पैर टूटा तो भी कर दिया होम क्वॉरेंटीन

निगेटिव रिपोर्ट आने पर भी किया जा रहा लोगों को 14 दिनों तक घरों में कैद
-प्राइवेट डाक्टर से इलाज एवं मेडिकल से दवाई लेना भी बनी मुसीबत

खंडवा.
कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए प्रशासन द्वारा किए जा रहे प्रयास सराहनीय तो है, लेकिन कई लोगों के लिए परेशानी का सबब भी बन गए है। विगत 3 से 4 दिनों में देखने में आ रहा है कि शहर में प्रशासन द्वारा भेजे गए शासकीय दल द्वारा घर-घर जाकर स्वास्थ की पूछताछ की जा रही एवं परिजनों की जानकारी के लिए मोबाइल एवं आधार नंबर लिए जा रहे हैं। इनमें से कई घरों पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा होम क्वॉरेंटीन के पोस्टर लगा दिए गए है। जिसमें कई लोगों की तो सैंपलिंग भी नहीं हुई और जिनके सैंपल की रिपोर्ट निगेटिव आई है, उनके घर पर भी पोस्टर चस्पा किए गए है। यहां तक कि एक व्यक्ति का पैर टूटा तो भी उसके पूरे परिवार को घर में कैद कर दिया गया।
रामगंज निवासी अशोक जैन का पैर फ्रेक्चर हुआ है। पिछले 15 दिन से वे घर पर अपना इलाज करा रहे है। इस दौरान वे निजी डॉक्टर को दिखाने गए थे, जहां डॉक्टर ने उनका मोबाइल नंबर भी लिया था। बाद में प्रशासन की टीम ने आकर उनके घर पर भी होम क्वॉरेंटीन का पोस्टर चस्पा कर दिया। अब उनके घर में कुल 9 सदस्य कैद होकर रह गए है। इसी प्रकार रामकृष्ण गंज निवासी दीपांशु जैन के बेटे देवांश को दस्त की शिकायत थी। वे भी निजी डॉक्टर को दिखाने गए थे। बाद में उनके घर पर भी होम क्वॉरेंटीन का पोस्टर लगा कर उन्हें घर से बाहर निकलने से मना कर दिया है। वि_ल मंदिर के सामने गली में रहने वाले ओम सोनी की माता भी जिला अस्पताल में दिखाने गई थी। अब उनके घर पर भी होम क्वॉरेंटीन का पोस्टर चस्पा है। जबकि उनके घर और आसपास में भी कोई संदिग्ध या पॉजिटिव मरीज नहीं है।
समाजसेवी व पूर्व रोगी कल्याण समिति सदस्य सुनील जैन ने बताया कि उनकी पत्नी को कोई लक्षण नहीं था, फिर भी उन्होंने 27 जून को सर्वे की टीम को अपना सैंपल दे दिया था। जिसकी रिपोर्ट भी निगेटिव आई है। इसके बाद भी उनके घर पर भी होम क्वॉरेंटीन का पोस्टर चस्पा कर दिया गया है। ऐसा उनके साथ ही नहीं, पूरे क्षेत्र में कई लोगों के साथ किया गया है। पिछले तीन दिनों लगभग 50 से अधिक लोगों के फोन आने के पश्चात विधायक देवेंद्र वर्मा के साथ ही सांसद नंदकुमारसिंह चौहान से भी प्रशासन की इस कार्यप्रणाली को लेकर चर्चा की गई। दोनों प्रतिनिधियों ने आश्वस्त किया कि मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री एवं कलेक्टर से बात कर इसका निराकरण करेंगे।

मनीष अरोड़ा Bureau Incharge
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