किसान अध्यादेश के विरोध में बरसते पानी में बैठे किसान धरने पर

-राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ ने किया कलेक्टोरेट का घेराव
-भारतीय किसान संघ ने भी दिया बीमा विसंगति को लेकर धरना

खंडवा.
खरीफ 2019 में खराब हुई फसलों के किसानों को मिले बीमा लाभ में हुई विसंगतियों का जमकर विरोध हो रहा है। वहीं, हाल ही में केंद्र सरकार द्वारा किसान अध्यादेश को लागू किए जाने का भी विरोध शुरू हो गया है। बुधवार को राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ ने किसान बिल और फसल बीमा विसंगति को लेकर कलेक्टोरेट का घेराव कर धरना दिया। किसान बिल के विरोध में राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ कार्यकर्ता बरसते पानी में कलेक्टोरेट परिसर में बैठे रहे। वहीं, दूसरी ओर फसल बीमा दिए जाने व अन्य मांगों को लेकर भारतीय किसान संघ ने भी कलेक्टोरेट परिसर में एक दिवसीय धरना देकर तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा।
किसान विरोधी तीन कानून को वापस लिए जाने, बीमा सूची में छूटे हुए किसानों को बीमा का लाभ दिए जाने सहित अन्य मांगों को लेकर राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ ने माता चौक से रैली निकाली। रैली के रूप में कलेक्टोरेट पहुंचे किसानों ने यहां अनिश्चितकालीन धरना आरंभ कर दिया। इस दौरान हो रही तेज बारिश भी किसानों के इरादों को नहीं रोक पाई। किसान बरसते पानी में ही धरना देकर बैठ गए। यहां तहसीलदार प्रतापसिंह आगास्या ने किसानों से ज्ञापन देकर वापस जाने के लिए कहा, लेकिन वे नहीं माने। जिसके बाद बाहर बारिश में किसान और कलेक्टोरेट परिसर में तहसीलदार व कोतवाली टीआई बीएल मंडलोई कुर्सी लगाकर बैठे रहे।
15 दिन के आश्वासन पर धरना समाप्त
वहीं, शाम को उप संचालक कृषि आरके गुप्ता धरने में पहुंचे और महासंघ पदाधिकारियों से चर्चा की। डीडीए ने बताया कि उनकी बीमा कंपनी से चर्चा हुई है, और बीमा कंपनी ने 15 दिन में छूटे किसानों की जानकारी निकालकर सही कार्रवाई के लिए कहा है। जिसके बाद महासंघ ने अनिश्चितकालीन धरना समाप्त कर दिया। राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ के विशाल शुक्ला, सौरभ कुशवाह ने बताया कि 15 दिन का आश्वासन मिला है। यदि 15 दिन में किसानों की समस्या का निराकरण नहीं हुआ तो फिर अनिश्चितकालीन धरना दिया जाएगा।
ये चेतावनी धरना, अब होगा आंदोलन
भारतीय किसान संघ ने भी बुधवार को एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया। कलेक्टोरेट परिसर में एसबीआई बैंक के सामने चार घंटे भाकिसं का धरना प्रदर्शन चला। भाकिसं की मांग है कि वर्ष 2019 में हुई फसलों की नुकसानी के लाभ से छूटे किसानों को बीमा राशि दिलाई जाए। साथ ही तीन साल से भावांतर की राशि किसानों को नहीं मिली है वो भी खातों में डलवाई जाए। वहीं, इस साल खराब हुई फसलों का तुरंत सर्वे कर उसका मुआवजा दिया जाए। भाकिसं ने प्रशासन को चेतावनी दी कि ये धरना सांकेतिक है, उनकी मांग पूरी नहीं हुई तो भविष्य में उग्र आंदोलन भी किया जाएगा। धरना प्रदर्शन के बाद भाकिसं ने तहसीलदार को ज्ञापन भी सौंपा। धरने में जिलाध्यक्ष धरमचंद गुर्जर, सुभाष पटेल, सुंदर पटेल, शैलेंद्रसिंह गिलोदिया, जय पटेल, तिलोकचंद लेवा, पुष्पेंद्र कुशवाह, रवींद्र पाटीदार सहित किसान मौजूद थे।

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मनीष अरोड़ा Bureau Incharge
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