नूरा-कुश्ती का अखाड़ा बना निगम सम्मेलन, बहुमत की परिषद में बहस का शिकार बजट

आपस में लड़ तो रहे हैं लेकिन ये तय करके कि एक-दूजे को चित नहीं करेंगे।

खंडवा. नगर निगम परिषद का चौथा सम्मेलन नूरा-कुश्ती का अखाड़ा बन गया है। इसमें लड़ाई तो हो रही है लेकिन ये तय कर लिया गया है कि किसी को भी चित नहीं करेंगे। गुरुवार को भी यही हाल रहे। 13 जुलाई को स्थगित हुए सम्मेलन का आगाज होते ही जब प्रश्नकाल शुरू हुआ तो फिर महापौर, अध्यक्ष, एमआईसी सदस्य के बीच सांमजस्य नहीं होने का नजारा सामने आया। आपसी द्वंद में शहर के नुकसान की फिक्र भी नहीं की गई। जबकि एजेंडे में प्रश्नकाल के लिए 1 घंटे का समय निर्धारित है और दो अलग-अलग दिन में 10 घंटे बहस होने के बाद भी प्रश्नकाल खत्म नहीं हुआ है। मुद्दों पर बात तो छिड़ी लेकिन अंजाम तक नहीं पहुंचे। इस बीच वित्तीय वर्ष 2018-19 सहित पांच मुद्दों पर बात ही नहीं हो पाई। बहुमत की परिषद में भी शहर का बजट फिर से आरोप-प्रत्यारोप, छींटाकशी, हंगामे और बहस का शिकार हुआ। सम्मेलन स्थगित हो गया। तारीख आने वाले दिनों में तय होगी।

अध्यक्ष की पीड़ा एेसे आई सामने
निगम अध्यक्ष रामगोपाल शर्मा की पीड़ा सामने आई। पार्षद दीपा सोनी ने सवाल उठाया था कि छोटे-छोटे कामों के लिए कमिश्नर के हाथ जोडऩा पड़ते हैं। क्या पार्षद निधि १० लाख तक होगी? इस पर अध्यक्ष ने कहा- आयुक्त महोदय, एक्ट में सबके अधिकार अलग-अलग हैं। अक्सर, देखने-सुनने में आया, मैंने भी देखा कि आप हर काम के लिए कहते हैं कि महापौर से चर्चा करूंगा। आपका इस प्रकार का जवाब सही तो बिल्कुल नहीं है बल्कि असहनीय है। आदेशित करता हूं कि एेसे प्रकरण में गैर-जिम्मेदाराना जवाब नहीं देंगे। चेतावनी है कि अब न पार्षद न मुझे एेसा जवाब देना। अब तक सहन किया, अब नहीं करेंगे। 40 लाख तक के अधिकार आपके पास हैं।

टाइमलाइन...
11.30 बजे का समय था निर्धारित
12.20 बजे सम्मेलन हो पाया शुरू
1.54 बजे भोजन अवकाश की घोषणा
2.46 बजे दूसरे सत्र की हुई शुरूआत
5.24 बजे सम्मेलन स्थगित की घोषणा

ये खास-खास...
- पार्षद के बाद महापौर सभागार में आकर बैठ गए, 20 मिनट तक इंतजार किया। अध्यक्ष नहीं आए तो आयुक्त को बुलाने भेजा। अध्यक्ष बोले- मुझे एेरा-गैरा समझ रखा है क्या, जो सम्मान नहीं दे रहे हो?
- वेदप्रकाश शर्मा ने महापौर और आयुक्त को रंगा-बिल्ला नाम दिया। परिषद में सम्मान नहीं मिलने तथा इन दोनों पर बगैर किसी से पूछे निर्णय लेने का आरोप लगाया। पिछली परिषद में ‘जो जीजाजी कहेंगे...’ वाली बात कही थी।
- नेता प्रतिपक्ष अहमद पटेल ने कहा- मैंने जब शांति समिति में मुद्दा उठाया तब डीएम ने कहा कि निगम में अपनी बात रखना। कलेक्टर से ज्यादा पावर इस सदन को है। शहर चलेगा तो इस सदन से।
- रियाज मार्शल सभागृह से बाहर चले गए थे, वापस आए तो अध्यक्ष ने कहा कि किसकी अनुमति से गए थे, अगली बार जाएं तो पूछकर जाना।
- पार्षद बलराम वर्मा ने कहा कि मेरे वार्ड में 4 साल से कचरा गाड़ी नहीं जा रही है। शिवराज मेहता ने घूस उत्पन्न होने व उसके संबंध में उपाय करने की बात कही।

इन मुद्दों का ये हुआ हश्र...
1. बस स्टैंड का प्रस्ताव पुनर्विचार के लिए भेजेंगे

- राजेश यादव ने कहा- 2 साल में मुद्दा क्यों नहीं उठाया?, वेदप्रकाश शर्मा ने बोले- एक नहीं 10 बस स्टैंड बनाओ। सिद्दीक पटेल ने कहा- नया बस स्टैंड गंभीर विषय है, चर्चा हो। इकबाल कुरैशी ने कहा- हमारा विरोध नए बस स्टैंड से नहीं है, पर बसों का संचालन पुराने से हो। आयुक्त ने जवाब दिया कि पूर्व परिषद ने वहां काम शुरू किया था। जिला योजना समिति का निर्णय है। इस पर मेहमूद खान बोले- जनहित के मुद्दे परिषद में आना चाहिए। सोमनाथ काले ने कहा- इस परिषद में इतना पावर है कि यहां बना कानून राज्य शासन के अलावा कोई निरस्त नहीं कर सकता। कलेक्टर भी नकार नहीं सकते। 75 फीसदी जनता का मुद्दा उठाया, अब जनता सडक़ पर उतरेगी।
ये हुआ तय: अध्यक्ष ने कहा कि जियोस में मामला आया था, वहां विधायक, महापौर, निगम से दो सदस्य भी थे। जिस वक्त लोकार्पण हुआ तब वहां प्रभारी मंत्री पारस जैन थे, उन्होंने उद्घाटन किया। वो सरकार के नुमाइंदे हैं। हम ये प्रस्ताव पुनर्विचार के लिए भेजेंगे।

2. निगम खुद कर रहा अतिक्रमण, पूरे शहर से हटाएंगे
पार्षद नितीश बजाज ने पार्वतीबाई धर्मशाला से तीन पुलिया तक नाली चोक है, थोड़ी-सी बारिश में घुटनों तक पानी आ जाता है। लोग हमें बद्दुआ ही देंगे क्योंकि नाले पर खुद निगम ही अतिक्रमण करके निर्माण करा रहा है। अतिक्रमण दस्ते में एक गाड़ी है, उसके भी दस्तावेज नहीं है। तीन बार स्वास्थ्य समिति में बात उठा चुका हूं। दीपा सोनी ने शहर के अतिक्रमण का मुद्दा उठाया। दधीचि पार्क में कब्जे हो गए। एमआईसी सदस्य दिनेश पालीवाल बोले- मैं भी परेशान हूं। मेहमूद खान ने कहा कि एक दिन तय हो, जिसमें महापौर व अध्यक्ष, अफसरों के साथ बैठकर पार्षदों की समस्या का हल करे। महापौर बोले- फिर एेसा न हो कि पार्षद यहां रोज ही आएं।
ये हुआ तय: शहर में जहां भी अतिक्रमण हैं, वे हटाए जाएंगे। किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा। शहर को साफ, स्वच्छ व सुंदर बनाने के लिए अतिक्रमण हटाने के लिए ठोस कार्रवाई की जाएगी। हालांकि पिछले सम्मेलन में भी एेसा निर्णय था पर हुआ कुछ नहीं।

इन मुद्दों पर ये स्थिति...
रेत मंडी, ग्वाला कॉलोनी और स्लाटर हाउस: शहर में जगह-जगह रेत का जो भंडारण हो रहा है, उसे शहर से बाहर करने के लिए जगह चिह्नित करेंगे। आवारा मवेशियों के लिए ग्वाला कॉलोनी के लिए ५ सदस्यीय समिति बनेगी, इसमें अफसर भी रहेंगे। पॉश क्षेत्रों में भी खुले में मांस बिक्री के मुद्दे का हल भी निकालेंगे। पुरानी फाइलें खंगालेंगे।

ये सबकुछ भी जानिए...
- पार्षद निलेश निदाने ने डिस्ट्रीब्यूशन लाइन का मुद्दा उठाया। कहा कि वैध में 2300 व अवैध वाले से 5800 रुपए वसूल रहे।
- वेदप्रकाश ने कहा- ये किसकी सहमति से राशि वसूल हो रही है, एमआईसी में तो नहीं आया प्रस्ताव। सीएम ने कहा था मीटर नहीं लगेंगे फिर भोली-भाली जनता को क्यों लूट रहे हो? किसके बाप का राज है जो शहर को लूटेगा। गरीबों से रुपए वसूले, उसका गुनाहगार कौन?
- सोमनाथ काले ने कहा- लोहा-लडंग बेच लो की तर्ज पर नल कनेक्शन हो रहे हैं। 300 रुपए में कनेक्शन करा सकते हैं तो फिर इतनी राशि क्यों दें?
- महापौर ने कहा कि- हमने प्रयास किए हैं कि शासन से राशि लाएं। जनता के लिए भी विकल्प रखा है कि वो स्वयं सामग्री लाकर कनेक्शन करा लें।

...और ये भी हुआ
- लंच के बाद 3.46 बजे से सत्र शुरू हुआ, इसमें महापौर आने में लेट हुए तो विपक्ष सहित पक्ष के कुछ पार्षदों ने आपत्ति ली। एमआईसी सदस्य ने तो निंदा प्रस्ताव लाने तक की बात कही। हालांकि इस बीच महापौर आ गए।
- भगतसिंह प्रतिमा का मुद्दा इकबाल कुरैशी ने उठाया, कहा- 3 साल से हल नहीं। महापौर बोले- संस्कृति विभाग का पत्र ला दो और कमेटी बना दो। उपस्थित पार्षदों ने भगतसिंह की नई प्रतिमा के लिए ध्वनि मत से समर्थन किया।
- पार्षद नूरजहां बी ने कहा छोटे-छोटे काम ही नहीं होते। प्रधानमंत्री आवास योजना का मुद्दा भी उठाया। पार्षद दीपा सोनी ने पूछा कि इमलीपुरा से गुजरते हैं तो बदबू बहुत आती है, उसका निराकरण कब होगा?
- वेदप्रकाश शर्मा ने कहा कि जब एमआईसी में हूं, विभाग का दायित्व है तो फिर पूछते क्यों नहीं? फ्लैक्स बनाने का मुद्दा उठाकर कहा कि 33 रुपए फीट तक का काम करवाया है, जबकि बाजार में 9 रुपए में हो जाता है।
- सिद्दीक पटेल द्वारा जब ये कहा गया कि मेरे वार्ड में ठेकेदार काम नहीं करना चाहते। तो अध्यक्ष ने आयुक्त से कहा कि दिखवाओ। पटेल ने कहा कि आयुक्त पर भरोसा नहीं है। महापौर ने कहा- रि-टेंडर कराएंगे।
- अध्यक्ष ने आयुक्त से कहा कि मुख्यमंत्री स्वरोजगार के तहत 20 मार्च 2017 को इ-रिक्शा के संबंध में पत्र आया, उसके बारे में किसे बताया। विभाग प्रभारी दीना पंवार ने कहा- मुझे जानकारी नहीं। आयुक्त को 3 दिन में कार्रवाई से अवगत कराने के आदेश दिए गए हैं।

फाइल हो गई गुम
पार्षद आेमप्रकाश सिलावट ने काज्ल्याखेड़ी रोड के मुद्दे पर कहा कि 3 साल से वो अधूरा है। आयुक्त बोले- ठेकेदार ने काम अधूरा छोड़ा। बहस छिड़ी। वेदप्रकाश शर्मा ने कहा- फाइल कहां है? शाहीन खान ने कहा- लेखा शाखा गई थी, फिर मेरे पास नहीं आई। आयुक्त बोले- मेरे पास भी नहीं? ईई ईश्वरसिंह चंदेली ने बताया कि विभाग में फाइल नहीं है। मैंने जांच कराई, संतोषजनक जवाब नहीं मिला। एफआईआर के लिए लिखा है।

विधायक से जोड़ा जा रहा है ये पूरा मसला
नर्मदा जल में मीटर के मुद्दे पर विधायक देवेंद्र वर्मा और महापौर सुभाष कोठारी के बीच मतभेद हैं। परिषद सम्मेलन को भी उसी से जोडक़र देखा जा रहा है। अध्यक्ष शर्मा सहित एमआईसी सदस्य वेदप्रकाश, पार्षद निलेश निदाने, नितिश बजाज, दीपा सोनी, शिवराज मेहता को उन्हीं के गुट से जोडक़र देखा जाता है।

...जब महापौर ने ईई को याद दिलाए ईएनसी के निर्देश
नई पाइपलाइन डाले जाने के बाद नल कनेक्शन दिए जाने तक सडक़ दुरूस्तीकरण नहीं करने के मुद्दे पर बात उठी तो ईई ईश्वरसिंह चंदेली ने एमआईसी सदस्य वेदप्रकाश शर्मा से कहा कि कल से सडक़ का काम शुरू करा देंगे। इस पर महापौर ने ईई से कहा कि अगर आप एेसा करा रहे हो तो लिखित में दे दो, या फिर इंजीनियर इन चीफ पीके कटारे के निर्देश पढ़ लो।

खाली हाथ आए थे महापौर, भृत्य ले गया सूटकेस
सम्मेलन में महापौर कोठारी खाली हाथ आए, उन्होंने कहा कि बजट का सूटकेस तो यथास्थिति है। सम्मेलन स्थगित हुआ तो फिर भृत्य कुछ इस प्रकार सूटकेस को लेकर वापस गया।

- मैंने पीड़ा बयां नहीं की
सम्मेलन में मैंने आयुक्त से ये कहा कि वे अपने अधिकार क्षेत्र का काम करे। महापौर को लेकर कोई दिक्कत नहीं है। मैंने अपनी पीड़ा बयां नहीं की, वास्तविकता से रूबरू कराया। १० घंटे का प्रश्नकाल नहीं हुआ है। विपक्ष व सत्ता पक्ष के पार्षदों के प्रश्न लगे हैं, उन्हीें पर चर्चा चल रही थी। शहर हित के मुद्दे थे। अगली तारीख जल्द तय करेंगे।
रामगोपाल शर्मा, अध्यक्ष, ननि

अमित जायसवाल Reporting
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