रही है। मजिस्ट्रेट की उपस्थिति में तीन डॉक्टर्स के पैनल ने पीएम किया है। रिपोर्ट का इंतजार है। युवक के साथ मारपीट हुई होगी तो जो भी दोषी होगा बख्शा नहीं जाएगा।
विवेक सिंह, पुलिस अधीक्षक

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