scriptDisaster Management : 86 thousand population at risk due to rising | आपदा प्रबंधन : नदियों में जलस्तर बढ़ने से 86 हजार आबादी को खतरा, बचाव का ब्लू प्रिंट तैयार | Patrika News

आपदा प्रबंधन : नदियों में जलस्तर बढ़ने से 86 हजार आबादी को खतरा, बचाव का ब्लू प्रिंट तैयार

जिले के नर्मदा, आबना समेत 9 नदियां हो रहीं प्रवाहित, दो बड़े जलाशयों हुई थी तबाही, अभी तक सिर्फ एक बार हुई मॉकड्रिल और दो बार किए बैठक, अब पंचायत चुनाव में अफसर हो गए व्यस्त

खंडवा

Published: June 21, 2022 11:24:06 am

खंडवा. जिले में बारिश के दौरान नदियों में जलस्तर बढ़ने व जलाशयों से छोड़े जाने वाले पानी की वजह से 55 गांव बाढ़ प्रभावित होते हैं। ओंकारेश्वर और इंदिरा सागर बांध से पानी छोड़ने पर 23 एवं 24 गावों में जलभराव का खतरा बढ़ जाता है। अति वर्षा के कारण नगर निगम एरिया के 13 वार्डो में जलभराव के चलते मोहल्ले वालों की मुश्किलें बढ़ जाती हैं। वर्ष 2007 में बारिश के दौरान अकेले नर्मदा, आबना, सुकता, अग्नि, शिव, खलखली आदि नदियों के उफान के चलते बाढ़ प्रभावित पुनासा, पंधाना, हरसूद समेत अन्य तहसील क्षेत्र में 86 हजार से अधिक आबादी के सामने संकट खड़ा हो जाता है। जिला प्रशासन ने चालू वर्ष में आपदा प्रबंधन की समीक्षा करने के बाद पंचायत चुनाव में व्यस्त हो गया है।
Disaster management and NDRF's hard work was successful, the dead man'
Disaster management and NDRF's hard work was successful, the dead man'
55 गांवों में बाढ़ का खतरा
अब फिर से बारिश का मौसम आ रहा है और जल भराव वाले 55 गांवों में बाढ़ का खतरा रहेगा। इनमें पुनासा क्षेत्र के 19 गांवों सहित हरसूद के 14, पंधाना के 16 और खंडवा के 12 गांवों में भी जल भराव की संभावना रहेगी। जबकि नगर निगम क्षेत्र में करीब 13 वार्ड की 60 से अधिक निलचे एरिया की बस्तियां ऐसी हैं जहां हर बारिश में जल भराव होता है। इससे निपटने के लिए नगर निगम और जिला प्रशासन ने तैयारियां के नाम पर सिर्फ कंट्रोल रूम स्थापित किए हैं। मैदानी स्तर पर बचाव के लिए सीमित संसाधनों को बढ़ाने पर ध्यान नहीं दिया गया है। आपदा प्रबंधन के लिए प्रशिक्षित होमगार्ड, एसडीआरएफ सहित अन्य की मॉकड्रिल हुई है लेकिन वास्तविक स्थितियों में असफल रहने पर बीएसएफ और आर्मी तक की सहायता लेनी पड़ी थी।

शहर में जलभराव वाले क्षेत्र के लोगों को बारिश से सहमें
शहर के जलभराव वाले के लोग बीती रात झमझम बारिश से पिछले दिनों की याद आने लगी है। अधिक बारिश होने पर शहर के वार्ड 2, 7, 8, 9, 10, 11, 14, 15,26,27,28,32,49 एवं 50 निचले क्षेत्र वाली बस्तियों में जलभराव होने पर संवेदनशील क्षेत्र चिह्नित किए गए हैं। अधिक बारिश से कर्बला क्षेत्र आबना नदी के आस पास झुग्गी बस्ती क्षेत्र निचले क्षेत्र में पानी की रुकावट न होने पर सरोजनी नायडू, घासपुरा, चिडिया मैदान, रेल्वे स्टेशन के आस-पास, तीन पुलिया, हरीशंकर मुस्क्तधाम, राम नगर के दक्षिणी छोर की निचली बस्तियां, गोल मोल बाबा के पास झुग्गी क्षेत्र, बंजारा बस्ती, इदगाह के पीछे का क्षेत्र, शंकरतालाब से प्रभावित महारानी लक्ष्मी बाइ स्कूल के पीछे समेत बौद्ध नगर रेलवे ओवर ब्रिज से छह नंबर प्लेट फार्म नाले के किनारे के झुग्गी बस्ती तक जलभराव क्षेत्र में बारिश के दौरान परेशानी याद आने लगी है।

जिले में प्रवाहित नदियों, नाले व बांधव व तालाबों पर नजर
नदियां-आबना, सुकता, अग्नि, ताप्ती, नर्मदा, शिव, खलबली, छोटी तवा, भाम नदी।
नाले-छोटी आबना नाला, तीन पुलिया, रामनगर, शक्कर तालाब, चंपा नाला।
तालाब-नागचुन, शंकर तालाब
बांध-इंदिरा सागर, ओंकारेश्वर जलाशय

इस तरह की घटनाओं पर रखनी है नजर
ग्रामीण क्षेत्र अगर जल भराव और बांधों से पानी छोड़े जाने पर नदियों का जल स्तर बढ़ेगा और नीचे पुल या रपट डूब जाएंगे। बरसाती नदी-नालों में तैरना न जानने वाले लोगों की जान पर खतरा रहेगा। सर्पदंश की घटनाओं में बढ़ोतरी हो सकती है। शहरी क्षेत्र जल निकास को सही बनाए रखना बड़ी चुनौती है। जर्जर मकानों के गिरने का खतरा लगातार बना रहेगा। निचली बस्तियों में पानी भरने से स्थिति खराब होने की संभावना रहेगी।

इन क्षेत्रों में पुल, पुलियों पर बाढ़ का पानी
जिले से होकर गुजरने वाले मार्ग खंडवा, खालवा, पंधाना, पुनासा, हरसूद के कई जगहों पर बाढ़ के दौरान पुल, पुलिया, रपटा समेत मार्ग प्रभावित हो जाते हैं। इस जिले से गुरजने वाले मार्ग पर लगभग 16 स्थलों पर बाढ़ के कारण मार्ग प्रभावित होता है।

वर्ष 1993 व 2014 में मच गई थी भगदड़
जिले के पुनासा तहसील क्षेत्र के ओंकारेश्वर में 19 जुलाई वर्ष 1993 व 2014 में भगदड़ की घटनाएं हो चुकी हैं। आपदा प्रबंधन को लेकर इन घटनाओं पर भी चर्चा की गई।

सबसे लोकप्रिय

शानदार खबरें

Newsletters

epatrikaGet the daily edition

Follow Us

epatrikaepatrikaepatrikaepatrikaepatrika

Download Partika Apps

epatrikaepatrika

Trending Stories

Monsoon Alert : राजस्थान के आधे जिलों में कमजोर पड़ेगा मानसून, दो संभागों में ही भारी बारिश का अलर्टमुस्कुराए बांध: प्रदेश के बांधों में पानी की आवक जारी, बीसलपुर बांध के जलस्तर में छह सेंटीमीटर की हुई बढ़ोतरीराजस्थान में राशन की दुकानों पर अब गार्ड सिस्टम, मिलेगी ये सुविधाधन दायक मानी जाती हैं ये 5 अंगूठियां, लेकिन इस तरह से पहनने पर हो सकता है नुकसानस्वप्न शास्त्र: सपने में खुद को बार-बार ऊंचाई से गिरते देखना नहीं है बेवजह, जानें क्या है इसका मतलबराखी पर बेटियों को तोहफे में देना चाहता था भाई, बेटे की लालसा में दूसरे का बच्चा चुरा एक पिता बना किडनैपरबंटी-बबली ने मकान मालिक को लगाई 8 लाख रुपए की चपत, बलात्कार के केस में फंसाने की दी थी धमकीराजस्थान में ईडी की एन्ट्री, शेयर ब्रोकर को किया गिरफ्तार, पैसे लगाए बिना करोड़ों की दौलत

बड़ी खबरें

बिहार कैबिनेट पर दिल्ली में मंथन, आज शाम सोनिया गांधी से मिलेंगे तेजस्वी यादव, 2024 के PM कैंडिडेट पर बोले नीतीश कुमारCoronavirus News Live Updates in India : राजस्थान में एक्टिव मरीज 4 हजार के पारडिप्टी सीएम बनने के बाद आज पहली बार लालू यादव से मिलेंगे तेजस्वी यादव, मंत्रालयों के बंटवारे पर होगी चर्चाRajasthan BSP : 6 विधायकों के 'झटके' से उबरने की कवायद, सुप्रीमो Mayawati की 'हिदायत' पर हो रहा कामJammu Kashmir: कश्मीर में एक और बिहारी मजदूर की हत्या, बांदीपोरा में आतंकियों ने मोहम्मद अमरेज को मारी गोलीबिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार 'बिहार वृक्ष सुरक्षा दिवस' कार्यक्रम में हुए शामिल, पेड़ को बांधी राखी, कहा - वृक्ष की भी होनी चाहिए रक्षाअमरीका: गर्भपात के मामले में फेसबुक ने पुलिस से शेयर की माँ-बेटी की चैट हिस्ट्री, अमरीका से लेकर भारत तक रोष, निजता के अधिकार पर उठे सवालLegends league के लिए पाकिस्तानी क्रिकेटरों को वीजा देगा भारत?, BCCI अधिकारी ने कही ये बात
Copyright © 2021 Patrika Group. All Rights Reserved.