अधिकारी की गाड़ी देख फर्जी चिकित्सक क्लीनिक छोड़ भागे

ग्रामीणों की शिकायत पर पाडल्या उप स्वास्थ्य केंद्र जांच करने पहुंचे सीएमएचओ

By: tarunendra chauhan

Published: 05 Sep 2020, 12:14 PM IST

खंडवा. जिला मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी खालवा ब्लॉक के ग्राम पाडल्या में सब सेंटर का निरीक्षण करने पहुंचे थे। सीएमएचओ डॉ. डीएस चौहान की कार देख गांव में क्लीनिक चला रहा बंगाली डॉक्टर क्लीनिक खुला छोड़कर भाग गया। हालांकि बाद में डॉ. चौहान ने ग्रामीणों को भेजकर उसे बुलाया और चेतावनी देकर छोड़ दिया। सीएमएचओ की इस कार्रवाई की खबर ब्लॉक में फैलते ही आसपास के गांवों में संचालित फर्जी क्लीनिक संचालक शटर गिराकर चलते बने।

आदिवासी ब्लॉक के गांवों में 250 से अधिक बंगाली और फर्जी डिग्रीधारी डॉक्टर क्लीनिक चलाकर आदिवासियों का एलोपैथी पद्धति से बेखौफ इलाज कर रहे हैं। शुक्रवार को सीएमएचओ डॉ. चौहान पाडल्या के ग्रामीणों की उप स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थ नर्स तथा अन्य स्टाफ की शिकायत पर निरीक्षण करने आए थे। उन्होंने ग्रामीणों के बयान लिए और कार्रवाई का आश्वासन दिया। उन्होंने बंगाली डॉक्टर को चेतावनी देने तक ही कार्रवाई सीमित रखी।

पाडल्या से लौटते समय डॉ. चौहान ने रोशनी के एनआरसी (बाल शक्ति केंद्र) का निरीक्षण भी किया। गाजर घास, खरपतवार व कीचड़ से घिरे इस केंद्र की व्यवस्थाओं को सीएमएचओ ने बेहतर बताया। एनआरसी व रोशनी स्वास्थ्य केंद्र वर्षों से स्टाफ की कमी से जूझ रहा है। एनआरसी में भर्ती बच्चे घास व कीचड़ से उपजे मच्छरों के बीच इलाज करा रहे हैं, उनके परिजन भी परेशान रहते हैं। सीएमएचओ ने पाडल्या में तो बंगाली डॉक्टर को चेतावनी दी, लेकिन रोशनी में चल रहे ऐसे ही क्लीनिकों को नजरअंदाज कर दिया। रोशनी मेंं तीन-चार ऐसे डॉक्टर आदिवासियों का इलाज कर उनसे मोटी रकम वसूल रहे हैं।

इस संबंध में सीएमएचओ डॉ. चौहान का कहना है कि पाडल्या उपस्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण करने गया था। आसपास क्लीनिक पर नजर पड़ी तो पूछताछ की। अभी कोई कार्रवाई नहीं की है। खालवा बीएमओ को अवगत करा दिया है। रोशनी एनआरसी की व्यवस्था अच्छी है।

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