भिड़ंत होते ही छात्रा के पेट में ऑटो का एंगल घुसा, नीचे गिरते ही 22 पहिया ट्राले ने कुचला

भिड़ंत होते ही छात्रा के पेट में ऑटो का एंगल घुसा, नीचे गिरते ही 22 पहिया ट्राले ने कुचला
Girl student dies tragically in school auto and truck collision 

Jitendra Tiwari | Updated: 12 Oct 2019, 07:01:05 AM (IST) Khandwa, Madhya Pradesh, India

इंदौर रोड पर दर्दनाक हादसा, प्रत्यक्षदर्शी बोले-ऑटो चालक मोबाइल पर कर रहा था बात
मृतका के पिता दुबई में और मां बदहवास होकर गिरी, एक घायल छात्रा इंदौर रेफर

खंडवा. स्कूली ऑटो रिक्शा में बच्चों की जान से खिलवाड़ किया जा रहा है। लापरवाह अधिकारी मौन बैठे हैं। नतीजा इस लापरवाही ने एक हंसते-खेलते परिवार की लाड़ली की बलि ले ली। शुक्रवार सुबह मां फातिमा ने अपनी लाड़ली को स्कूल भेजने तैयार किया और खुशी-खुशी ऑटो में सवार कर रवाना कर दिया। छात्रा विद्याकुंज स्कूल में कक्षा तीसरी की पढ़ाई कर रही थी। उस मां को ये पता नहीं था कि बेटी अब लौटकर नहीं आएगी। स्कूल जाते समय इंदौर रोड स्थित किशोर कुमार समाधि स्थल के पास तेज रफ्तार ओवरलोड ऑटो अनियंत्रित हुआ और सामने से आ रहे ट्राले में जा घुसा। ऑटो सीमेंट से लदे ट्राले के डीजल टैंकर से टकराया। टक्कर लगते ही चालक सीट पर बैठी छात्रा उम्मेएमन पिता कुतोबुद्दीन (8) निवासी भगतसिंह चौक घासपुरा चपेट में आई। ऑटो का एंगल छात्रा के पेट में घुस गया। वहीं सड़क पर गिरते ही 22 पहिये ट्राला छात्रा को कुचलते हुए निकल गया। इससे उसकी मौके पर मौत हो गई। वहीं करीब 30 फीट दूर जाकर ऑटो बीच सड़क पर पलट गया। इससे ऑटो में सवार आठ बच्चे घायल हुए। दुर्घटना देख लोग पहुंचे और ऑटो में फंसे बच्चों को बाहर निकाला। अस्पताल में भर्ती कराया। घायल मोहम्मद पिता मुस्तफा की हालत बिगडऩे पर दोपहर में इंदौर रेफर किया गया। एसपी डॉ. शिवदयाल सिंह ने अस्पताल पहुंचकर बच्चों को देखा। इधर, घटनाक्रम के बाद विद्याकुंज स्कूल की छुट्टी कर दी गई।
दुर्घटनास्थल पर मची चीख-पुकार

ट्राले से टकराकर ऑटो पलटते ही बच्चों में चीख-पुकार मच गई। घायल बच्चे दर्द से कराहते हुए मदद मांगते रहे। तभी लोग पहुंचे। घटनाक्रम की खबर मिलते ही घायल बच्चों के परिजन भी मौके पर पहुंच गए। वह अपने बच्चों को स्वयं के वाहन से अस्पताल लेकर पहुंचे। इधर, हादसा जिसने भी देखा उसकी रूह कांप उठी। ट्राले के पहिये की चपेट में आने से बालिका का शव क्षत-विक्षत अवस्था में सड़क पर पड़ा था। दुर्घटना के बाद से ही लोगों में रोष व्याप्त है।

दुर्घटना में ये हुए घायल
मो. अनस पिता आजम चौहान (10) निवासी गंज बाजार, जुबेर पिता जावेद (9) निवासी कल्लनगंज जलेबी चौक, मोहम्मद पिता मुस्तुफा (8) निवासी भगत सिंह चौक, शाकिर पिता मो. बिलाल (11) निवासी सलुजा कॉलोनी, रागिनी पिता शांतिलाल पटेल (12) निवासी शनि मंदिर, शेख सुफियान (9) निवासी सिंघाड़ तलाई, राशीद पिता मोईन (10) निवासी गुलमोहर कॉलोनी, सोहिद पिता मोईन (11) निवासी गुलमोहर कॉलोनी घायल हुए हैं। वहीं ऑटो रिक्शा चालक अब्दुल गफ्फार पिता हुसैन (36) निवासी कहारवाड़ी घायल हुआ। घायलों का जिला अस्पताल में उपचार चल रहा है। सभी बच्चे खतरे से बाहर बताए जा रहे हैं।

बेटी की मौत की खबर सुन मां हुई बदहवास

दुर्घटना की खबर लगते ही बोहरा समाज सहित शहर के लोग जिला अस्पताल पहुंच गए। घायल बच्चों की देखरेख शुरू की गई। तभी मृतका की मां फातिमा भी अस्पताल पहुंची। जैसे ही उन्हें बेटी की मौत की खबर लगी तो बदहवास होकर गिर पड़ी। परिजनों ने जैसे-तैसे उन्हें संभाला और वार्ड में भर्ती कराया। बेटी की मौत के सदमे में मां की तबीयत बिगड़ी है। उनका इलाज चल रहा है। इधर, मृतका के पिता दुबई में नौकरी करते हैं, जो इस समय दुबई में है। उन्हें मामले की सूचना दी गई है। मृतका की एक छोटी बहन है।

शहर में रोष, सोशल मीडिया पर निकाली भड़ास
दुर्घटना में बालिका की मौत के बाद से ही शहरवासियों में रोष व्याप्त है। हर किसी ने दुर्घटना पर संवेदन व्यक्त करते हुए शासन व प्रशासन की व्यवस्थाओं को जमकर कोषा। वहीं रिंगरोड नहीं बनने पर जनप्रतिनिधियों की विफलता बताई। यही नहीं कुछ लोगों ने आरटीओ और यातायात विभाग के जिम्मेदारों के खिलाफ प्रकरण दर्ज करने की मांग भी की। सुबह से ही सोशल मीडिया पर व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने और जनप्रतिनिधियों को उनकी जिम्मेदारियां याद दिलाने को लेकर बहस छिड़ी हुई है। हर कोई प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को दुर्घटना का कारण बता रहा है।

हादसे का जिम्मेदार कौन...

परिवहन विभाग: ऑटो रिक्शा को परमिट देना और स्कूली ऑटो संचालन के नियमों का पालन करना परिवहन विभाग की जिम्मेदारी है। लेकिन शहर में ओवरलोड स्कूली ऑटो दौड़ रहे हैं। इन पर कार्रवाई करने वाला कोई नजर नहीं आता है।
यातायात विभाग: ओवरलोडिंग और यातायात नियमों का उल्लंघन करने पर कार्रवाई करने का जिम्मा पुलिस का है। लेकिन यातायात पुलिस सिर्फ रैली व त्योहारों की व्यवस्थाएं संभालने में व्यवस्था है। स्कूली ऑटो पर किसी का ध्यान नहीं है।

जनप्रतिनिधि: शहर में वर्षों से रिंगरोड, बायपास की मांग उठ रही है। भाजपा व कांग्रेस की सरकार रही। लेकिन किसी ने भी इस मांग को गंभीरता से नहीं लिया। यदि आज रिंगरोड होता तो ट्राला शहर में नहीं आता और ये हादसा भी नहीं होता।

पत्रिका ने चेताया, पर मोटी चमड़ी पर नहीं असर
स्कूली ऑटो में ओवरलोडिंग और चालकों की लापरवाही को लेकर पत्रिका ने जिम्मेदारों को चेताया था। लेकिन उदासनीता की चादर ओढ़ चुके मोटी चमड़ी के अफसरों पर कोई असर नहीं पड़ा। नतीजा इस लापरवाही का खामियाजा बालिका को जान गंवा कर भुगतना पड़ा। 26 सितंबर के अंक में पत्रिका ने स्कूली ऑटो की लापरवाही को लेकर खबर प्रकाशित की थी। जिम्मेदारों को उक्त मामले की जानकारी भी दी गई। लेकिन किसी ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया।

ये है नियम...
परिवहन विभाग द्वारा ऑटो रिक्शा को जारी होने वाले परमिट में ऑटो में तीन सवारी और चालक को बैठने की अनुमति होती है। वहीं परिवहन विभाग की समिति ने स्कूली ऑटो में छह बच्चों को बैठाने की अनुमति दी है। इसी प्रकार मैजिक वाहन में सात सवारी और चालक बैठ सकते हैं। लेकिन हकीकत में ऑटो में दस से अधिक और मैजिक में 15 से अधिक बच्चों को बैठाया जा रहा है।

यहां करें शिकायत...
स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर हर शहरवासी को जिम्मेदार बनना होगा। स्कूली वाहन में यदि कोई चालक बच्चों की सुरक्षा से खिलवाड़ कर रहा है तो एआरटीओ को शिकायत कर सकते हैं। शिकायत मोबाइल नंबर 9862252150 पर फोटो वाट्सएप कर और फोन कॉल कर की जा सकती है।

वर्जन...

दुर्घटना बेहद दु:ख थी। लापरवाह स्कूली वाहन चालकों के खिलाफ सख्ती से कार्रवाई की जाएगी। स्कूल प्रबंधन, पालक और अधिकारियों की बैठक कर व्यवस्था को दुरुस्त करेंगे। पत्रिका द्वारा ऑटो में लापरवाही होना बताने पर बोले आपकी बात सही है। लेकिन व्यस्तता के चलते कार्रवाई नहीं कर पाया। वैसे हम लगातार कार्रवाई करते रहते हैं।
जगदीश बिल्लौरे, एआरटीओ, परिवहन विभाग

वर्जन...

दुर्घटना में बालिका की मौत हुई है। ट्राला चालक के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया है। आरोपी चालक फरार है। दुर्घटना के कारण की जांच की जा रही हैं।
पुष्पेंद्र राठौर, थाना प्रभारी, पद्मनगर

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