आठ दिन में पहुंचेंगे उज्जैन, ओंकारजी और बाबा महाकाल को जल चढ़ाएंगे कावडि़ए पंधाना से 24वीं बोल बम कावड़ यात्रा रवाना

आठ दिन में पहुंचेंगे उज्जैन, ओंकारजी और बाबा महाकाल को जल चढ़ाएंगे कावडि़ए पंधाना से 24वीं बोल बम कावड़ यात्रा रवाना
आठ दिन में पहुंचेंगे उज्जैन, ओंकारजी और बाबा महाकाल को जल चढ़ाएंगे कावडि़ए पंधाना से 24वीं बोल बम कावड़ यात्रा रवाना

Riyaz Sagar | Updated: 26 Jul 2019, 09:05:08 PM (IST) Khandwa, Khandwa, Madhya Pradesh, India

शुक्रवार सुबह राधाकृष्ण मंदिर से रवाना हुई कावड़ यात्रा का करीब 11 बजे मणि मंदिर से बस स्टैंड पहुंचने पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पुष्पवर्षा से स्वागत किया। रास्ते में सतीश जायसवाल की ओर से जलपान कराया गया। गांधी चौक में शंकर मंदिर के दर्शन के बाद बाजार चौक होते हुए लक्ष्मी नारायण मंदिर पहुंची। खंडवा रोड पर सुनील जायसवाल के निवास पर मंदिर दर्शन कर सभी कांवडिय़ों का तिलक लगाकर स्वागत किया। समीर स्टील फर्नीचर पर भी कावडि़यों को जलपाल कराया। यात्रा बिजासन बाबा के मजार के पास रुकी और यहां सभी ने बाबा के दर्शन किए। परिजनों ने दुलार फाटे तक कांवडिय़ों को छोड़ा। कावड़ यात्रियों ने देशगांव में रात्रि विश्राम किया।

पंधाना. जय महाकाल मित्र मंडल की ओर से 80 कावडिय़ों की 24वीं बोल बम कावड़ यात्रा शुक्रवार को रवाना हुई। आठ दिवसीय यात्रा के लिए कांवडि़ए सुबह 8 बजे राधाकृष्ण मंदिर पर एकत्रित हुए। इस अवसर पर कांग्रेस नेत्री छाया मोरे ने कांवडिय़ों के साथ पूजा-अर्चना की। जय महाकाल मित्र मंडल संयोजक सुनील जायसवाल के नेतृत्व में पंधाना से ओमकारेश्वर और उज्जैन की कावड़ यात्रा रवाना हुई। नगर में जगह-जगह यात्रा का स्वागत किया गया। परिजन और नगरवासी यात्रा को दुलार फाटे तक छोडऩे गए।

शुक्रवार सुबह राधाकृष्ण मंदिर से रवाना हुई कावड़ यात्रा का करीब 11 बजे मणि मंदिर से बस स्टैंड पहुंचने पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पुष्पवर्षा से स्वागत किया। रास्ते में सतीश जायसवाल की ओर से जलपान कराया गया। गांधी चौक में शंकर मंदिर के दर्शन के बाद बाजार चौक होते हुए लक्ष्मी नारायण मंदिर पहुंची। खंडवा रोड पर सुनील जायसवाल के निवास पर मंदिर दर्शन कर सभी कांवडिय़ों का तिलक लगाकर स्वागत किया। समीर स्टील फर्नीचर पर भी कावडि़यों को जलपाल कराया। यात्रा बिजासन बाबा के मजार के पास रुकी और यहां सभी ने बाबा के दर्शन किए। परिजनों ने दुलार फाटे तक कांवडिय़ों को छोड़ा। कावड़ यात्रियों ने देशगांव में रात्रि विश्राम किया।
शनिवार का रात्रि विश्राम सनावद को होगा। इसके बाद ओमकारेश्वर, बड़वाह होकर कावड़ यात्रा इंदौर, सांवेर के रास्ते उज्जैन पहुंचंेगे। यहां बाबा महाकाल को जल चढ़ाकर कावडि़ए आठ दिन में वापस पंधाना लौटेंगे।

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