गुजरात की टीम में एक ही गांव की आठ लड़कियां, इनमें भी पांच बहनें

गुजरात की लड़कियों की टीम से रोचक स्थिति निकलकर सामने आई है। इसमें आठ खिलाड़ी एक ही गांव सरखड़ी की हैं।

By: अमित जायसवाल

Published: 04 Jan 2018, 01:39 PM IST

खंडवा. मप्र के खंडवा में खेली जा रही 20वीं राष्ट्रीय वॉलीबाल प्रतियोगिता में शामिल होने आई टीम के बारे में जब लोगों को पता चल रहा है तो वे आश्चर्य कर रहे हैं, क्योंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गृह राज्य गुजरात की टीम में अनोखी बात है।


गुजरात की लड़कियों की टीम की खासियत देखिए। इनमें जूनागढ़ के पास गिरसोमनाथ जिले के सरखड़ी गांव की 8 लड़कियां हैं। झाला भावना, राठौर वर्षा और डोडिया खुशहाल के अलावा वाला किंजल, वाला चेतना एम, वाला चेतना, वाला स्मिता सहित वाला सेजल तो रिश्ते में बहन लगती हैं। इन्होंने कहा कि गांव में वॉलीबॉल का बड़ा क्रेज है।


- ब्रिक्स में रहीं कैप्टन
28वां नेशनल खेल रही हूं। तीन इंटरनेशनल खेल चुकी हूं। चाइना में हुए ब्रिक्स टूर्नामेंट में कैप्टन रह चुकी हूं। वॉलीबॉल से लगाव तब से है, जब मैं फोर्थ स्टेंडर्ड में थी। रशिया, ब्राजील, चाइना के मुकाबले अभी हम आधे भी तैयार नहीं हैं।
वाला चेतना, गुजरात


- दो इंटरनेशनल खेल चुकी हूं
बचपन से ही इस खेल से लगाव है। १० गोल्ड, ५ सिल्वर व ४ ब्रॉन्ज मेडल जीते हैं। 25 नेशनल व 2 इंटरनेशनल खेल चुकी हूं। जापान, रशिया जैसे देश वॉलीबॉल में धुरंधर हैं। इंडिया में भी खिलाडि़यों को सुविधाएं मिले तो इस खेल का स्तर बढ़े।
वाला किंजल, गुजरात


...दिल्ली की खिलाड़ी बोलीं-टॉयलेट बहुत गंदे
स्पद्र्धा में शामिल होने आईं दिल्ली की लड़कियों ने कहा कि सोमवार व मंगलवार को हमारे रूकने की व्यवस्था में बड़ी खामी थी। हालांकि अब हमारे लिए व्यवस्था सही हुई है। लेकिन जहां रूकवाया गया है, वहां के बाथरूम बहुत ही गंदे हैं। व्यवस्था में सुधार होना चाहिए।

जर्सी से शर्मिंदगी झेलकर भी खेल से जीता दिल
नेशनल प्रतियोगिता की मेजबानी मप्र कर रहा है और इस टीम के खिलाडि़यों के पास ही स्तरीय जर्सी नहीं है। बुधवार सुबह जब मप्र और दिल्ली के बीच मुकाबला हुआ तो खिलाडि़यों की इस तरह की जर्सी पर यहां मौजूद दर्शक व खिलाड़ी चर्चाएं करते नजर आए। हालांकि मप्र ने दिल्ली को कड़ी टक्कर दी। लोगों ने खिलाडि़यों का उत्साह भी बढ़ाया। हालांकि जीत दिल्ली की हुई। वॉलीबॉल फेडरेशन के अध्यक्ष रुद्रप्रताप सिंह ने कहा कि हमने जालंधर की निविया कंपनी को जर्सी के लिए ऑर्डर दिया था। सभी खिलाडि़यों को दो-दो जर्सी देते लेकिन जो व्यक्ति ला रहा था वो बीमार होकर दिल्ली में भर्ती हो गया। हमें मजबूरन लोकल स्तर से जर्सी खरीदना पड़ी।

अमित जायसवाल Reporting
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