जानिएं कैसे बदल गया? सप्ताहभर में किडनी मरीज का ब्लड गुरप

- जिला अस्पताल की लैब में किडनी मरीज की खून की जांच में गड़बड़ी

By: Editorial Khandwa

Published: 16 Jul 2016, 09:33 PM IST




खंडवा. जिला अस्पताल की पैथॉलाजी में शनिवार को जानलेवा लापरवाही सामने आई। किडनी मरीज की खून की जांच में ए-पॉजीटिव को जांच रिपोर्ट में एबी-पॉजीटिव बताया गया। समय रहते मरीज के बेटे ने गलती पकड़ी, नहीं तो इस गु्रप का खून मरीज को चढ़ा दिया जाता। रिपोर्ट हाथ लगते ही डायलिसिस यूनिट सहित नैदानिक केंद्र में हड़कंम मच गया।
पत्रिका ने जब पैथॉलाजी में पूरे मामले की पड़ताल की तो टेक्निशिएन की खामी सामने आई। राघवनगर के किडनी मरीज मोहन रामचंद्र उमाले का सेंपल लेब में ढूंढा तो काफी देर तक नहीं मिला। सेंपल मिलने पर दोबारा उसकी जांच कराई तो ब्लड गु्रप आेरिजनल ए-पॉजीटिव निकला। टेक्निशिएन सुनील खेते ने गलती मानी। वहीं उन्होंने सेंपल लेने के दौरान बरते जाने वाले नियमों का पालन नहीं होना भी बताया।
बेटे ने कहा नहीं देखता तो यही ब्लड चढ़ जाता
बेटे हर्ष उमाले ने कहा यदि समय रहते नहीं देखता तो पिजाती को एबी-पॉजीटिव ब्लड ही चढ़ जाता। यह लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती थी। पिताजी का 4 हिमोग्लोबिन था चार यूनिट ब्लड चढ़ाने के बाद बढऩे की बजाए रिपोर्ट में 3.8 लिखा है। जबकि ब्लड चढ़ाने के बाद यह बढ़ता है। 
वर्कलोड ज्यादा है मानवीय भूल है यह
- खून की जांच में गु्रप बदलना नहीं चाहिए। हालांकि यह मानवीय भूल है क्योंकि पैथॉलाजी में वर्कलोड ज्यादा है। खून चढ़ाने के पहले क्रास मैच कराया जाता है उसमें यह गलती पकड़ में आ जाती। - डॉ. अतुल माने, पैथॉलाजी प्रभारी जिला अस्पताल खंडवा।  
Editorial Khandwa
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