कोरोन का हर दसवां मरीज हो रहा साइड इफेक्ट का शिकार

-ठीक होने के बाद निमोनिया, शुगर लेवल बढने की आ रही शिकायत
-विशेषज्ञों का कहना इलाज के दौरान दवाओं से बढ़ता शुगर लेवल, चिंता की बात नहीं

खंडवा.
ठंड में कोरोना संक्रमण बढऩे के साथ ही मरीजों में ठीक होने के बाद साइड इफेक्ट का भी शिकार हो रहे है। हर दस कोरोना संक्रमित मरीज मेें से एक मरीज को ठीक होने के बाद अन्य बीमारियां भी जकडऩे लगी है। ठीक हुए मरीजों में फेफड़ों का इंफेक्शन, निमोनिया, शुगर लेवल बढऩे की शिकायत सामने आ रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि ठंड के चलते समस्या बनी हुई हैं, लेकिन सावधानी रखने से बीमारी को दूर किया जा सकता है। ठीक हुए मरीजों को खान-पान और योगा, एक्सरसाइज पर विशेष ध्यान रखना होगा।
कोरोना संक्रमित मरीज ठीक होने के बाद दोबारा अस्पताल पहुंचने लगेे है। हर दसवां मरीज कोरोना से ठीक होने के बाद साइड इफेक्ट का शिकार होकर अस्पताल पहुंच रहा है। कोविड-19 के मरीजों का इलाज कर रहे फिजिशियन डॉ. पंकज जैन ने बताया कि ठंड के चलते कोविड से ठीक हुए मरीजों में निमोनिया की शिकायत सामने आ रही है। इसे पोस्ट कोविड प्रिकवेली कहा जा सकता है। जो मरीज साइड इफेक्ट का शिकार हो रहे हैं, उसमें अधिकतर वे मरीज है जो पहले से हायपर टेंशन, बीपी और शुगर से ग्रसित रहे है। वहीं, इनमें भी कोरोना लक्षण दिखने के बाद देरी से अस्पताल आने वाले मरीज शामिल है। इन मरीजों में ठीक होने के बाद भी निमोनिया की समस्या बनी हुई है।
बिना शुगर वाले मरीजों को हो रही डायबिटिज
कोविड-19 के इलाज के बाद ठीक होने वाले कई मरीजों में शुगर लेवल बढऩे की भी शिकायत सामने आ रही है। इसमें अधिकतर वो मरीज शामिल है, जिन्हें पहले से शुगर नहीं थी, लेकिन कोविड के इलाज के दौरान इनका अचानक शुगर लेवल बढ़ा है। विशेषज्ञ डॉ. पंकज जैन ने बताया कि कोविड के मरीज को इलाज के दौरान निमोनिया दूर करने के लिए एंटीबायोटिक और खून पतला करने के लिए स्टेरायड इंजेक्शन दिया जाना बेहद जरूरी है। स्टेरायड इंजेक्शन के कारण कई बार ब्लड में शुगर का लेवल बढ़ जाता है। इसके लिए मरीज को चिंता करने की कोई बात नहीं है। सावधानी बरतने से शुगर लेवल ठीक हो जाता है।
ये रखे सावधानी
डॉ. पंकज जैन ने बताया कि कोरोना पॉजिटिव मरीज ठीक होने के बाद विशेष रूप से सावधानी बरतें। निमोनिया से बचाव के लिए गर्म पानी ही पिए, सुबह दो घंटे धूप में बैठे, योगा, प्राणायाम करें, गर्म पानी की भाप जरूर लें। शुगर लेवल कम करने के लिए खान पान में शकर, आलू, चावल का उपयोग न करें, खाना खाने के बाद कम से कम एक किमी चहलकदमी करें। ठीक हुए मरीजों में जिन्हें डायबिटिज नहीं है और शुगर लेवल बढ़ा है तो इन सावधानियों से एक सप्ताह में ठीक हो सकता है।

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मनीष अरोड़ा Bureau Incharge
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