जनसुनवाई -पड़ोसी जिलों में हुई शुरू, खंडवा में आदेश का इंतजार

-वीसी में मुख्यमंत्री ने दिए थे जनसुनवाई के निर्देश, मिनिट्स भी मौजूद
-बड़ी संख्या में पहुंचे आवेदक, सभाकक्ष खाली, पेटी में डाले आवेदन
-नौ माह से बंद है जनसुनवाई, हर मंगलवार लोग आते समस्या लेकर

खंडवा.
जिले के नागरिकों को अपनी समस्याओं के निराकरण के लिए भटकना पड़ रहा है। खंडवा जिले में अब तक जनसुनवाई नहीं शुरू हो पाई है। पिछले दिनों मुख्यंत्री शिवराजसिंह चौहान ने वीसी के दौरान सभी कलेक्टर्स को जनसुनवाई आरंभ करने के निर्देश दिए थे। जिसके मिनिट्स भी मौजूद है। इसके बाद निमाड़ के अन्य जिलों में पिछले सप्ताह से प्रशासन ने जनसुनवाई आरंभ कर दी है। प्रशासन का कहना है कि अभी तक शासन की ओर से कोई आदेश नहीं आया है। मंगलवार को भी कलेक्टोरेट स्थित जनसुनवाई का सभाकक्ष खाली नजर आया। सभाकक्ष के बाहर आवेदकों की एंट्री कर पास रखी शिकायत पेटी में आवेदन डलवाए गए।
लोगों की समस्या को सीधे संबंधित अधिकारियों के सामने रखकर उनका निराकरण करने के उद्देश्य से शासन ने जनसुनवाई आरंभ कराई थी। हर मंगलवार को होने वाली जनसुनवाई मार्च से कोरोना लॉक डाउन के चलते बंद थी। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद अब प्रदेश के कई जिलों में जनसुनवाई पुन: आरंभ हो गई है। पड़ोसी जिले खरगोन, बुरहानपुर में तो पिछले सप्ताह से अधिकारी सीधे लोागें की समस्याओं से रुबरू हो रहे है। वहीं, बड़वानी में भी इस मंगलवार को जनसुनवाई आरंभ की गई। खंडवा में जनसुनवाई की कोई हलचल नहीं दिखी। हमेशा की तरह यहां आए आवेदकों ने शिकायत बॉक्स में अपने आवेदन डालकर अपनी समस्या के निराकरण होने की आस लेकर लौट गए।
इंजेक्शन से नवजात का पैर हुआ खराब
जनुसनवाई में पुनासा से आईं महिला दुर्गाबाई पति सुंदरसिंह राजपूत ने गलत तरीके से नवजात को इंजेक्शन लगाने से पैर खराब होने की शिकायत की। महिला ने बताया कि 9 नवंबर को उनकी डिलीवरी हुई थी। 10 नवंबर को स्वास्थ्य केंद्र में उनके नवजात बेटे को एचबी का टीका लगाया था। टीके बाद नवजात शिशु के पैर में छेद हो गया है। उन्होंने उधार रुपए लेकर बच्चे का इलाज निजी अस्पताल में कराया। इसके बाद भी पैर ठीक नहीं हुआ। डॉक्टर का कहना है कि उच्च इलाज के लिए इंदौर जाना पड़ेगा। महिला ने शासन से मांग की है उनके नवजात बेटे का इलाज कराया जाए।
ये आए अपनी समस्या लेकर
ग्राम पंचायत भवरली अंतर्गत ग्राम चिखली में हो रहे भ्रष्टाचार को लेकर कई ग्रामीण जनसुनवाई में पहुंचे। यहा ग्रामीणों ने बताया कि गांव में सरपंच, सचिव, रोजगार सहायक द्वारा पंचायत के कार्यों में भ्रष्टाचार किया जा रहा है। शिकायत करने पर पंचायतकर्मियों द्वारा ग्रामीणों को धमकाया जाता है। ग्राम सिरसौद से आईं बुजुर्ग महिला मीराबाई पति रामभरोस ने बताया कि दिव्यांगता के बाद भी उन्हें योजनाओं का लाभ नहीं मिल रहा है। उनका नाम भी दिव्यांगता की सूची से हटा दिया है। वहीं, ग्राम काकरिया निवासी 60 वर्षीय कलाबाई पति भैयालाल ने विधवा पेंशन नहीं मिलने की शिकायत की। ग्राम कोरगला, डिगरिस, बोरगांव से आए किसानों ने भगवंत सागर बांध का पानी आबना नदी में छोड़े जाने की मांग की।
हमारे पास अभी आदेश नहीं आया
जनसुनवाई आरंभ करने का शासन की ओर से अभी कोई आदेश या निर्देश नहीं आए हैं। निर्देश आने पर विधिवत जनसुनवाई आरंभ कर दी जाएगी।
नंदा भलावे कुशरे, एडीएम

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मनीष अरोड़ा Bureau Incharge
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