आजादी के 70 साल बाद भी नहीं बना फिफराड नदी पर पुल, लोग परेशान

आज सांसद विधायक को संत सिंगाजी धाम में ग्रामीण ज्ञापन देकर समस्या से कराएंगे अवगत

By: tarunendra chauhan

Published: 21 Nov 2020, 09:01 PM IST

खंडवा. मांडला से नर्मदा परिक्रमावासियों को सिंगाजी जाने के लिए 20 किलोमीटर से ज्यादा का सफर तय करना पड़ता है, लेकिन सोमगांव करौली को जोडऩे वाली फिफराड नदी पर आजादी के 70 वर्ष बाद भी पुल का निर्माण नहीं हो सका है। ग्रामीण वर्षों से सरकार और जनप्रतिनिधियों से इस पर पुल बनाने की मांग कर रहे हैं, जो आज तक पूरी नहीं हुई। यदि इस नदी पर ब्रिज बन जाए तो नर्मदा परिक्रमा करने वाले श्रद्धालुओं को सिंगाजी पहुंचने के लिए 10 किलोमीटर का फेरा नहीं लगाना पड़ेगा और साथ ही सोमगांव करौली का संपर्क, जो बरसात के कारण नदी में पानी ज्यादा होने के कारण टूट जाता है। पुल नहीं बनने से समस्या का निराकरण नहीं हो सकेगा।

ग्रामीणों ने बताया कि लगभग 2 वर्ष पहले पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह नर्मदा परिक्रमा यात्रा के दौरान इस मार्ग से गुजरे थे, तब ग्रामीणों ने ब्रिज बनाने की मांग की थी, लेकिन ग्रामीणों को पुल का लाभ नहीं मिल सका। वहीं प्रदेश सरकार में वन मंत्री और हरसूद विधायक विजय शाह भी जब इस मार्ग से संत सिंगाजी धाम निशान चढ़ाने पैदल पहुंचे तो ग्रामीणों ने पुल निर्माण कराने की मांग की थी, जिस पर मंत्री ने आश्वासन मिला था, लेकिन उस पर अमल आज तक नहीं हो सका है।

सोमगांव करौली के बीच स्थित फिफराड नदी पर पुल बनने से नर्मदा परिक्रमावासियों को 10 किलोमीटर का कम लगाना पड़ेगा चक्कर
चुनाव के दौरान सांसद विधायक ने दिया था आश्वासन जीतने के बाद बनेगा पुल, वन मंत्री शाह ने भी निशान चढ़ाने के दौरान इस मार्ग का किया था उपयोग

सांसद ने भी दिया आश्वासन
सोमगांव निवासी बलवीर सिंह निकुंभ, महेंद्र सिंह मौर्य ने बताया कि उपचुनाव में प्रचार के दौरान सांसद नंदकुमार सिंह चौहान और भाजपा प्रत्याशी नारायण पटेल जब गांव में वोट मांगने आए थे, तब ग्रामीणों ने पुल बनाने की मांग के साथ ही पुल के अभाव में होने वाली असुविधा से अवगत कराया था। सांसद ने आश्वासन दिया था कि जीतने के बाद पुल का निर्माण कराएंगे। ग्रामीणों का कहना है कि सरकार भी बन गई और विधायक भी बन गए। अब ग्रामीणों और बच्चों के भविष्य को देखते हुए सांसद, विधायक, मुख्यमंत्री के सामने हमारे पुल की समस्या को रखकर जो 70 वर्षों में नहीं हो सका वह अब पूरा कराया जाए। ग्रामीणों ने बताया कि शनिवार को विधायक और सांसद संत सिंगाजी धाम में निशान चढ़ाने आ रहे हैं तो हम सब ग्रामीण मिलकर एक बार पुन: समस्या से अवगत कराने ज्ञापन सौंपेंगे।

Show More
tarunendra chauhan Desk
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned