रूस्तमपुर में दिनदहाड़े लूट के 24 घंटे बाद भी पुलिस के हाथ खाली

पंधाना थाना क्षेत्र की बोरगांव चौकी अंतर्गत इंदौर-इच्छापुर हाइवे पर ग्राम रूस्तमपुर में दिनदहाड़े हुई लूट की घटना के २४ घंटे बाद भी पुलिस के हाथ खाली है।

By: harinath dwivedi

Published: 08 Apr 2021, 10:30 AM IST

खंडवा. पंधाना थाना क्षेत्र की बोरगांव चौकी अंतर्गत इंदौर-इच्छापुर हाइवे पर ग्राम रूस्तमपुर में दिनदहाड़े हुई लूट की घटना के २४ घंटे बाद भी पुलिस के हाथ खाली है। पुलिस हाइवे पर स्थित दुकानों और होटलों में लगे सीसीटीवी फुटेज खंगालने में लगी हुई है। पुलिस ने खुफिया तंत्र को भी लगाया हुआ है, लेकिन सफलता दूर नजर आ रही है। दिनदहाड़े हुई लूट की घटना से क्षेत्र में अब भी दहशत व्याप्त है।
मंगलवार दोपहर को हाइवे पर स्थित रूस्तमपुर में शिक्षक सुरेश गुप्ता के घर चार नकाबपोश बदमाशों ने दिनदहाड़े लूट की घटना को अंजाम दिया था। हथियारों के बल पर चारों बदमाशों ने सुरेश गुप्ता की पत्नी मीना गुप्ता और नौकर दंपति को बंधक बनाकर करीब १५ लाख रुपए के गहने और नकदी लूट कर फरार हो गए थे। घटना के बाद निमाड़ रेंज डीआइजी और पुलिस अधीक्षक भी मौके पर पहुंचे थे। इस दौरान पुलिस ने रूस्तमपुर बस स्टैंड पर मौजूद एक दुकान में लगे सीसीटीवी फुटेज में दो बाइक पर सवार चार संदिग्धों को डुल्हार फाटे की ओर जाते देखा था। इसी आधार पर पुलिस अब बदमाशों के भागने के रास्तों की जांच कर रही है।
बुधवार को बोरगांव पुलिस ने रूस्तमपुर से डुल्हार, खंडवा और छैगांवमाखन की ओर जाने वाले हाइवे के सभी रास्तों पर मौजूद दुकानों, होटल, ढाबों पर लगे सीसीटीवी फुटेज देखे। इस दौरान पुलिस को किसी भी सीसीटीवी फुटेज में संबंधित संदिग्ध नहीं दिख रहे है। अंदाजा लगाया जा रहा है कि बदमाश रूस्तमपुर से निकलने के बाद कच्चे रास्ते से भागे होंगे। बोरगांव चौकी प्रभारी जगदीश सिंग सिद्यिया ने बताया कि मामले में जांच जारी है। सीसीटीवी फुटेज भी देखे जा रहे है। कुछ संदिग्धों से पूछताछ भी जारी है।
पूरे मामले में आशंका जताई जा रही है कि बदमाशों को सुरेश गुप्ता के घर में रखे जेवर की पूरी जानकारी थी। लूट के दौरान घर की तलाशी लेने के बाद बदमाशों ने सीधे बिस्तर पेटी में रखे गहने निकाले थे। संभवत: बदमाशों ने इस मामले में रैकी भी कर रखी थी। वहीं, बदमाश लूट की घटना के दौरान बार-बार सुरेश गुप्ता की पत्नी से ठेकेदार के बारे में पूछ रहे थे। ठेकेदार के नाम पर भी पुलिस को संशय है, अंदाजा लगाया जा रहा है कि मामले में पुलिस को गुमराह करने के लिए ठेकेदार का नाम लिया जा रहा था।

harinath dwivedi Editorial Incharge
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned