राजनीति का अखाड़ा बनता जा रहा खंडवा मेडिकल कॉलेज

डीन के खिलाफ लामबंद हुए कई डॉक्टर्स

खंडवा. इन दिनों मेडिकल कॉलेज कैंपस राजनीति का अखाड़ा बना हुआ है। भविष्य के डॉक्टर्स के निर्माण में लगे मेडिकल कॉलेज के प्रोफेसर्स, डॉक्टर्स के बीच गुटबाजी बढ़ती जा रही है। यहां वर्तमान डीन को लेकर दो गुट बन गए है। एक गुट डीन को यथावत रखना चाहता है। वहीं, दूसरा गुट पुराने डीन को वापस पद पर लाने के लिए लगा हुआ है। इसके लिए मेडिकल कॉलेज में पुराने डीन के पक्ष वाले गुट द्वारा लगातार सक्रियता बढ़ाई जा रही है। अगले कुछ दिनों में डीन को हटाने के लिए चिकित्सा शिक्षा विभाग को पत्र भी लिखा जा सकता है।
जिले में कोरोना का पहला मरीज मिलने के ठीक एक दिन पहले 7 अप्रैल 2020 को तत्कालीन मेडिकल कॉलेज डीन डॉ. संजय दादू को हटाकर वर्तमान डीन डॉ. अनंत पंवार को प्रभार सौंपा गया था। कोरोना काल के लगभग खत्म होने के बाद अब पूर्व डीन डॉ. दादू को वापस पद पर लाए जाने की कवायद शुरू हो गई है। सूत्रों के मुताबिक मेडिकल कॉलेज का एक बड़ा धड़ा डॉ. दादू को फिर से डीन के पद पर देखना चाहता है। इसके लिए पिछले कुछ दिनों से मेडिकल कॉलेज में बैठकों का दौर भी जारी है। दो दिन पूर्व भी मेडिकल कॉलेज में एक बैठक हुई है, जिसमें निर्णय लिया गया है कि मुख्यमंत्री के दौरे पर डॉ. दादू को दोबार डीन का प्रभार सौंपे जाने के लिए ज्ञापन सौंपा जाएगा।
इसलिए हटाए गए थे डॉ. दादू
मेडिकल कॉलेज निर्माण के दौरान ही वर्ष 2017 में चिकित्सा शिक्षा विभाग द्वारा डॉ. दादू को डीन का प्रभार सौंपा गया था। तीन साल से डॉ. दादू ही डीन का पद संभाल रहे थे। मेडिकल कॉलेज के जिला अस्पताल भवन के ए और बी ब्लॉक निर्माण में हो रही देरी, कोविड अस्पताल की व्यवस्थाओं में रूचि नहीं लेने के चलते तत्कालीन कलेक्टर तन्वी सुंद्रियाल ने डीन डॉ. दादू की शिकायत की थी। जिसके बाद कमिश्नर स्तर से डॉ. दादू का प्रभार डॉ. अनंत पंवार को सौंपा गया था।
लंबा प्रशासकीय अनुभव
डॉ. दादू को लंबा प्रशासकीय अनुभव है। डॉ. दादू ने संयुक्त मप्र में छत्तीसगढ़ के शासकीय मेडिकल कॉलेज से अपना कॅरियर शुरू किया था। तब से विभिन्न शासकीय मेडिकल कॉलेज में पदस्थ रहने के साथ डीन का पद भी संभाल चुके है। पूर्व डीन डॉ. दादू के परिवार का राजनीतक पहलू भी रहा है। उनके भाई दिवंगत राजेंद्र दादू और भतीजी मंजू दादू भाजपा से नेपानगर विधायक भी रहे है।
सख्त प्रशासक के कारण हुआ विरोध शुरू
डॉ. अनंत पंवार को पहली बार खंडवा मेडिकल कॉलेज का डीन बनाया गया है। डॉ. पंवार को शासकीय सेवा में आए लंबा समय नहीं हुआ है। डॉ. पंवार द्वारा डीन का प्रभार संभालने के बाद सख्त प्रशासक के रूप में कार्य करना ही उनके विरोध का कारण बनता जा रहा है। उ"ा स्तर से आए निर्देशों का पालन कराने में वे सख्त रहे हैं। कोविड काल में उनकी सख्ती के चलते कई डॉक्टर मेडिकल कॉलेज भी छोड़ चुके है।
जो जिम्मेदारी दी थी, उसे निभा चुका
बदलाव हमेशा अ'छा होता है। मुझे जो जिम्मेदारी दी गई थी, उसे मैं निभा चुका हूं। मुझे कुछ समय के लिए डीन बनाया गया था। अब हटाया जाएगा तो कोई परेशानी नहीं है। मुझ से भी मेडिकल कॉलेज के कुछ लोगों ने पूछा था, मैंने उन्हें अपने पद छोडऩे की सहमति भी दे दी है। इसमें राजनीति जैसी कोई बात नहीं है।
डॉ. अनंत पंवार, डीन मेडिकल कॉलेज

अजय पालीवाल
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