scriptOne thousand vehicles daily, toll tax of Rs 12.64 crore in 136 days | रोजाना एक हजार वाहन, 136 दिन में 12.64 करोड़ का टोल टैक्स | Patrika News

रोजाना एक हजार वाहन, 136 दिन में 12.64 करोड़ का टोल टैक्स

locationखंडवाPublished: Feb 01, 2024 12:27:59 pm

पुल के नाम टोल का खेला...
रोजाना 9.30 लाख रुपए टोल चुका रहे इंदौर-खंडवा के बीच भारी वाहन
-इंदौर-इच्छापुर हाइवे पर एक भी टोल नहीं, इंदौर-खरगोन के बीच दो टोल
-मिलीभगत के चलते जांच के बाद भी पेश नहीं की जा रही रिपोर्ट

रोजाना एक हजार वाहन, 136 दिन में 12.64 करोड़ का टोल टैक्स
खंडवा. इंदौर से खंडवा के लिए आने वाले भारी वाहनों को खलघाट पर चुकाना पड़ रहा टोल।
मोरटक्का पुल सवा चार माह से भारी वाहनों के लिए बंद है। इंदौर-इच्छापुर हाइवे से आने वाले भारी वाहन लंबे रास्ते से आ-जा रहे है। इससे दो जिलों की अर्थ व्यवस्था तो प्रभावित हो ही रही है, उपभोक्ताओं की जेब भी हल्की हो रही है। इधर दौरान इंदौर-इच्छापुर हाइवे से गुजरने वाले भारी वाहन साढ़े 12 करोड़ से ज्यादा का टोल चुका चुके हैं। जबकि सीधे रास्ते आने पर टोल नहीं लगता है। यहीं नहीं, खंडवा-इंदौर के लिए आने जाने पर 6 हजार रुपए का अतिरिक्त डीजल, 100 किमी का लंबा फेरा और तीन घंटे का समय भी ज्यादा लग रहा है।
पिछले साल सितंबर में बारिश से क्षतिग्रस्त हुए मोरटक्का पुल से भारी वाहनों का आवागमन प्रतिबंधित है। पिछले सवा चार माह से भारी वाहन खंडवा-बुरहानपुर, महाराष्ट्र के लिए इंदौर-व्हाया, राऊ, खलघाट, खरगोन होते हुए खंडवा-बुरहानपुर जा रहे है। इस दौरान इंदौर-खरगोन के बीच दो स्थानों राऊ, खलघाट पर टोल भी चुकाना पड़ रहा है। औसतन रोज इंदौर, खंडवा, बुरहानपुर, महाराष्ट्र के लिए एक हजार से ज्यादा भारी वाहनों का आवागमन हो रहा है। एक वाहन को टोल का करीब 930 रुपए लगता है। रोजाना एक हजार वाहन के मान से 9.30 लाख रुपए टोल वाहन चालकों को देना पड़ रहा है। पुल करीब 136 दिन से बंद है, जिसके चलते अब तक इंदौर-इच्छापुर से गुजरने वाले वाहन खलघाट से होते हुए आने के लिए 12.64 करोड़ 50 हजार रुपए टोल के दे चुके है।
दो जिले की अर्थ व्यवस्था भी प्रभावित
इकोनामिस्ट एक्सपर्ट का मानना है कि व्यापार में लगने वाली लागत का भार उपभोक्ता पर पड़ता है, व्यापार में जितनी लागत बढ़ती है, उतनी कीमत भी बढ़ती है। खंडवा-बुरहानपुर से पेट्रोलियम पदार्थ, खाद्य सामग्री सहित अन्य माल इंदौर से ट्रांसपोर्ट के जरीए आता है। पुल पर प्रतिबंध होने से ट्रक खलघाट-खरगोन होते हुए खंडवा-बुरहानपुर आ रहे हैं, जिसके लिए 6 हजार का अतिरिक्त डीजल आने-जाने में लग रहा है। इससे खाद्य सामग्री सहित अन्य उत्पादों की कीमत भी बढ़ी है।
सरकार को भी हो रहा नुकसान
पेट्रोलियम पदार्थों की सप्लाय वाहन लंबे रास्ते से खंडवा-बुरहानपुर आने के कारण पेट्रोल-डीजल के भाव भी अन्य शहरों से यहां 1.38 रुपए ज्यादा है। महाराष्ट्र में डीजल मप्र से सस्ता है, लेकिन खंडवा-बुरहानपुर के मुकाबले 2.75 रुपए का अंतर है, जिसके चलते ट्रांसपोट्र्स महाराष्ट्र से ही डीजल ले रहे है। एक बार में 40 लीटर डीजल लेने पर ट्रांसपोट्र्स को सीधे 1100 रुपए की बचत हो रही है। वहीं, डीजल पर मिलने वाला टैक्स महाराष्ट्र सरकार के खाते में जा रहा है।

एक्सपर्ट व्यूह...
कांक्रीट कर बढ़ा सकते है लोड
रेलवे के कई ब्रिज 100-100 साल पुराने है, जिनका आधुनिक तकनीक से लोड क्षमता बढ़ाई गई है। नॉन डिस्टरबेंस टेस्ट कर इसकी लोड क्षमता चेक करने के बाद मोरटक्का पुल पर मरम्मत की जा सकती है। सरीए का जाल बनाकर मर्च कांक्रीट से शटरिंग की जा सकती है। कांक्रीट कोट करने से मेन स्ट्रक्चर सलामत रहेगा और इसकी लोड क्षमता भी बढ़ जाएगी। नया पुल बनने तक इस पुल पर से वाहन निकाले जा सकते है। इस पुल को भारी वाहनों के लिए खोलकर जनता को आर्थिक बोझ से भी मुक्ति मिलेगी।
अमन अग्रवाल, ब्रिज स्ट्रक्चर इंजीनियर


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