इंटरनेट नेटवर्क के लिए पहाडिय़ों पर चढऩा पड़ रहा

आयुष्मान कार्ड के लिए पहाड़ी पर चढ़कर तलाश रहे इंटरनेट नेटवर्क
-दूरस्थ आदिवासी बहुल ग्रामों में बनाए जा रहे है आयुष्मान कार्ड
-जिले को मिले लक्ष्य को पूरा करने के लिए कार्यस्थल पर ही बना रहे कार्ड

खंडवा.
जिले में आयुष्मान भारत योजना के तहत हितग्राहियों के गोल्डन कार्ड बनाने का कार्य किया जा रहा है। आदिवासी विकासखंड खालवा के दूरस्थ ग्रामों में इंटरनेट कनेक्टिविटी नहीं मिलने से कॉमन सर्विस सेंटर संचालक ऊंची पहाडिय़ों पर चढ़कर नेटवर्क तलाश रहे है। नेटवर्क मिलते ही तुरंत ही हितग्राही को कार्ड बनाकर दिया जा रहा है। वहीं, हितग्राहियों को योजना का लाभ दिए जाने के लिए कार्यस्थल पहुंचकर मजदूरों के कार्ड बनाए जा रहे हैं।
आयुष्मान भारत योजना के तहत हितग्राहियों को देश के जाने माने अस्पतालों में पांच लाख रुपए तक का इलाज नि:शुल्क मिलना है। योजना का लाभ अधिक से अधिक हितग्राहियों को आयुष्मान योजना के गोल्डन कार्ड बनाकर दिए जा रहे हैं। खालवा ब्लॉक के दूरस्थ ग्रामों में इंटरनेट कनेक्टिविटी की समस्या के चलते आयुष्मान कार्ड बनाने का कार्य प्रभावित हो रहा था। योजना का क्रियान्वयन शत प्रतिशत करने के लिए इस समस्या का तोड़ भी कॉमन सर्विस सेंटर संचालकों ने निकाल लिया। खालवा ब्लॉक के आदिवासी फलिया अंबाघाट में कनेक्टिविटी न मिलने पर सीएससी संचालक ने ऊंची पहाड़ी पर चढ़कर नेटवर्क तलाश कर हितग्राहियों को कार्ड बनाकर दिए। इसी तरह किल्लौद विकासखंड की ग्राम पंचायत बरमलाय में सीएससी संचालक द्वारा रोजगार गारंटी के मजदूरों को उनके कार्यस्थल पर ही आयुष्मान योजना के कार्ड बनाकर दिए गए।
जल्द से जल्द करेंगे लक्ष्य पूरा
जिले में आयुष्मान भारत योजना के गोल्डन कार्ड बनाने का कार्य लगातार जारी है। दूरस्थ अंचलों में इंटरनेट कनेक्टिविटी की समस्या सामने आ रही थी, जिसका हल वहां के सीएससी संचालकों ने निकाल लिया है। हम जल्द से जल्द आयुष्मान भारत योजना का लक्ष्य पूरा करेंगे।
रोशन कुमार सिंह, सीइओ जिला पंचायत

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मनीष अरोड़ा Bureau Incharge
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