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यदि पुरुष अपनी पत्नी को बराबरी का दर्जा देता है तो वह संसार की मुसीबतों से कभी परास्त नहीं हो सकता -पं. मिश्रा

पं. प्रदीप मिश्रा की श्री शिव महापुराण कथा का समापन…-ओंकारेश्वर के थापना में चल रही कथा का हुआ विराम, पं. मिश्रा ने ली विदाई स्त्री को सम्मान देने वाला पुरुष देवता स्वरूप होता है और स्त्री को बराबरी का दर्जा देने वाला पुरुष महादेव होता है। शिव ने नारी को बराबरी पर रखने का संदेश […]

खंडवाJun 16, 2024 / 12:58 pm

मनीष अरोड़ा

pandit pradeep mishra

खंडवा. कथा के अंतिम दिन पंडाल में भारी भीड़ रही।

पं. प्रदीप मिश्रा की श्री शिव महापुराण कथा का समापन…
-ओंकारेश्वर के थापना में चल रही कथा का हुआ विराम, पं. मिश्रा ने ली विदाई

स्त्री को सम्मान देने वाला पुरुष देवता स्वरूप होता है और स्त्री को बराबरी का दर्जा देने वाला पुरुष महादेव होता है। शिव ने नारी को बराबरी पर रखने का संदेश दिया है। यह बात पं. प्रदीप मिश्रा ने ग्राम थापना में सप्त दिवसीय शिव महापुराण कथा के अंतिम दिवस शनिवार को कही। उन्होंने कहा कि हम देखते हैं कैलाश पर्वत पर भगवान शिव ने पार्वती को अपने बाजू में बिठाया है। इसलिए यदि पुरुष अपनी पत्नी को बराबरी का दर्जा देता है तो वह संसार की मुसीबतों से कभी परास्त नहीं हो सकता।
पं. मिश्रा ने कहा भगवान शिव का संदेश है कि नारी माता, बहन, पुत्री अथवा पत्नी किसी भी रूप में हो, नारी प्रत्येक स्वरूप में सम्मान की पात्र है। नारी से कभी भी दुव्र्यवहार मत करो। क्योंकि संकट के समय नारी ही पुरुष को साहस और सहायता प्रदान करती है। पंडितजी ने जोर देकर कहा कि जीवन में कैसा भी कष्ट आ जाए। महादेव की शरण में जाओ और सच्चे मन से प्रार्थना करो। करुणामय भगवान महादेव अपने शरणागत की सहायता और रक्षा अवश्य करते हैं। क्योंकि महादेव सदैव अपने भक्त का हाथ पकड़ कर चलते हैं और महादेव जिसका हाथ पकड़ ले वह कभी दु:खी नहीं हो सकता।
अपने पुण्य कार्यों, दूसरे के पाप कर्मों का बखान मत करो
पं. मिश्रा ने कहा कि कभी भी अपने पुण्य कार्यों और दूसरे के पाप कर्मों का बखान मत करो। केवल अपना श्रेष्ठ कर्म करते चले जाओ। शिव की अराधना में किसी भी प्रकार की बाधा को आड़े मत आने दो। भगवान शिव की भक्ति में किसी की आलोचना या निंदा पर ध्यान मत दो। कोई आपको अपशब्द भी कहे तो उस पर ध्यान मत दो और प्रतिदिन प्रसन्नतापूर्वक तथा नियमपूर्वक शिवालय जाकर भगवान शिव को श्रद्धापूर्वक एक लोटा जल चढ़ाओ। दयामय महादेव भक्त के सब दु:ख दूर करेंगे और मनोकामना को अवश्य पूर्ण करेंगे। देवताओं ने भी भगवान शिवजी की अराधना की है।
कथा के बाद बनी हाइवे पर जाम की स्थिति
कथा अंत में पं. मिश्रा ने शिव महापुराण कथा के सफल आयोजन के लिए विधायक नारायण पटेल, विधायक सचिन बिरला, प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों, पुलिसकर्मियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, आसपास के ग्रामों के सरपंच एवं समीपवर्ती ग्रामवासियों के सहयोग की प्रशंसा की। कथा के दौरान हुई असुविधाओं के लिए क्षमायाचना की। विधायक पटेल ने भी पं. मिश्रा, भक्तों और समस्त सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया। कथा के बाद पं. मिश्रा ने विदाई ली और सीहोर के लिए रवाना हुए। कथा के बाद श्रद्धालुओं की भीड़ ओंकारेश्वर और अपने-अपने गंतव्य की ओर चल पड़ी। इंदौर-इच्छापुर हाइवे पर भीड़ के चलते कई बार जाम की स्थिति भी बनी।

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