निजी स्कूल पालकों से भरवा रहे फार्म, बच्चा बीमार हुआ तो हमारी जिम्मेदारी नहीं

-बच्चों को लाना होगा सैनेटाइजर, खुद की जिम्मेदारी पर भेजेंगे पालक
-निजी स्कूल संचालक ऑन लाइन पढ़ाई का हवाला देकर मांग रहे फीस
-पालकों में रोष, इकटï्ठा होकर किया विरोध, सीएम से करेंगे शिकायत

खंडवा.
कोरोना संक्रमण काल में पिछले पांच माह से शासकीय, निजी स्कूल बंद पड़े हुए है। अब निजी स्कूल संचालक बच्चों के पालकों पर दबाव बनाकर स्कूल खोलने की तैयारी में है। वहीं, पिछले तीन माह की फीस का भी दबाव निजी स्कूल संचालकों द्वारा पालकों पर बनाया जा रहा है। वहीं, स्कूल में आने पर बच्चे को कुछ होता है तो उसकी जिम्मेदारी पालक की रहेगी, इस तरह के फार्म भी पालकों से भरवाए जा रहे है। निजी स्कूलों की मनमानी के विरोध में रविवार को पालकों ने स्टेडियम ग्राउंड में एकत्रित होकर अपना रोष प्रकट किया।
खंडवा पालक संघ सहित विभिन्न निजी स्कूलों के विद्यार्थियों के पालकों ने निजी स्कूलों की मनमानी के विरोध में एकजुट होकर फीस नहीं भरने का निर्णय लिया है। साथ ही निजी स्कूलों द्वारा की जा रही मनमानी की शिकायत भी मुख्यमंत्री के 23 तारीख को होने वाले दौरे के दौरान की जाएगी। एक पालक ने बताया कि शनिवार को उनके वाटसएप पर मैसेज भेजकर स्कूल बुलवाया गया था। यहां उनके साथ अन्य पालक भी पहुंचे थे। निजी स्कूल संचालक द्वारा ऑन लाइन पढ़ाई का हवाला देते हुए जुलाई से सितंबर तीन माह की 10800 रुपए फीस मांगी गई। पालक का कहना था कि जब पढ़ाई ही नहीं हुई तो फीस कैसी। वहीं, स्कूल प्रबंधन का तर्क था कि ऑन लाइन पढ़ाई कराई जा रही है, इसलिए फीस ले रहे हैं।
स्कूल खोलने की तैयारी में प्रबंधक
पालक संघ के कौशल मेहरा ने बताया कि निजी स्कूल प्रबंधक अपने स्कूल खोलने की तैयारी में है। पालकों को बुलवाकर एक फार्म दिए जा रहे है, जिसमें ये लिखा है कि पालक अपनी जिम्मेदारी पर बच्चों को स्कूल भेजेंगे। बच्चों को अपने साथ सैनेटाइजर भी लाना होगा। यदि बच्चा बीमार पड़ता है तो उसकी जिम्मेदारी पालकों की होगी, न कि स्कूल प्रबंधन की। कौशल मेहरा ने बताया कि पहले तो जबरदस्ती स्कूल खोले जा रहे हैं। शासन के साफ निर्देश है कि 9वीं से 12वीं तक के कुछ बच्चों को सिर्फ मार्गदर्शन के लिए स्कूल में बुलवाया जाए, लेकिन स्कूल प्रबंधन मनमानी करते हुए पहली कक्षा से बच्चों को बुलवा रहे हैं। आनंद नगर क्षेत्र की एक निजी स्कूल तो मंगलवार से परीक्षा भी आयोजित कर रही है, जो सरासर नियमों के विरुद्ध है।
टीचर्स खुद भी पालक, बताएं बच्चे पढ़ते हैं ऑनलाइन
महिला पालक ने बताया कि बच्चों को ऑन लाइन पढ़ाई का हवाला देकर स्टेडियम ग्राउंड के पास स्थित एक स्कूल द्वारा फीस भरने का दबाव बनाया जा रहा है। ऑन लाइन पढ़ाई में टीचर्स से ज्यादा तो मां को पढ़ाना पड़ रहा है। ऑन लाइन पढ़ाई के दौरान कभी टीचर्स माइक बंद कर लेती हैं, तो कभी स्क्रीन से ही गायब हो जाती है। टीचर्स खुद भी पालक है, बताएं कि क्या बच्चे ऑन लाइन पढ़ाई करते हैं। आनंद नगर क्षेत्र की एक स्कूल ने तो शनिवार को बच्चों व पालकों को स्कूल बुलवाया और पालकों को स्कूल में भी प्रवेश नहीं करने दिया। बच्चों पर स्कूल से नाम काटने की धमकी दी जा रही है। पालक संघ के कौशल मेहरा ने बताया कि इस मामले में डीइओ से चर्चा की है, उन्होंने सभी स्कूल संचालकों व पालकों को बुलाकर साथ बैठकर चर्चा करने की बात कही हैं। सभी पालकों ने फिलहाल ये निर्णय लिया है कि अभी फीस नहीं भरी जाएगी।

मनीष अरोड़ा Bureau Incharge
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