नर्मदा ने दिखाया रौद्र रूपः खतरे के निशान से ऊपर नर्मदा, इंदौर-इच्छापुर हाइवे बंद

इंदिरा सागर बांध के सभी 20 गेट खोले और ओंकारेश्वर बांध के 21 गेट खोल छोड़ा जा रहा पानी, नर्मदा का जलस्तर 165 मीटर के पार पहुंचा, उधर, इंदिरा सागर बांध से पानी छोड़े जाने के कारण पुनासा-भोपाल मार्ग पर बने पुल पर वाहनों की आवाजाही पर लगाया प्रतिबंध

खंडवा. ऊपरी इलाकों में हो रही लगातार भारी बारिश और तवा, बरगी बांध से छोड़ा गया पानी इंदिरा सागर बांध में पहुंच गया है। इससे बांध का जलस्तर बढ़ा है। जलस्तर नियंत्रण करने प्रबंधन ने शनिवार को इंदिरासागर बांध के सभी 20 गेट खोल दिए हैं। जिनसे 26 हजार 800 क्यूमेक्स पानी छोड़ा जा रहा है। यह पानी ओंकारेश्वर में पहुंचने से बांध जलस्तर बढ़ा है। इस कारण ओंकारेश्वर बांध के 21 गेट खोलकर 24 हजार 294 क्यूमेक्स पानी छोड़ा जा रहा है। इससे नर्मदा उफान पर है। नर्मदा खतरे के निशान से एक मीटर ऊपर बह रही हैं। शनिवार शाम को नर्मदा का जलस्तर 165 मीटर पर पहुंच गया। नर्मदा का लगातार बढ़ता जलस्तर प्रशासन ने इंदौर-इच्छापुर हाइवे स्थित नर्मदा पर बने मोरटक्का पुल पर वाहनों की आवाजाही बंद कर दी है। प्रशासन ने शनिवार सुबह करीब 10 बजे भारी वाहनों का पुल से आवागमन बंद किया। वहीं नर्मदा का पानी पुल को छूने पर शाम करीब 4 बजे दो पहिया वाहनों पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया। वहीं खंडवा से इंदौर जाने वाले वाहनों को डॉयवर्ट रूट देशगांव और इंदौर की ओर से आने वाले वाहनों को तेजाजी नगर से डॉयवर्ट किया गया है। उधर, इंदिरा सागर बांध से पानी छोड़े जाने के चलते पुनासा-भोपाल मार्ग पर पुनासा में बने पुल पर वाहनों की आवाजाही पर प्रतिबंध लगाया गया है। पुल बंद होने से दोनों ओर वाहनों की कतार लगी हुई है।
शिव के द्वार पहुंची नर्मदा, मंदिर हुई जलमग्न
ओंकारेश्वर में बांध के गेट खुलने से नर्मदा ने इस सीजन में पहली बार अपना रौद्र रूप दिखाया है। नर्मदा का जल परिक्रमा पथ तक पहुंच गया है। इस कारण परिक्रमा पथ पर लोगों की आवाजाही रोक दी गई है। वहीं घाटों पर बने मंदिर जलमग्न हो गए हैं। इसके अलावा घाट पर बने शिव मंदिर में नर्मदा का जल पहुंच गया। वहीं शाम 5 बजे नर्मदा का जलस्तर 165 मीटर पहुंच गया है, जो खतरे के निशान से एक मीटर ज्यादा है। नर्मदा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। देर रात तक पानी पुल के ऊपर पहुंचने की संभावना बनी हुई है।
इंदौर, भोपाल मार्ग बंद, मोरटक्का पुल की मरम्मत कराई
लगातार हो रही बारिश और बांधों से छोड़े जा रहे पानी के कारण इंदौर-इच्छापुर हाइवे स्थित नर्मदा पर बने मोरटक्का पुल पर वाहनों का आवागमन बंद किया गया है। इस दौरान प्रशासन ने मोरटक्का पुल की सड़क पर बने गड्ढों की मरम्मत कराई है। वहीं डॉयवर्ट रूट देशगांव मार्ग पर वाहनों का दबाव बढऩे से जाम लगा रहा। उधर, पुनासा से सतवास होते हुए भोपाल जाने वाला मार्ग बंद है। पुनासा में पुल से वाहनों का आवागमन प्रतिबंधित है।
निचले इलाके कराए खाली, घाटों पर अलर्ट जारी
नर्मदा के बढ़ते जलस्तर को देख प्रशासन के अफसर सक्रिय हो गए हैं। पुनासा एसडीएम डॉ. ममता खेड़े और तहसीलदार उदय मंडलोई ने शनिवार शाम नर्मदा किनारे के क्षेत्रों में दौरा किया। इस दौरान निचली इलाकों के रहवासियों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। वहीं आश्रम, मकान सहित जिन क्षेत्रों में पानी भरने की संभावना है उन्हें खाली कराया गया। घाटों पर एनाउंसमेंट कर लोगों को अलर्ट किया जा रहा है। नावों को सुरक्षित स्थानों पर बांधा गया है।

एक्वाडक्ट पुल से छोटे वाहनों को निकाला
मोरटक्का पुल बंद होने के बाद प्रशासन ने वैकल्पिक मार्ग के रूप में एक्वाडक्ट पुल से वाहनों की आवाजाही शुरू कराई है। इस मार्ग से छोटे वाहनों को निकाला जा रहा है। रास्ता खस्ताहाल और पुल क्षतिग्रस्त होने के संदेह में एक्वाडक्ट से भारी वाहनों की आवाजाही पर प्रतिबंध लगाया गया है। इस समय एक्वाडक्ट से कार, तीन पहिया और बाइकों को निकाला जा रहा है।
इन मार्गों से कर सकते आवागमन
1. डॉयवर्ट रूट: खंडवा से होशंगाबाद, भोपाल जाने के लिए वाहन चालक खंडवा से जावर, सहेजला, हरसूद, छनेरा होते हुए होशंगाबाद पहुंच सकते हैं।
2. डॉयवर्ट रूट: खंडवा से होशंगाबाद भोपाल के लिए वाहन चालक खंडवा से बीड़, सहेजला, हरसूद, खिरकिया, हरदा होते हुए होशंगाबाद व भोपाल पहुंच सकते हैं।
3. डॉयवर्ट रूट: खंडवा से इंदौर जाने के लिए वाहन चालक खंडवा से देशगांव होते हुए खरगोन के रास्ते भीकनगांव, खलघाट से तेजाजी नगर इंदौर पहुंच सकते हैं।
टरबाइन बंद, गेटों से छोड़ा 24 हजार 294 क्यूमेक्स पानी
ओंकारेश्वर बांध के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रबंधन ने टरबाइन का संचालन बंद कर दिया है। इस समय ओंकारेश्वर बांध के 21 गेटों को कुल 111 मीटर की ऊंचाई तक खोलकर 24 हजार 294 क्यूमेक्स पानी छोड़ा जा रहा है। ठीक इसी तरह इंदिरा सागर बांध के सभी 20 गेटों को खोला गया है। इसमें 12 गेटों को आठ मीटर और आठ गेटों को दो मीटर की ऊंचाई तक खोलकर 24 हजार 960 क्यूमेक्स और टरबाइन से 1840 क्यूमेक्स पानी छोड़ा जा रहा है।

जितेंद्र तिवारी Reporting
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