हाई रिस्क कांटेक्ट का सैंपल होने तक चार ओर लोगों तक पहुंच रहा संक्रमण

-कोरोना का कहर जारी, 19 नए मरीज फिर मिले, 473 पर पहुंचा आंकड़ा
-19 में से 15 हाई रिस्क कांटेक्ट ट्रेसिंग वाले, 4 फीवर ओपीडी के
-अब हाई रिस्क कांटेक्ट ट्रेस करने के बाद सैंपल लेने तक रहेगा संस्थागत क्वॉरेंटीन में

खंडवा.
कोरोना संक्रमण का कहर लगातार बढ़ते जा रहा है। पिछले पांच दिनों से तो दहाई की संख्या में मरीज रोज सामने आ रहे है। बुधवार को भी 19 मरीज फिर सामने आए। जिसके बाद जिले में कोरोना संक्रमित मरीजों का आंकड़ा पांचवें शतक की ओर बढ़ते हुए 473 हो गया। पिछले 15 दिनों में मिले कोरोना पॉजिटिव मरीजों में 75 प्रतिशत हाई रिस्क कांटेक्ट ट्रेसिंग वाले है। बुधवार को मिले 19 में से 15 मरीज हाई रिस्क कांटेक्ट वाले है। कोरोना पॉजिटिव मरीज के हाई रिस्क कांटेक्ट ट्रेसिंग करने और उसका सैंपल लेने तक संदिग्ध मरीज चार ओर लोगों तक संक्रमण पहुंचा रहा है।
जिला महामारी अधिकारी डॉ. योगेश शर्मा ने बताया कि बुधवार को इंदौर लैब से आई रिपोर्ट में 16 मरीज पॉजिटिव पाए गए है। वहीं, जिला अस्पताल की ट्रू नाट मशीन से तीन मरीज पॉजिटिव मिले। पॉजिटिव मरीजों में सेल्स टैक्स कॉलोनी, इंदौर नाका क्षेत्र, टपालचाल, विद्या नगर लाल चौकी क्षेत्र के एक-एक मरीज ओपीडी में लिए गए सैंपल से मिले है। वहीं, हरसूद क्षेत्र में 9, मोहनपुर पंधाना तहसील में 1, कुंडलेश्वर वार्ड में एक, शनि मंदिर क्षेत्र में एक और सर्वोदय कॉलोनी दादाजी नगर में मिले 3 मरीज हाई रिस्क कांटेक्ट ट्रेसिंग वाले है। सभी मरीजों को कोविड अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बताया जा रहा है कि रिपोर्ट देर रात ही आ चुकी थी, लेकिन स्वास्थ्य विभाग छुपाता रहा। हरसूद व सर्वोदय कॉलोनी निवासी मरीजों को रात 3 से सुबह 6 बजे के बीच कोविड अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
कांटेक्ट ट्रेसिंग और सैंपल में लग रहा समय
जुलाई माह के प्रथम पखवाड़े में कोरोना संक्रमित मरीजों का आंकड़ा 156 पर पहुंच गया है। इसके पूर्व मई माह में 202 मरीज सामने आए थे, लेकिन जुलाई में ये रिकार्ड टूटता दिख रहा है। जुलाई में मिले मरीजों में से 75 प्रतिशत कांटेक्ट ट्रेसिंग से सामने आ रहे है। दरअसल मरीज मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग पहले मरीज को भर्ती करता है, उसके बाद कांटेक्ट ट्रेस करता है, फिर कांटेक्ट ट्रेसिंग वाले संदिग्ध का सैंपल लिया जाता है। इस प्रक्रिया में दो दिन भी लग रहे है। जिसके कारण पॉजिटिव मरीज के कांटेक्ट ट्रेसिंग वाला संदिग्ध इन दो दिनों में कई लोगों के कांटेक्ट में आ चुका होता है। यहीं वजह है कि कांटेक्ट ट्रेसिंग से ज्यादा मरीज मिल रहे है।
संस्थागत क्वॉरेंटीन में रखेंगे हाई रिस्क कांटेक्ट के संदिग्ध
कांटेक्ट ट्रेसिंग से सामने आ रहे मरीजों की संख्या को देखते हुए प्रशासन ने अब सैंपलिंग होने तक हाई रिस्क कांटेक्ट ट्रेसिंग वाले संदिग्ध को संस्थागत क्वॉरेंटीन रखने का निर्णय लिया है। बुधवार को हुई बैठक में कलेक्टर अनय द्विवेदी द्वारा संस्थागत क्वॉरेंटीन शुरू किए जाने के निर्देश दिए है। जिला महामारी अधिकारी डॉ. योगेश शर्मा ने बताया कि अब मरीज मिलने के बाद उसके जितने भी हाई रिस्क कांटेक्ट होंगे, उनमें से युवाओं को संस्थागत क्वॉरेंटीन कर दिया जाएगा। इसके बाद उनकी सैंंपलिंग की जाएगी। सैंपलिंग में निगेटिव आने पर सात दिन होम क्वॉरेंटीन रहना होगा।
14 मरीजों को किया डिस्चार्ज
कोरोना संक्रमण से मुक्त होने पर 14 मरीजों को जिला अस्पताल के कोविड केयर सेंटर से डिस्चार्ज किया गया। सीएमएचओ डॉ. डीएस चौहान ने बताया कि 6 मरीज बुधवार को डिस्चार्ज किए गए, जबकि 8 को मंगलवार रात में डिस्चार्ज किया। बुधवार को डिस्चार्ज मरीजों में पूनम निवासी संजय नगर, अमित हाटेकश्वर वार्ड, ज्योति हाटकेश्वर वार्ड, मो. सादिक गुलमोहर कॉलोनी, शेख अब्बास ओंकारेश्वर तथा गंगाशंकर हाटकेश्वर वार्ड शामिल है। मंगलवार रात्रि में ममता चाकरे छोटा अवार, सानिया बंगाली कॉलोनी, शेख समीर छीपा कॉलोनी, अमित मंडलोई हाटकेश्वर वार्ड, निलेश भदनेकर गुलमोहर कॉलोनी, प्रियंका भदनेकर अनुपम नगर, सियाराम रेल्वे राजधानी कॉलोनी तथा हीरालाल गुलमोहर कॉलोनी शामिल है।

मनीष अरोड़ा Bureau Incharge
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