आधुनिक हुई जिला अस्पताल की लैब, मिले अत्याधुनिक उपकरण

-बायो कैमेस्ट्री जांच की सुविधाओं में हुआ इजाफा, होगी कई प्रकार की जांच
-बार कोड ट्यूब में लिए जाएंगे ब्लड सैंपल, भोपाल से होगी मानिटरिंग
-माइक्रो बायोलॉजी लैब की अब तक नहीं मिली सौगात

खंडवा.
जिला अस्पताल की नैदानिक केंद्र लैब में अब बायो कैमेस्ट्री संबंधित कई प्रकार की जांचें शुरू होगी। नैदानिक लैब में शासन द्वारा बायो कैमेस्ट्री जांच की अत्याधुनिक मशीनें भेजी गई है। इन मशीनों का इंस्टालेशन भी हो गया है और तकनीशियनों का प्रशिक्षण भी हो चुका है। कई मशीनों पर तो कार्य भी आरंभ हो गया है। वहीं, माइक्रो बायोलॉजी संबंधित जांच के लिए अभी मरीजों को इंतजार करना पड़ सकता है।
जिला अस्पताल के नैदानिक केंद्र लैब में बायो कैमेस्ट्री के अत्याधुनिक उपकरणों में यूरिन एनालाइजर, स्टे स्टेलाइजर डी डायमर सिस्टम, हार्मोनल 5 ए, सेल काउंटर 5 पार्ट, फुली ऑटोमेटिक बायो कैमेस्ट्री एनालाइजर मशीन लगाई गई है। इन मशीनों से बायो कैमेस्ट्री की शुगर, कैलोस्ट्राल, यूरिया, क्रिटिनिन, सिरम ब्लूरिबिन, आरएफटी (किडनी), एलएफटी (लीवर), लिपिड प्रोफाइल (हार्ट) सैंपल जांच सहित १३५ प्रकार की जांचें हो सकेगी। इन मशीनों में से कुछ की किट आना बाकी है। यूरिन एनालाइजर और स्टे स्टेलाइजर मशीन आरंभ कर दी गई है। स्टे स्टेलाइजर पर तो कोरोना संक्रमित मरीजों की पीटी, एपीटीटी, डी डायमर की जांच भी की जा रही है। ये हृदय संबंधित मरीज के खून में थक्का जमने वाली बीमारी की जांच होती है।
कम्प्यूराइज्ड रिपोर्ट दी जाएगी
लैब में लगाई गई अत्याधुनिक मशीनों में होने वाली जांच के लिए सैंपल भी साधारण ट्यूब में नहीं लिए जा सकेंगे। इसके लिए अलग से बार कोड वाली ट्यूब भी भेजी गई है। बार कोडिंग से ही सीधे मशीन में लगे सैंपल की जांच रिपोर्ट कम्प्यूटर पर दिखेगी और वहीं से प्रिंट होकर निकलेगी। अब तक जांच के बाद तकनीशियन द्वारा हस्त लिखित रिपोर्ट दी जा रही थी। साथ ही इन मशीनों से जुड़े कम्प्यूटर का भोपाल के कम्प्यूटर से सीधा संपर्क रहेगा। इतना ही नहीं लैब में दो सीसीटीवी कैमरे भी लगाए गए है, जो भोपाल से जुड़े हुए हैं। लैब की सीधी मानिटरिंग भोपाल में भी होगी।
हिमोटोलॉजी, सिरोलॉजी की जांच भी हो रही
नैदानिक केंद्र लैब में बायो कैमेस्ट्री के साथ ही हिमोटोलॉजी, सिरोलॉजी की जांचें भी हो रही है। हिमोटोलॉजी में प्लेटलेट काउंट, पीएनजी, एचबी, खून से संबंधित सारी जांच और सिरोलॉजी में मलेरिया, एचआइवी, डेंगू, विडॉल, पीलिया की जांच हो रही है। लैब में माइक्रो बायोलॉजी की जांचें अब तक आरंभ नहीं हो पाई है। माइक्रो बायोलॉजी में मुख्य रूप से टिशु कल्चर की जांच होती है। जिसमें ब्लड कल्चर, फ्लूड कल्चर सहित अन्य जांच शामिल है। इन जांचों के लिए मरीजों को निजी लैब जाना पड़ रहा है।
शुरू कर दी हैं जांच
नैदानिक केंद्र में चार नई मशीन बायो कैमेस्ट्री संबंधित जांच के लिए आई हैं। मशीनों का इंस्टालेशन हो गया है। दो मशीनों की किट आना बाकी है। अब सारी जांच बार कोड ट्यूब में सैंपल लेकर की जाएगी। नई मशीनों से जांच में तेजी आएगी।
डॉ. अतुल माने, लैब प्रभारी

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मनीष अरोड़ा Bureau Incharge
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