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अभिभावक सावधान : निजी स्कूलों में फर्जी आइएसबीएन की पुस्तकें बेच रहे संचालक, स्कूलों में प्रशासन का छापा

शासन के पत्र पर जिला प्रशासन की संयुक्त टीम ने शुरू की जाचं, फीस वृद्धि का रिकार्ड भी खंगाल रहे अधिकारी

खंडवाJun 23, 2024 / 12:47 pm

Rajesh Patel

शासन के पत्र पर जिला प्रशासन की संयुक्त टीम ने शुरू की जाचं, फीस वृद्धि का रिकार्ड भी खंगाल रहे अधिकारी

निजी स्कूलों में फर्जी अंतरराष्ट्रीय मानक पुस्तक संख्या ( आइएसबीएन ) और डुप्लीकेट पुस्तकें बेची जा रहीं हैं। शासन के पत्र पर जिला प्रशासन की संयुक्त टीम शनिवार को शहर से ग्रामीण क्षेत्र में कई निजी स्कूलों में जांच करने पहुंची है। इसकी सूचना से स्कूल संचालकों में अफरा-तफरी मच गई। जांच टीम में प्रशासन और स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारी शामिल हैं। इसकी अगुवाई एसडीएम और तहसीलदार कर रहे हैं।
टीम ने प्रिसिंपल से की पूछताछ

शनिवार दोपहर एसडीएम बजरंग बहादुर सिंह और शिक्षा विभाग की संयुक्त टीम हाली स्प्रिट और नहाल्दा स्थित लक्ष्मण चैतन्य स्कूल पहुंची। टीम ने दोनों जगहों पर प्रिसिंपल से पूछताछ की और जानकारी ली है। इस दौरान स्कूल में रखी कुछ पुस्तकों की जांच भी की है। इस दौरान पुस्तकों के साथ ही दस्तावेज की जांच की गई। जांच के बाद ही पता चलेगा कि डुप्लीकेट पुस्तकें किन स्कूलों में बच्चों को बेची गई हैं। और किन-किन स्कूलों ने नियम का पालन किया है या नहीं। इसमें कई अन्य स्कूलों का नाम शामिल है। जांच टीम की सूचना से स्कूल संचालकों में हडकंप मचा है।
फीस वृद्धि की जांच शुरू

स्कूल शिक्षा विभाग ने फीस वृद्धि को लेकर पोर्टल पर जानकारी मांगी है। अब तक दो सौ से अधिक स्कूलों ने जानकारी दर्ज कर दी है। एसडीएम की अगुवाई में जांच करने पहुंची टीम ने पोर्टल पर दी गई जानकारी के अनुसार फीस वृद्धि के दस्तावेज चेक किए हैं। इसी तरह अन्य स्कूलों में फीस वृद्धि के दस्तावेज जांच करेंगे। नियम के तहत बढ़ी है या अधिक बढ़ाने के बाद सूचना दी गई या नहीं।
बाजार में भी डुप्लीकेट पुस्तकों की आशंका

नए शैक्षणिक सत्र में निजी स्कूलों में पढ़ने वाले अधिकतर बच्चों ने पुस्तकें और ड्रेस खरीद लिए हैं। शासन की सूचना मिली है कि निजी स्कूलों में फर्जी और डुप्लीकेट पुस्तकें यानी पुस्तकों की रंगीन फोटो कॉपी कराकर नई पुस्तक के रूप में बच्चों को बेचा रहे हैं। इससे आशंका है कि बाजार में भी कुछ विक्रेताओं के तार इससे जुड़े हुए हैं। दरअसल, निजी स्कूल संचालकों की साठगांठ बाजार में निजी विक्रेताओं से है। ऐसे में डुप्लीकेट पुस्तकें बाजार में बेचने की आशंका बढ़ गई है।
ऐसे समझें आइएसबीएन

आइएसबीएन एक अंतरराष्ट्रीय मानक पुस्तक नंबर है। आइएसबीएन पंजीकरण एजेंसी द्वारा प्रकाशित पुस्तक का विशिष्ट पहचानकर्ता है। यदि आपने किसी पुस्तक का आइएसबीएन दिया है, तो इसे पुस्तक के कैटलॉग में या आपकी पुस्तक के मेटाडेटा टैब में देखा जा सकता है।
वर्जन

शासन के निर्देश पर स्कूलों में फीस वृद्धि आदि को लेकर नियम का पालन किया गया है या नहीं। इसकी जांच की जा रही है। पहले दिन दो स्कूलों की जांच की गई है। जांच की प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी। रिपोर्ट आने के बाद पता चलेगा कि किन स्कूलों में नियम का पालन नहीं किया गया है।
बजरंग बहादुर सिंह, एसडीएम

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