दादाजी धाम पर गुरु पूर्णिमा पर्व आरंभ, प्रशासन ने एक दिन का प्रतिबंध और बढ़ाया

अब 24 तक केवल सेवादर कर पाएंगे दर्शन

By: harinath dwivedi

Published: 22 Jul 2021, 11:36 AM IST

खंडवा. कोरोना का साया खंडवा के सबसे बड़े सेवा के पर्व गुरु पूर्णिमा पर भी छाया हुआ है। गुरु पूर्णिमा पर्व पर प्रशासन द्वारा पहले तीन दिन 21 से 23 तक मंदिर में आम दर्शनार्थियों का प्रवेश प्रतिबंधित किया गया था। अब प्रशासन ने ये प्रतिबंध एक दिन और बढ़ाते हुए 24 जुलाई तक किया है। हालांकि बुधवार को इसके आदेश जारी नहीं हुए थे, लेकिन प्रशासन ने मौखिक रूप से ट्रस्ट को अवगत कराया। बुधवार शाम को प्रशासन के निर्देश पर दादाजी धाम के प्रवेश द्वार नंबर एक को बंद कर दिया गया। दो नंबर प्रवेश द्वार से एक-एक कर श्रद्धालुओं को दर्शन के लिए अंदर जाने दिया गया।
गुरु पूर्णिमा पर्व यूं तो पूरे देश में मनाया जाता है, लेकिन खंडवा में गुरु भक्ति का अलग ही रंग देखने को मिलता है। तीन दिवसीय पर्व पर पूरा शहर मेजबान और आने वाला हर दादाजी भक्त खंडवावासियों का मेहमान होता है। कोरोना संक्रमण काल के चलते पूर्णिमा पर्व की चमक फीकी पड़ गई है। जिन रास्तों पर पग-पग भंडारे लगते थे, मेले सजते थे, वहां बुधवार को सन्नाटा छाया रहा। श्री दादाजी धाम में तीन दिवसीय पर्व की शुरुआत बुधवार से हुई। कोविड-19 प्रोटोकाल के तहत आम दर्शनार्थियों का प्रवेश धाम में प्रतिबंधित किया गया। तीन दिवसीय पर्व के तहत सुबह 4 बजे से चहल पहल शुरू हो गई थी। सुबह 5 बजे दोनों समाधियों के स्नान, पूजन, आरती की नियमित सेवा से शुरुआत हुई। पट खुले रखे गए थे। गर्भगृह में प्रवेश प्रतिबंधित होने से बाहर के सेवादारों के लिए छोटे दादाजी महाराज की समाधि के बाहर बड़ी एलइडी लगाई गई थी। दोपहर में स्नान, मालिश, अभिषेक, आरती के दौरान भी सिर्फ सेवादार नजर आए। वहीं, रात में बड़ी आरती के दौरान आरती में शामिल होने आए लोगों को बाहर ही रोक दिया गया।
श्रद्धालुअ बाहर से आरती में शामिल हुए।

सुबह चढ़ाया निशान, रात में सिर्फ दो लोगों को दिया प्रवेश
बुधवार को शहर से एक जत्था निशान लेकर दादाजी धाम पहुंचा। सन्मति नगर से तिरोले कुनबी पटेल समाज के लोग निशान लेकर दादाजी धाम में अर्पित करने पहुंचे। ट्रस्ट की अनुमति के बाद भक्तों ने निशान अर्पित कर दर्शन किए । वहीं, रात में भी सन्मति नगर से कुछ युवा निशान लेकर पहुंचे, लेकिन यहां सिर्फ दो लोगों को अनुमति दी गई। जिसके बाद अन्य दर्शनार्थी बाहर से ही दर्शन कर लौटे।

नाकों पर कोई रोक नहीं, धाम के बाहर भी पुलिस कम
गुरु पूर्णिमा पर्व पर बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं को रोकने के लिए पुलिस प्रशासन द्वारा शहर के नाकों पर कोई व्यवस्था नहीं की गई थी। हालांकि पूर्व से ही पता होने के कारण बाहर से बुधवार को भक्तों का कोई जत्था नहीं आया। वहीं, पुलिस ने गणेश गोशाला के पास, दादाजी धाम परिसर के बाहर जरूर पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगा रखी थी। यहां इक्का-दुक्का श्रद्धालु पहुंचते रहे, जिन्हें किसी ने नहीं रोका।

harinath dwivedi Editorial Incharge
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