डीआईजी ने फेसबुक पर ऐसा क्या लिख दिया कि बाद में हटाना पड़ी पोस्ट

डीआईजी ने फेसबुक पर ऐसा क्या लिख दिया कि बाद में हटाना पड़ी पोस्ट

Rahul Gangwar | Publish: Apr, 17 2018 12:54:41 PM (IST) Khandwa, Madhya Pradesh, India

पहले बोले- कुछ गलत नहीं लिखा, फिर कहा- जानकारी नहीं थी, मैंने हटा ली है पोस्ट

खंडवा. प्रदेश भर के पुलिस अधिकारियों को सोशल मीडिया पर किसी मुद्दे पर कमेंट करने से रोक के डीजीपी के आदेश के बावजूद निमाड़ डीआईजी एके पांडे ने फेसबुक पर ऐसी पोस्ट डाली जो तुरंत वायरल हो गई। डीआईजी ने लिखा है कि देश में मासूम बच्चियों के साथ दुष्कर्म की घटनाएं लगातार सामने आ रही है। दुष्कर्म तो विरोध-प्रदर्शन व कैंडिल मार्च से नहीं, दुष्कर्मियों को सजा दिलाने से खत्म होंगे। लोग कहते हैं कि लड़कों से गलती हो जाती है, क्या फांसी दोगे? कितने दुष्कर्मियों या उनके परिवार का समाज ने बहिष्कार किया है। आज दुष्कर्मियों का विरोध हुकूमते वक्त का विरोध बन गया है। आज जो लोग दुष्कर्मियों को बचाने का प्रयास कर रहे हैं, उनका विरोध होना चाहिए।


पोस्ट वायरल होते ही जब डीआईजी पांडे को डीजीपी का आदेश याद दिलाया गया तो वे बोले, कुछ गलत नहीं लिखा है। दुष्कर्म की किसी भी घटना के बाद लोग सड़क पर उतरकर प्रदर्शन करते हैं। इससे अभी तक कितने लोगों को सजा मिली। इसमें कुछ भी गलत नहीं है। हालांकि कुछ देर बाद ही अपने पिछले बयान को सुधारते हुए डीआईजी बोले, डीजीपी के आदेश की जानकारी मिलते ही पोस्ट को हटा दिया है।

डीजीपी की ओर से जारी किए गए आदेश की जानकारी नहीं थी। जानकारी मिलते ही मैंने फेसबुक अकाउंट से उस पोस्ट को हटा दिया है।- एके पांडे, डीआईजी, निमाड़ रेंज

 

नाक में नली लगने के डर से स्लाइन निकालकर भागा मरीज
खंडवा. आगे-आगे भागता युवक, पीछे पकडऩे के लिए दौड़ते परिजन, ये नजारा देखकर लोग चौंक उठे। कई लोग तो तो चोर होने की आशंका में युवक के पीछे दौड़ पड़े। ये नजारा था सोमवार दोपहर का जिला अस्पताल परिसर का। युवक को परिजनों द्वारा पकडऩे के बाद लोगों को मामला समझ में आया। दरअसल पिपलौद निवासी दुर्गेश पिता बनवारी ने सोमवार सुबह घर पर कीटनाशक दवा पी ली थी। जिसके बाद उसे परिजन जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। यहां स्वास्थ्यकर्मियों द्वारा स्टोमक वॉश के लिए नाक में नली डालकर पेट से कीटनाशक दवा निकाली। इसके बाद उसे मेल मेडिकल वार्ड में भर्ती किया गया। दोबारा नाक में नली डालने के डर से युवक हाथ में लगी स्लाइन निकालकर भाग निकला। स्लाइन खींचकर निकालने से उसके हाथ से खून भी बहता रहा। परिजन युवक को पकड़कर वापस अस्पताल लाए।

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