त्योहारों के समय कर दिया सरकार ने आउटसोर्स कर्मचारियों को बेरोजगार

-शिक्षा विभाग के डाटा एंट्री ऑपरेटर्स की अचानक की सेवा समाप्त
-चार माह से निजी कंपनी ने आउटसोर्स कर्मचारियों को वेतन भी नहीं दिया
-ऑपरेटर्स ने शिक्षा अधिकारी को सौंपा ज्ञापन, अनुबंध बढ़ाने, वेतन देने की मांग

खंडवा.
मप्र सरकार ने शिक्षा विभाग में आउटसोर्स पर रखे गए डाटा एंट्री ऑपरेटर्स की गुरुवार को अचानक सेवाएं समाप्त कर दी। त्योहारों के समय खड़े पैर बेरोजगार हुए इन कर्मचारियों को निजी कंपनी ने चार माह से वेतन भी नहीं दिया। अचानक नौकरी जाने से हतप्रभ कर्मचारियों ने शुक्रवार को जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय पहुंचकर अनुबंध बढ़ाने और चार माह का बकाया वेतन निजी कंपनी से दिलाने की मांग की।
शिक्षा विभाग में सरकार द्वारा ऑनलाइन कार्य के लिए सहायक ग्रेड-3 स्तर के कर्मचारियों की निजी कंपनी के माध्यम से कलेक्टर रेट पर भर्ती की थी। जिले में सभी ब्लॉकों में 40 से ज्यादा डाटा एंट्री ऑपरेटर रखे गए थे। गुरुवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के दौरान इन कर्मचारियों को हटाने के निर्देश दिए गए है। इसकी जानकारी मिलते ही शुक्रवार दोपहर को शहर में कार्यरत 13 डाटा एंट्री ऑपरेटर्स जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय पहुंचे। सेवा समाप्त होने वाले कर्मचारियों आदिल, उषा सोनवने, हर्षा, अजय तिवारी आदि का कहना था कि उन्होंने स्कूलें बंद होने पर भी ऑन लाइन कार्य किया है। यहां तक कोविड-19 में भी उनकी ड्यूटी वार्डों और पंचायतों में लगाई गई थी।
कंपनी के खाते में आया वेतन, नहीं दिया
कर्मचारियों ने बताया वल्र्ड क्लास सर्विस लिमिटेड इंदौर द्वारा उन्हें अनुबंधित किया गया था। कंपनी का अनुबंध समाप्त होने पर कंपनी ने उन्हें जानकारी नहीं दी। यहां तक कि पिछले चार माह का वेतन भी बाकी है। जानकारी मिली है कि सितंबर माह तक का वेतन कंपनी के खाते में आ चुका है, लेकिन उन्हें नहीं दिया गया। अब त्योहारों के मौसम में हमें बेरोजगार कर दिया गया। कोविड-19 के संक्रमण काल में अब नौकरी मिलना मुश्किल है। कर्मचारियों ने जिला शिक्षा अधिकारी एसके भालराव को ज्ञापन सौंपकर मांग की है कि उनके और परिवार के भविष्य को देखते उन्हें कलेक्टर रेट पर वापस रखा जाए। साथ ही कंपनी से बकाया वेतन भी दिलाया जाए।

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मनीष अरोड़ा Bureau Incharge
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