प्लाट नामांतरण कराने के नाम पर 500 रुपए की रिश्वत लेते पटवारी धराया

प्लाट नामांतरण कराने के नाम पर 500 रुपए की रिश्वत लेते पटवारी धराया
Lokayukta team caught Patwari taking bribe of 500 rupees in khandwa

Jitendra Tiwari | Updated: 18 Sep 2019, 12:41:19 AM (IST) Khandwa, Khandwa, Madhya Pradesh, India

छैगांवमाखन का मामला, तीन हजार की मांगी थी रिश्वत, ढाई हजार पहले ले चुका था

खंडवा. प्लाट नामांतरण कराने के नाम पर 500 रुपए की रिश्वत लेते हुए सोमवार को लोकायुक्त टीम ने पटवारी को छैगांवमाखन स्थित राजस्व निरीक्षण पटवारी कार्यालय में रंगेहाथ दबोचा। फरियादी सादिक शेख निवासी इंदिरा आवास हाई स्कूल के पीछे छैगांवमाखन ने प्लाट का नामांतरण कराने के लिए पटवारी को आवेदन किया। छैगांवमाखन हल्का नंबर 34 के पटवारी दिनेश जगताप ने नामांतरण करने के नाम पर तीन हजार रुपए की रिश्वत मांगी। नहीं देने पर नामांतरण का कार्य करने में आनाकानी करने लगे। सादिक ने दबाव में आकर ढाई हजार रुपए दे दिए। पटवारी जगताप ने पूरे तीन हजार देने की बात कह रहा था। शेष 500 रुपए के लिए पिछले दो माह से परेशान कर रहा था। परेशान होकर सादिक ने 24 अगस्त को इंदौर लोकायुक्त में रिकॉर्डिंग और साक्ष्य के साथ शिकायत की। इस पर लोकायुक्त टीम सोमवार को पहुंची।

फरियादी के बाहर आते ही दी दबिश

सोमवार सुबह 11 बजे टीम ने पटवारी को रिश्वत के 500 रुपए देने के लिए फरियादी को भेजा। सादिक ने कार्यालय में पहुंचकर पटवारी को रिश्वत की राशि दी और प्लाट के नामांतरण के दस्तावेज लेकर बाहर आया। जैसे ही उसने रुपए लेने का इशारा किया। लोकायुक्त टीम ने दबिश दी और पटवारी जगताप को रंगेहाथ रिश्वत की राशि के साथ पकड़ लिया। हाथ धुलवाये तो लाल हो गए। मामले में कार्रवाई करते हुए लोकायुक्त ने पटवारी जगताप के खिलाफ भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर लिया है। कार्रवाई टीम में निरीक्षक आशा सेजकर, राहुल गजभिये, आरक्षक सतीश यादव, चेतन परिहार, आदित्य सिंह, भदौरिया शामिल थे।

पहले भी ले चुका था दो हजार की रिश्वत
फरियादी सादिक ने बताया मैं लोडिंग ऑटो चलाकर परिवार का पेट पालता हूं। लेकिन पटवारी से जब भी कोई काम कराने गया उसने रिश्वत की मांग की। इस मामले के पहले भी पटवारी जगताप ने रिश्वत ली। विगत वर्ष एक प्लाट की रजिस्ट्री कराई थी। जिसके बदले पटवारी जगताप ने दो हजार रुपए की रिश्वत मांगी थी। रिश्वत के दो हजार देने के बाद ही रजिस्ट्री हो सकी थी।

वर्जन

प्लाट नामांतरण कराने के नाम पर शिकायतकर्ता सादिक से पटवारी दिनेश जगताप रिश्वत मांग रहा था। वह ढाई हजार पहले ले चुका था। शिकायत के बाद टीम के साथ कार्रवाई कर पटवारी को 500 रुपए की रिश्वत लेते पकड़ा है। पटवारी के खिलाफ भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज किया है।
आशा सेजकर, निरीक्षक, लोकायुक्त इंदौर

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