Farmers suffering - सरकार ने 4 रुपए दी फसल बीमा राशि, किसान ने कहा थोड़ा बढ़ा देते तो जहर ही खरीद लेते

किसानों का बनाया मजाक- बैंक ने 1200 रुपए काटा था बीमा प्रीमियम
गांव के अन्य किसानों को भी इसी तरह मिली राशि, एसडीएम के पास जाएंगे किसान

By: tarunendra chauhan

Published: 19 Sep 2020, 02:05 AM IST

खंडवा. बड़े दिन से सुन रहे थे कि शिवराज मामा 18 तारीख को किसानों को बीमा दे रहे हैं। शनिवार को जो लिस्ट मिली उसे देख मरने का मन कर रहा है। बैंक ने बीमा प्रीमियम ही 1200 रुपए काटी थी। सूची के अनुसार मुझे 4 रुपए बीमा मिला है। सरकार 25-50 रुपए और दे देती तो जहर ही खरीद लेते। दो साल से खरीफ फसल पैदा नहीं हो रही है। अब मरने के अलावा कोई रास्ता नहीं है। सरकार और बीमा कंपनी हमारा मजाक उड़ा रहे हैं। यह पीड़ा ग्राम पाडल्या के किसान जगदीश गोंड ने शनिवार को जारी बीमा सूची देखने के बाद रुंधे गले से व्यक्त की। उन्होंने बताया गांव में केवल मेरी फसल का ही नुकसान नहीं हुआ है। पूरे गांव की स्थिति खराब है। सभी की फसल नष्ट हुई है। अन्य किसानों की बीमा राशि भी 100 से 300 रुपए तक आई है। ऊपर वाला तो हमें मार ही रहा है अब सरकार भी कोई कसर नहीं छोड़ रही है। मेरी तीन एकड़ जमीन है। जैसे-तैसे कर्ज लेकर बोवनी की थी। फसल का एक दाना घर नहीं आया। अगली फसल कैसे बोएंगे। परिवार के 7 सदस्यों का पेट भरना मुश्किल है। मेरा बैंक ऑफ इंडिया पटाजन शाखा में 1.28 लाख रुपए का केसीसी खाता है। 1200 रुपए प्रीमियम काटने के बाद 4 रुपए बीमा बना किस गणित से बना यह हम आदिवासियों के समझ से बाहर है।
पटवारी भी सही रिपोर्ट नहीं देते
जगदीश ने बताया फसल नुकसान का सर्वे करने आए पटवारी भी मनमानी करते हैं। पूरी फसल नष्ट हो गई। जब हमने पूछा तो बताया कि 10 से 20 फीसदी ही नुकसान है। पटवारी ही गलत रिपोर्ट देगा तो हम कहां जाएंगे। उन्हें इतनी ईमानदारी तो रखना चाहिए कि सही को सही लिख सकें। शनिवार को पीडि़त किसान एसडीएम को आवेदन देने हरसूद जाएंगे।

बीओआइ के मैसेज से भी पुष्टि
किसानों को सोशल मीडिया पर वायरल सूची से ही इतने कम मुआवजे की जानकारी मिली है। हालांकि कृषि अधिकारी ने भी इसकी पुष्टि की। देर शाम पाडल्या के दशरथ पिता मांगीलाल को भी बैंक ऑफ इंडिया शाखा आशापुर से मैसेज आया। उनके खाते में 157 रुपए बीमा राशि डाली गई है। इस मैसेज ने भी किसानों की पीड़ा की पुष्टि कर दी है।
इन किसानों को इतना मिला बीमा
नाम राशि
जगदीश गोंड 4 रुपए
मोहनलाल राठौड़ 18
किशोर राठौड़ 78
असगर अली 78
जीएल गायकवाड 78
अनिल राठौड़ 78

65 फीसदी नुकसान बताया था
- फसल का सर्वे करने राजस्व, कृषि विभाग के साथ बीमा कंपनी के अफसर भी जाते हैं। खेत में 5 बाई 5 की फसल काटकर आनावरी निकाली जाती है। बीमा कंपनी के अफसर इसे ऑनलाइन दर्ज करते हैं। पिछले साल 65 फीसदी नुकसान बताया था। 4 रुपए बीमा मिलना तो गलत है।
मणिशंकर लौवंशी, पटवारी पाडल्या

सूची में तो यही लिखा है
- वरिष्ठ कार्यालय से जो सूची प्राप्त हुई है उसमें किसानों को कम बीमा मिला है। पाडल्या के जगदीश गोंड का 4 रुपए ही दर्शा रहा है। इसमें हम क्या कर सकते हैं।
गणेश रणछोरे, वरिष्ठ कृषि अधिकारी, खालवा

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