सवाल आया- क्या कुपोषण से मौतों से प्रदेश की छवि खराब हुई है? मंत्री ने दिया ये जवाब

सवाल आया- क्या कुपोषण से मौतों से प्रदेश की छवि खराब हुई है? मंत्री ने दिया ये जवाब

Amit Jaiswal | Publish: Mar, 14 2018 07:15:00 AM (IST) Khandwa, Madhya Pradesh, India

विधानसभा सत्र में कुपोषण से जुड़े प्रश्न पर जवाब आया।

खंडवा. क्या जिला अधिकारियों की गंभीर लापरवाही के कारण जिले में कुपोषण से हुई मौतों के कारण देशभर में प्रदेश की छवि खराब हुई है? खंडवा विधायक देवेंद्र वर्मा के इस अतारांकित प्रश्न पर मंगलवार को महिला एवं बाल विकास मंत्री अर्चना चिटनिस का जवाब आया- जी नहीं। अफसरों पर कार्रवाई का प्रश्न ही उपस्थित नहीं होता। बीते तीन वर्षों से आंगनवाड़ी केंद्रों पर 6 माह से 3 वर्ष तक के बच्चों, गर्भवती धात्री माताओं व किशोरी बालिकाओं को टेकहोम राशन के रूप में पूरक पोषण आहार का प्रदाय एमपी एग्रो के माध्यम से तथा 3 वर्ष से 6 वर्ष तक के बच्चों को पूरक पोषण आहार की व्यवस्था ग्रामीण क्षेत्रों में सांझा चूल्हा कार्यक्रम तहत मध्याह्न भोजन अंतर्गत कार्यरत स्व सहायता समूहों के माध्यम से तथा शहरी क्षेत्रों में स्व सहायता समूह एवं महिला मंडल के माध्यम से किया जा रहा हैं। एमपी एग्रो द्वारा गुणवत्ता की जांच भारत सरकार महिला एवं बाल विकास खाद्य एवं पोषाहार बोर्ड नई दिल्ली की प्रयोगशाला से नियमित रूप से कराई जाती है। अधिकारियों-कर्मचारियों ने अपने कत्र्तव्यों का सही तरीके से निर्वहन किया है।

जवाब में ये भी शामिल
पिछले दिनों खंडवा जिले में कुपोषण से बच्चों की कोई भी मौत नही हुई है। गर्भवती महिलाओं को एमपी एग्रो इंडस्ट्रीज के माध्यम से विभिन्न रैसिपी अनुसार टेकहोम राशन के रूप में पूरक पोषण आहार नियमित रूप से दिया जा रहा है। शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। वर्तमान में वर्षों से जमे कोई जिला अधिकारी पदस्थ नहीं है। पदस्थ जिला अधिकारी द्वारा नियमित आंगनवाड़ी केंद्रों का निरीक्षण किया जा रहा है।


इस प्रश्न के जवाब में एक दर्जन प्रयास गिनाए...
? महिला एवं बाल विकास द्वारा जिला खंडवा में वर्ष 2013 से अब तक कुपोषण मिटाने के लिए क्?या प्रयास किए गए?
- अति कम वजन श्रेणी के कुपोषित बच्चों को आंगनवाड़ी केंद्रों के माध्यम से प्रतिदिन दिए जाने वाले नाश्ते व भोजन के साथ अतिरिक्त पौष्टिक आहार के रूप में थर्ड मील का प्रदाय किया गया। सहित न्यूट्री कॉर्नर, कुपोषण रथ, सोया आटा युक्त बिस्किट, 35 विभाग प्रमुख व स्वयंसेवी संस्थाओं को गांव गोद देने सहित करीब एक दर्जन प्रयास गिनाए।

? कुल कितनी राशि का पोषण आहार वितरित किया गया? वर्षवार जानकारी दें।
- ये आया जवाब...
वित्तीय वर्ष नाश्ता/भोजन टीएचआर योग
2013-14 881.73 1251.21 2132.94
2014-15 1207.24 1206.81 2414.05
2015-16 1227.37 1275.46 2502.83
2016-17 1133.46 1426.53 2559.99
कुल योग 4449.80 5160.01 9609.81
(राशि लाख रुपए में, विस में दी जानकारी के अनुसार)

विस में ये मामले भी...
- मांधाता विधायक लोकेंद्रसिंह तोमर के सवाल पर नर्मदा घाटी विकास राज्यमंत्री लालसिंह आर्य ने जवाब दिया, जिसमें बताया कि इंदिरा सागर परियोजना के कुल 20 कार्यों में से 7 कार्य व ओंकारेश्वर परियोजना के कुल 25 कार्यों में से 17 कार्यों के प्रस्ताव वित्तीय वर्ष 2018-19 के सीएसआर बजट स्वीकृत होने के बाद कमेटी की आगामी बैठक में प्रस्तुत करेंगे। आंगनवाडि़यों से जुड़े प्रश्न पर मंत्री चिटनिस द्वारा प्रस्तुत जवाब के अनुसार, 4 साल से मांधाता विस क्षेत्र में विधायक से 46 आंगनवाड़ी केंद्र खोले जाने के प्रस्ताव प्राप्त हुए थे, जिसमें से 1 की स्वीकृति दी गई।
- खंडवा विधायक वर्मा ने याचिका लगाते हुए कहा कि जिला मुख्यालय के खंडवा तहसील कार्यालय का भवन ब्रिटिश शासनकाल का होकर अत्यंत पुराना है। इस अति महत्वपूर्ण कार्यालय के लिए पर्याप्त भूमि उपलब्ध है, इसलिए भवन की प्रशासकीय स्वीकृति, मास्टर मैप व आवंटन की स्वीकृति प्रदान करने का कष्ट करें।

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