ऐसा क्या हुआ कि तहसीलदार को सब के सामने बाबू को गले लगाकर मांगना पड़ी माफी

ऐसा क्या हुआ कि तहसीलदार को सब के सामने बाबू को गले लगाकर मांगना पड़ी माफी

Rahul Gangwar | Publish: Jul, 14 2018 12:03:07 PM (IST) Khandwa, Madhya Pradesh, India

बाबू हुआ भावुक कर दिया माफ

खंडवा. जनसुनवाई में थप्पड़ की गूंज और गुंजती इससे पहले ही तहसीलदार ने मामले को माफी मांग कर शांत कर दिया। कलेक्टोरेट में हुए थप्पड़ कांड का शुक्रवार को पटाक्षेप हो गया। लिपिक को थप्पड़ मारने वाले तहसीलदार ने सार्वजनिक रूप से लिपिक को गले लगाकर माफी मांगी। लिपिक ने भी तहसीलदार को माफ करते हुए मामले को विराम दे दिया।
जनसुनवाई में दिव्यांगों के लिए अलग से काउंटर बनाया गया था। जिसका प्रभार तहसीलदार प्रतापसिंह अगास्या को सौंपा गया था। काउंटर पर सामाजिक न्याय विभाग के सहायक ग्रेड ३ मदनलाल अग्रवाल की भी ड्यूटी थी।
आवेदन लेने की बात पर हुए विवाद में तहसीलदार ने सामाजिक न्याय विभाग के लिपिक को थप्पड़ जड़ दिया था। शुक्रवार को इस घटना को मप्र लिपिक वर्गीय शासकीय कर्मचारी संघ द्वारा कलेक्टर को ज्ञापन देकर तहसीलदार के खिलाफ कार्रवाई की मांग करने वाले थे। इससे पहले कि संघ के पदाधिकारी, सदस्य कलेक्टर तक पहुंचते, तहसीलदार ने उन्हें बुलवा लिया।


सबके सामने लगाया गले
शुक्रवार शाम 4.30 बजे संघ के 300 से ज्यादा कर्मचारी जिला कोषालय के पास ज्ञापन देने के लिए इकट्ठा हो गए। इस दौरान एसडीएम संजीव केशव पांडेय का संदेश लेकर पटवारी संघ के अध्यक्ष अश्विन सैनी वहां पहुंचे और बताया कि तहसीलदार माफी मांगना चाहते है। जिसके बाद लिपिक मदनलाल अग्रवाल के साथ संघ के पदाधिकारी तहसीलदार कार्यालय पहुंचे। यहां तहसीलदार प्रतापसिंह अगास्या ने अपनी मंशा बताई। लिपिक का कहना था सार्वजनिक रूप से माफी मांगें। जिसके बाद तहसीलदार बाहर निकले और सभी कर्मचारियों के सामने लिपिक को गले लगाकर माफी मांगी। लिपिक ने कहा माफी से बड़ी कोई बात नहीं, इसलिए अब मामले को बढ़ावा नहीं देंगे। इस मौके पर संघ जिला अध्यक्ष अजय तिवारी, लिपिक संघ पदाधिकारी शिव चंद्रयान, सुमेरसिंग सोलंकी, अश्विनी सैनी, बीडी मौर्य, बलराज यादव, नंदकिशोर मराठे, श्रीकांत सकरगये, जयराम तीर्थानी सहित पुरुष व महिला पदाधिकारी उपस्थित थे।

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