रहस्यमयी मौत मर रहे कौवें, फिर 14 मृत मिले

-पशु चिकित्सा विभाग ने सैंपल के लिए भेजे मृत कौवें
-दो दिन पहले मृत कौवें और बगुलों की जांच रिपोर्ट आएगी कल
-इंदिरा सागर जलाशय के टापू पर आए प्रवासी पक्षियों के भी लिए गए सैंपल

खंडवा.
प्रदेश के कई जिलों में बर्ड फ्लू की पुष्टि होने के साथ ही खंडवा जिले में भी लगातार हो रही कौवों की मौत के बाद पक्षियों में बीमारी की आशंका जताई जा रही है। बुधवार को खेड़ापति हनुमान मंदिर क्षेत्र के रेलवे परिसर में 14 कौवों की मौत होना पाया गया है। पशु चिकित्सा सेवा विभाग द्वारा मृत कौवों के शरीर को सैंपल के लिए भोपाल लैब भेजा गया है। वहीं, पुनासा क्षेत्र में इंदिरा सागर जलाशय के टापू पर आए प्रवासी पक्षियों के भी सैंपल बुधवार को लिए गए हैं।
प्रदेश में बर्ड फ्लू की आहट के साथ ही प्रशासन और पशु चिकित्सा विभाग हाई अलर्ट पर है। खंडवा में तीन दिन से लगातार कौवों और बगुलों की मौत होने का सिलसिला जारी है। बुधवार को खेड़ापति हनुमान मंदिर क्षेत्र के रेलवे परिसर में 14 कौवें मृत अवस्था में होने की सूचना पर अतिरिक्त उप संचालक पशु डॉ. नीरज कुमुद ने मौके पर पहुंचकर मृत कौवों के शरीरी को सुरक्षित पैक कर सैंपल के लिए भोपाल भेजा। डॉ. कुमुद ने बताया कि शहरी क्षेत्र के अलावा पक्षियों की असामान्य मौत की सूचना किसी अन्य ब्लॉक से नहीं है। संभवत: अत्यधिक ठंड या वायु प्रदूषण से भी मौत हो सकती हैं। मौत का असली कारण सैंपल जांच रिपोर्ट आने के बाद ही पता चल पाएगा।
प्रवासी पक्षियों की बीट का लिया सैंपल
शीत ऋतु में प्रवासी पक्षियों का आगमन जिले के इंदिरा सागर बांध के जलाशय के आसपास और टापुओं पर होता है। बर्ड फ्लू की आशंका के चलते इन प्रवासी पक्षियों की बीट के सैंपल भी लिए जा रहे हैं। बुधवार को पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. अनिल डावर द्वारा पामाखेड़ी के जंगल में नर्मदा तटों के किनारे प्रवासी पक्षी सायबेरियन बर्ड, एशियाटिक स्पेरो, ब्लू ओट और आस्ट्रेलियन कोयल की बीट का सैंपल लेकर खंडवा भेजा गया। जहां से भोपाल भारतीय उच्च सुरक्षा रोग अनुसंधान प्रयोगशाला भेजा जाएगा।
चिकन, अंडे पकाकर खाने से मानव स्वास्थ्य को खतरा नहीं
प्रदेश के इंदौर, मंदसौर और आगर जिलों में कौओं में बर्ड फ्लू की पुष्टि हुई है, जबकि कुछ अन्य जिलों में कौओं की मृत्यु होने पर सैंपल रिपोर्ट की प्रतीक्षा की जा रही है। संचालक पशुपालन के अनुसार मुर्गियों में बर्ड फ्लू वायरस एच5एन8 अभी तक नहीं पाया गया है। चिकन तथा अंडों आदि को अच्छी तरह पकाकर उपयोग किया जा सकता है। इनसे मानव स्वास्थ्य को किसी प्रकार का खतरा नहीं है। सभी जिलों को भारत सरकार की एडवाइजरी के अनुसार कार्रवाई करने और सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं।
ये है बर्ड फ्लू के लक्षण
मुर्गा, मुर्गी व पक्षी सुस्त हो जाते हैं।
पक्षियों को हरे व पीले रंग के दस्त होते हैं।
पक्षियों की आंख व नाक से पानी निकलता हैं।
पक्षियों को सांस लेने में तकलीफ होती हैं।

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मनीष अरोड़ा Bureau Incharge
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