ट्रैफिक थाने के ताले में  कै द 16 लाख की स्पीड राडार गन

मध्यप्रदेश के खंडवा में ट्रैफिक पुलिस के लापरवाह अफसरों ने 16 लाख रुपए की राडार स्पीड गन को कंडम बना दिया। पत्रिका के सवाल पर एसपी नवनीत भसीन, सूबेदार देवेंद्रसिंह परिहार व स्टॉफ बंगले झांकने लगे। स्पीड लिमिट क्रॉस करने पर तीन हजार तक जुर्माना  वसूला जाता है।

संजय दुबे खंडवा.
स्पीड लिमिट क्रॉस करने वाले वाहन चालकों पर एक्शन लेने के लिए खरीदी गई 16 लाख रुपए की स्पीड राडार गन स्टोर में रखी धूल खा रही है। तेज गति वाहन चलाने वालों पर शिकंजा कसने की मंशा से सरकार ने इसे खरीदकर ट्रैफिक पुसिल को सौंपा था, लेकिन लापरवाह अफसरों ने इसे कंडम बना दिया।
पत्रिका ने जब जिम्मेदारों से सवाल पूछा तो एसपी, सूबेदार व थाना स्टाफ के अलग-अलग जवाब था। थाने के स्टोर रूम से बॉक्स को हवलदार ने बाहर निकाला। जिस पर धूल की  परत जमी थी। उसके हिस्सों को एसेंबल करके गन  तैयार की। ये गन थाने के ताले में कई सालों से बंद है। शहर की सड़कों पर इसे कभी निकाला ही नहीं गया है।
बंद पड़े होने से बैटरी हो गई खराब
ट्रैफिक सूबेदार देवेंद्रसिंह परिहार ने कहा स्पीड राडार गन की बैटरी खराब है। क्योंकि इसका उपयोग पिछले कई सालों से हुआ ही नहीं है। प्रस्ताव बनाकर इसे कंडम घोषित किया जाएगा। नई गन से शहर में स्पीड गति के वाहनों पर कंट्रोल किया जाएगा। एसआई अंजू शर्मा ने गन के पाट्र्स एसेंबल करके हमें बताया कि  आखिर यह गन काम कैसे करती है।

 



ऐसे काम करती है स्पीड राडार गन
  यह पूरी तरह कम्प्यूटराइज्ड है। जवान मुख्य मार्गों व चौराहों पर स्पीड राडार गन लेकर खड़े होते हैं।
  वाहन के आते स्विच दबाते ही वाहन के नंबर की रिकॉर्डिंग व फटो सेव हो जाता है।
  कितने समय पर वाहन कितनी स्पीड में था, यह टाइमिंग भी रिकॉर्ड हो जाती है।
  वाहन की फटो, नंबर सहित पूरी जानकारी कुछ दूरी पर खड़े ट्रैफि क पुलिस के अफ सरों तक पहुंच जाती है।
  वाहन की जानकारी आते ही उसे रोका जाता है।
  टाइमिंग व स्पीड की पूरी जानकारी चालक को दिखाते हुए चालान राशि वसूली जाती है।

MP Traffic Police Station Radar Speed gun

यह है जुर्माने का ग्राफ
दोपहिया वाहन पर तीन सवारी बैठाकर चलाने वालों पर 500 रुपए, नो पार्र्किंग में वाहन खडे करने पर 500 रुपए, वीआईपी व लालबत्ती के दौरान क्रॉस करने वालों से 500 रुपए और हेलमेट न पहनकर वाहन चलाने वालों पर 250 रुपए का चालान काटा जाता है। तेज गति चलाने पर कम से कम पांच हजार रुपए वसूले सकते हैं।
हादसे में कई जानें गईं, स्पीड जांची ही नहीं
शहर की सड़कों पर हादसों में कई जानें गईं। लेकिन ट्रैफि क पुलिस सिर्फ  तीन सवारी और बिना हेलमेट वाहन चलाने वाले चालकों के खिलाफ   एक्शन लेती रही है। तेज गति के वाहनों पर कार्रवाई कभी की ही नहीं। जबकि तेज गति से वाहन चलाते पकड़े जाने पर ट्रैफि क पुलिस को तीन हजार रुपए का चालान काटने का अधिकार होता है। जानकारी मांगी जाएगी
जानकारी मांगी जाएगी
ट्रैफिक थाने में स्पीड राडार गन है, मुझे इसकी जानकारी नहीं। थाने से निकलवाकर इसे सुधरवाया जाएगा। 16 लाख की गन है तो उपयोग होना चाहिए। संबंधितों से तत्काल जानकारी मांगी जाएगी। - नवनीत भसीन, एसपी  

संजय दुबे
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